BJP नेता की करंट लगने से हुई थी मौत, अब हुआ बड़ा एक्शन; जानें किस पर गिरी गाज

BJP नेता की करंट लगने से हुई थी मौत, अब हुआ बड़ा एक्शन; जानें किस पर गिरी गाज


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Bhopal News: भोपाल में भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी अपने परिवार के साथ शॉपिंग करने के लिए पहुंचे थे. फिर अचानक वह एक पोल की चपेट में आ गए थे, जिससे उन्हें करंट लग गया था. उन्हें बचाने की कोशिश हुई थी, लेकिन वह बच नहीं बच पाए थे. अब इस मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है और इंजीनियर सस्पेंड कर दिया है.

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भाजपा नेता की मौत के मामले में हुए एक्शन

Bhopal News: राजधानी भोपाल के पॉश इलाके डीबी मॉल के सामने भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की करंट लगने से मौत हो गई थी. बताया जा रहा है कि उन्होंने खंभे के तार को पकड़ा था और उसमें करंट फैल गया. इस दर्दनाक हादसे ने सभी को हिलाकर रख दिया था. मौत के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई हुई है, जब चार सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट सामने आते ही राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है.

सुमित सिंह हुए सस्पेंड और आशीष श्रीवास्तव पर भी गाज
प्रशासन द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने 2 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट भोपाल कलेक्टर को सौंपी. जांच रिपोर्ट में अधिकारियों की घोर लापरवाही और उदासीनता की पुष्टि हुई, जिसके तुरंत बाद कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया.नगर निगम प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उप-यंत्री (इंजीनियर) सुमित सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

इसके अलावा मामले में दूसरी बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है. नगर निगम के कार्यपालन यंत्री (Executive Engineer) आशीष श्रीवास्तव को सस्पेंड करने का प्रस्ताव नगरीय विकास एवं आवास विभाग (मंत्रालय) को भेज दिया गया है.

क्या था पूरा मामला?
बीती 27 सितंबर को डीबी मॉल के सामने से गुजरते वक्त बीजेपी युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी सड़क किनारे लगे एक खंभे से फैले करंट की चपेट में आ गए थे. हादसे के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. व्यस्त व्यावसायिक इलाके में इस तरह की जानलेवा लापरवाही ने नगर निगम के मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.

जांच में खुली लापरवाही की पोल
हादसे की जांच के लिए कलेक्टर स्तर पर चार सदस्यों की एक विशेष जांच कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी ने घटनास्थल का निरीक्षण, बिजली लाइनों के रखरखाव के दस्तावेज और अधिकारियों की कार्यशैली की पड़ताल की. पता चला कि संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर मेंटेनेंस न करने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ. इसके बाद एक्शन हुआ है.

(रिपोर्ट-रमाकांत दुबे)



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