Indira Ekadashi 2026 Muhurat: 4 शुभ योग में इंदिरा एकादशी, लाभ-उन्नति मुहूर्त में करें पूजा, हरि कृपा से पितरों को मिलेगा मोक्ष!

Indira Ekadashi 2026 Muhurat: 4 शुभ योग में इंदिरा एकादशी, लाभ-उन्नति मुहूर्त में करें पूजा, हरि कृपा से पितरों को मिलेगा मोक्ष!


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4 शुभ योग में इंदिरा एकादशी, लाभ-उन्नति मुहूर्त में करें पूजा, पितरों को मोक्ष

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Indira Ekadashi 2026 Muhurat: 6 अक्टूबर को इंदिरा एकादशी का व्रत है. उस दिन 4 शुभ योग बन रहे हैं, जिसमें सिद्ध योग, साध्य योग, शुभ योग और सर्वार्थ सिद्धि योग शामिल हैं. सर्वार्थ सिद्धि योग सबसे उत्तम योग है. इसमें पूजा पाठ, शुभ कार्य करने से वह सफल होता है. इस दिन पूजा से ​पितरों को मोक्ष मिलता है.

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इंदिरा एकादशी 2026 मुहूर्त. (Photo: AI)

Indira Ekadashi 2026 Muhurat: आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी ​को इंदिरा एकादशी के नाम से जानते हैं. इस साल इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर दिन मंगलवार को है. यह आश्विन माह की पहली एकादशी व्रत है. इस दिन 4 शुभ योग बन रहे हैं, जिसमें विष्णु पूजा के समय सर्वार्थ ​सिद्धि योग बनेगा, वहीं आप पूजा लाभ-उन्नति मुहूर्त में कर सकते हैं. यह व्रत पितृ पक्ष में पड़ता है, पितरों के उद्धार के लिए यह काफी महत्वपूर्ण व्रत है. भगवान विष्णु की कृपा से पितरों को मोक्ष मिलता है.

इंदिरा एकादशी 2026 शुभ योग

  • इंदिरा एकादशी के दिन 4 शुभ योग बन रहे हैं, जिसकी वजह से यह दिन अत्यंत फलदायी हो गया है. इंदिरा एकादशी को सिद्ध योग, साध्य योग, शुभ योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं.
  • व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 06 बजकर 17 मिनट से बन रहा है और रात में 10 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. इस योग में किए गए शुभ कार्य सफल होते हैं. यह एक अत्यंत ही शुभ योग है.
  • व्रत के दिन सिद्ध योग प्रात:काल से बनेगा, जो सुबह 7 बजकर 20 ए एम तक रहेगा. इसके बाद से साध्य योग बनेगा, जो अगले दिन 7 अक्टूबर को प्रात: 05:00 ए एम तक है. फिर शुभ योग बनेगा.
  • इस व्रत का प्रारंभ सिद्ध योग और सर्वार्थ सिद्धि योग में होगा, पारण के सा​थ समापन शुभ योग में होगा.

इंदिरा एकादशी 2026 मुहूर्त

इंदिरा एकादशी व्रत पर भगवान विष्णु की पूजा आज सुबह में सूर्योदय के बाद से कर सकते हैं. उस दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:39 ए एम से 05:28 ए एम तक है. इस समय में स्नान आदि से निवृत होकर व्रत और पूजा का संकल्प करें. फिर विधिपूर्वक श्रीहरि की पूजा करें.

एकादशी की पूजा लाभ-उन्नति मुहूर्त 10:41 ए एम से 12:09 पी एम के बीच करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं. इससे पूर्व चर-सामान्य मुहूर्त 09:13 ए एम से 10:41 ए एम तक है, वहीं अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर में 12:09 पी एम से 01:37 पी एम तक रहेगा.

एकादशी का अभिजीत मुहूर्त 11:46 ए एम से लेकर दोपहर 12:33 पी एम तक है. यह दिन का शुभ समय है. कोई काम करना हो तो यह समय भी अच्छा रहेगा.

एकादशी श्राद्ध का मुहूर्त 2026

एकादशी के दिन उन पितरों का श्राद्ध होगा, जिनका किसी भी मा​ह की एकादशी ति​थि को निधन हुआ है. एकादशी को श्राद्ध का समय दोपहर में रहेगा. उस दिन का कुतुप मुहूर्त 11:46 ए एम से 12:33 पी एम तक है, उसके बाद से रौहिण मुहूर्त है, जो 12:33 पी एम से 01:20 पी एम तक रहेगा. अपराह्न काल का समय 01:20 पी एम से 03:40 पी एम है, यह 2 घंटे 21 मिनट तक रहेगा. इस समय में आप अपने पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान आदि कर सकते हैं.

पितरों के मोक्ष का उपाय

सतयुग में महिष्मति नगरी के राजा इंद्रसेन के पिता यमलोक में कष्ट भोग रहे ​थे. उसका कारण था एकादशी व्रत का भंग होना. उन्होने नारद जी से अपने बेटे इंद्रसेन को संदेशा भेजा कि वो उनके लिए इंदिरा एकादशी का व्रत विधि विधान से करे, ताकि उनको मोक्ष मिल सके. तब राजा इंद्रसेन ने अपने पिता के नाम से संकल्प करके विधिपूर्वक इंदिरा एकादशी व्रत किया, जिससे व्रत का पुण्य उनको ​मिला. उसके प्रभाव से उनको मोक्ष की प्राप्ति हुई. भगवान विष्णु के लोक में स्थान मिला, राजा इंद्रसेन को व्रत के प्रभाव से स्वर्ग की प्राप्ति हुई.



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