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Cancer prevention foods : कैंसर से बचाव के लिए लोग क्या नहीं करते हैं. हालांकि सिर्फ किसी एक चीज पर निर्भर रहना सही नहीं है. खान-पान, रोज की शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और धूम्रपान-शराब से दूरी भी जरूरी है. लोकल 18 से ऋषिकेश के आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार बताते हैं कि हल्दी, अंबा हल्दी, अदरक, लहसुन, नीम, तुलसी और दालचीनी जैसी जड़ी-बूटियां और मसाले हमारी रसोई में लंबे समय से इस्तेमाल होते रहे हैं. हल्दी में करक्यूमिन नाम का यौगिक पाया जाता है, जिसमें कैंसर समेत कई दिक्कतों से निपटने के गुण हो सकते हैं. अदरक का इस्तेमाल चाय से लेकर सब्जी और काढ़े तक में खूब होता है.
ऋषिकेश. कैंसर से बचाव के लिए सिर्फ किसी एक चीज पर निर्भर रहना सही नहीं है. खान-पान, रोज की शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और धूम्रपान-शराब से दूरी जैसी आदतें लंबे समय में सेहत पर असर डालती हैं. इसी वजह से आजकल लोग अपनी डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करने पर भी ध्यान दे रहे हैं, जिनमें प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और दूसरे सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं. लोकल 18 से ऋषिकेश के आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार बताते हैं कि हल्दी, अंबा हल्दी, अदरक, लहसुन, नीम, तुलसी और दालचीनी जैसी जड़ी-बूटियां और मसाले भारतीय रसोई में लंबे समय से इस्तेमाल होते रहे हैं. इन चीजों में मौजूद कुछ यौगिकों को लेकर वैज्ञानिक शोध भी हुए हैं. हल्दी भारतीय खाने का एक आम मसाला है. इसमें करक्यूमिन नाम का प्रमुख यौगिक पाया जाता है, जिस पर कैंसर समेत कई स्वास्थ्य स्थितियों को लेकर शोध हुए हैं. लैब और कुछ शुरुआती अध्ययनों में करक्यूमिन के एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले प्रभावों को देखा गया है. यही वजह है कि हल्दी को सेहत के लिए फायदेमंद मसालों में गिना जाता है.
डॉ. राजकुमार बताते हैं कि अंबा हल्दी को भी पारंपरिक तौर पर कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है. इसमें भी प्राकृतिक सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों को लेकर अध्ययन किए गए हैं. अदरक का इस्तेमाल चाय से लेकर सब्जी और काढ़े तक में खूब होता है. इसमें जिंजरोल जैसे सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं. वैज्ञानिक अध्ययनों में अदरक के एंटीऑक्सीडेंट और सूजन से जुड़े प्रभावों पर बात की गई है. कुछ प्रयोगशाला अध्ययनों में इसके यौगिकों ने कैंसर कोशिकाओं पर भी असर दिखाया है.
लहसुन में सल्फर
डॉ. राजकुमार के अनुसार, लहसुन में सल्फर यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एलिसिन प्रमुख है. लहसुन के सेवन और कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम के बीच संबंध को लेकर अलग-अलग शोध हुए हैं. नीम और तुलसी का इस्तेमाल भारतीय पारंपरिक चिकित्सा में लंबे समय से होता आया है. दोनों पौधों में कई जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए रामबाण हैं.