उज्जैन में भारीभरकम मशीन लेकर पहुंचे ASI विशेषज्ञ, 2500 साल पुरानी वैश्य टेकरी पर क्या ढूंढ रहे? जानें

उज्जैन में भारीभरकम मशीन लेकर पहुंचे ASI विशेषज्ञ, 2500 साल पुरानी वैश्य टेकरी पर क्या ढूंढ रहे? जानें


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Ujjain News: उज्जैन के कनीपुरा रोड पर स्थित 2500 वर्ष पुरानी वैश्य टेकरी में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने सर्वेक्षण शुरू किया है. मौर्य सम्राट अशोक और बौद्ध स्तूप से जुड़ी इस राष्ट्रीय धरोहर के बेहतर संरक्षण, सुरक्षा और पर्यटन विकास की विस्तृत योजना सर्वे के बाद तैयार रिपोर्ट के आधार पर बनाई जाएगी.

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उज्जैन में वैश्य टेकरी पर एएसआई विशेषज्ञ सर्वे करने पहुंचे.

Ujjain News: उज्जैन की प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर वैश्य टेकरी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. कनीपुरा रोड पर स्थित करीब 2500 वर्ष पुरानी इस टेकरी पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने शोध और सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है. अत्याधुनिक उपकरणों के जरिए टेकरी के अलग-अलग हिस्सों की गहन जांच की जा रही है. माना जाता है कि इस ऐतिहासिक स्थल का सीधा संबंध सम्राट अशोक के काल से है.

बौद्ध स्तूप से जुड़ा समृद्ध इतिहास
उज्जैन की पवित्र धरती अपने प्राचीन इतिहास और पुरातात्विक धरोहरों के लिए देशभर में खास पहचान रखती है. इसी विरासत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा कनीपुरा रोड स्थित वैश्य टेकरी है. करीब 2500 वर्ष पुरानी इस टेकरी को बौद्ध स्तूप से जुड़ा ऐतिहासिक स्थल माना जाता है. यह स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में राष्ट्रीय महत्व के स्मारक के रूप में दर्ज है. अब इस प्राचीन धरोहर के इतिहास और इसके संरक्षण की संभावनाओं को लेकर ASI ने नए सिरे से अध्ययन शुरू किया है.

अत्याधुनिक मशीनों से जांच जारी
शुक्रवार को ASI की विशेषज्ञ टीम जरूरी उपकरणों के साथ वैश्य टेकरी पहुंची. टीम ने आधुनिक मशीनों और तकनीकी संसाधनों की मदद से टेकरी के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से सर्वे किया. सर्वे के दौरान जमीन और टेकरी की बनावट से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को समझने का प्रयास किया गया. साथ ही यहां मौजूद ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों का भी अध्ययन किया गया. इस धरोहर से बुद्धीश सोसाइटी के एचबी कटारिया का संदर्भ भी जुड़ा हुआ है. ASI की टीम शनिवार को भी वैश्य टेकरी पर अपना शोध और सर्वेक्षण कार्य जारी रखेगी.

संरक्षण और पर्यटन विकास की बनेगी योजना
सर्वेक्षण और शोध पूरा होने के बाद ASI की टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी. इसी रिपोर्ट के आधार पर वैश्य टेकरी के संरक्षण, सुरक्षा और भविष्य में इसके विकास को लेकर ठोस योजना तैयार की जाएगी. अगर इस ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाता है तो उज्जैन के पर्यटन मानचित्र पर एक और महत्वपूर्ण केंद्र जुड़ जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इसके बेहतर संरक्षण से देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सकता है. अब सभी की नजरें सर्वे के बाद आने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं.



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