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पर्सनल लोन की आखिरी EMI भरने के बाद क्रेडिट स्कोर तुरंत बढ़े, यह जरूरी नहीं है. बैंक या लेंडर को क्रेडिट ब्यूरो में लोन बंद होने की जानकारी अपडेट करने में 30 से 45 दिन लग सकते हैं. इस दौरान रिपोर्ट में पुराना बैलेंस या एक्टिव अकाउंट दिख सकता है. कभी-कभी स्कोर में मामूली गिरावट भी आ सकती है. लोन चुकाने के बाद No Dues Certificate जरूर लें और कुछ समय बाद रिपोर्ट चेक करें. इसके अलावा आपको क्या ध्यान रखना है, ये चेक कर लीजिए.
कई बार स्कोर में तुरंत कोई बदलाव नहीं होता और कुछ मामलों में थोड़ी गिरावट भी दिख सकती है.
पर्सनल लोन की आखिरी EMI भरते ही ज्यादातर लोगों को लगता है कि अब क्रेडिट स्कोर भी तुरंत बेहतर हो जाएगा. लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है. लोन का पूरा पैसा चुका देने के बाद भी क्रेडिट रिपोर्ट में कुछ समय तक पुरानी जानकारी दिखाई दे सकती है. कई बार स्कोर में तुरंत कोई बदलाव नहीं होता और कुछ मामलों में थोड़ी गिरावट भी दिख सकती है. इसका मतलब यह नहीं है कि लोन चुकाने का फायदा नहीं हुआ.
असल वजह यह है कि बैंक या वित्तीय संस्था को आपके लोन की नई स्थिति क्रेडिट ब्यूरो तक पहुंचाने में समय लग सकता है. इसलिए आखिरी EMI भरने के तुरंत बाद रिपोर्ट चेक करके परेशान होने की जरूरत नहीं है.
लोन चुकाने के बाद भी रिपोर्ट में क्यों दिखता है अकाउंट?
जब आप लोन की पूरी रकम चुका देते हैं, तो लोन अकाउंट बंद हो जाता है. लेकिन इसका रिकॉर्ड क्रेडिट रिपोर्ट से गायब नहीं होता. आपके पुराने लोन और EMI भुगतान का इतिहास रिपोर्ट का हिस्सा बना रहता है. इससे भविष्य में लोन देने वाली कंपनियों को आपके पुराने भुगतान व्यवहार की जानकारी मिलती है.
साथ ही, बैंक को लोन बंद होने की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को भेजनी होती है. इसमें आमतौर पर 30 से 45 दिन लग सकते हैं. इसलिए आखिरी EMI के तुरंत बाद रिपोर्ट देखने पर पुराना बैलेंस या एक्टिव अकाउंट दिख सकता है.
कभी-कभी स्कोर थोड़ा कम भी हो सकता है
लोन बंद होने के बाद क्रेडिट स्कोर में तुरंत बढ़ोतरी होना तय नहीं है. कुछ लोगों के स्कोर में थोड़ी अस्थायी गिरावट भी आ सकती है. खासकर तब, जब उनके पास पहले से बहुत कम क्रेडिट अकाउंट या सीमित क्रेडिट हिस्ट्री हो. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि लोन बंद होने से आपके क्रेडिट प्रोफाइल स्ट्रक्चर बदल जाती है. इसलिए केवल लोन बंद होने के बाद स्कोर में आए छोटे बदलाव को देखकर घबराने की जरूरत नहीं है.
‘Closed’ और ‘Settled’ में बड़ा फर्क
क्रेडिट रिपोर्ट में लोन की स्थिति जरूर चेक करें. Closed का मतलब है कि आपने लोन की पूरी रकम चुका दी है और अकाउंट पूरी तरह बंद हो गया है. वहीं Settled का मतलब अलग है. इसमें आमतौर पर उधारकर्ता ने पूरी बकाया रकम नहीं चुकाई और लेंडर के साथ कम रकम पर समझौता करके अकाउंट बंद किया. ऐसी स्थिति भविष्य में नया लोन या क्रेडिट लेने के दौरान परेशानी पैदा कर सकती है. इसलिए अगर आपने पूरा लोन चुका दिया है, तो यह जरूर देखें कि क्रेडिट रिपोर्ट में अकाउंट का स्टेटस ‘Closed’ ही दर्ज है.
आखिरी EMI के बाद ये काम जरूर करें
लोन खत्म होने के बाद कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए.
- बैंक या लेंडर से No Dues Certificate या Loan Closure Letter जरूर लें.
- लोन चुकाने के तुरंत बाद क्रेडिट रिपोर्ट चेक करने के बजाय करीब 30 से 45 दिन का समय दें.
- इसके बाद रिपोर्ट में अकाउंट का स्टेटस और बकाया रकम जांचें.
- अगर लोन अभी भी एक्टिव दिख रहा है या गलत रकम बकाया दिखाई दे रही है, तो पहले लेंडर से बात करें.
- इश्यू ठीक नहीं होने पर क्रेडिट ब्यूरो में केस फाइल कराया जा सकता है.
ध्यान रखें कि क्रेडिट ब्यूरो अपनी तरफ से लोन की जानकारी बदल नहीं सकता. सही बदलाव के लिए संबंधित लेंडर का कंफर्मेंशन जरूरी होता है.