Flydubai FZ1073 Latest Update :मां से जिद ना करती ये 6 साल की बच्ची तो क्रैश हो जाती फ्लाइट, कैप्टन स्मित को लड़ते देखा फिर चिल्लाई

Flydubai FZ1073 Latest Update :मां से जिद ना करती ये 6 साल की बच्ची तो क्रैश हो जाती फ्लाइट, कैप्टन स्मित को लड़ते देखा फिर चिल्लाई


दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबाई की फ्लाइट FZ1073 को लेकर हर सेकेंड कोई न कोई नई अपडेट आ रही है. आसमान में 35,000 फीट की ऊंचाई पर इसे ओमानी को-पायलट ने इसे क्रैश करवाने की कोशिश की थी. इससे पहले ही कैप्टन स्मित मच्छार और इजरायली यात्रियों ने बचा लिया. कैप्टन स्मित ने चाकू के कई वार झेलकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था लेकिन उन्हें लड़ते हुए सबसे पहले एक 6 साल की बच्ची और उसकी मां ने था. ये बच्ची मां से जिद करके कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंची थी और वहां का नजारा देखते ही चीख पड़ी. ये बच्ची अगर वहां न जाती तो शायद फ्लाइट को संभालने में देर हो जाती.

टॉयलेट जाने की जिद… और कॉकपिट में कैप्टन स्मित की झलक

6 साल की नीना अपनी मां ताली मानेस और पिता ज्विका मानेस के साथ इस फ्लाइट में सफर कर रही थी. उड़ान के दौरान अचानक नीना को टॉयलेट जाना था, इसलिए उसकी मां ताली उसे कॉकपिट के पास बने वॉशरूम की तरफ ले गईं. ठीक उसी वक्त कॉकपिट के अंदर ओमानी कट्टरपंथी को-पायलट, भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से दनादन हमले कर रहा था.

ताली मानेस जब वॉशरूम के पास पहुंचीं, तो उन्हें कॉकपिट के भीतर से जोर-जोर से चिल्लाने और हिंसक हाथापाई की आवाजें सुनाई दीं. उन्होंने देखा कि कॉकपिट का दरवाजा थोड़ा खुला हुआ था. जैसे ही ताली ने अंदर झांका, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. उन्होंने चैनल 12 से बात करते हुए बताया कि ‘कॉकपिट के अंदर हर तरफ खून ही खून बिखरा हुआ था. वहां बहुत ही भयावह हाथापाई चल रही थी. कैप्टन अपनी जान बचाने और प्लेन को संभालने के लिए जूझ रहे थे. मैंने पूरे जोर से चिल्लाना शुरू किया, ‘वो पायलट को चाकू मार रहा है! वो पायलट को गोद रहा है! कोई मदद के लिए आओ!’ शुरुआत में तो लोग मेरी चीख सुनकर समझ ही नहीं पाए कि आखिरकार क्या हो गया है’.

‘पापा हम मरना नहीं चाहते…’, फ्लाईदुबई का वो खौफनाक मंजर

मां की चीख-पुकार और कॉकपिट के अंदर मचे घमासान के बीच हमलावर को-पायलट ने विमान के कंट्रोल को नीचे की तरफ झुका दिया. देखते ही देखते पूरा बोइंग विमान हजारों फीट नीचे हवा में गोता लगाने लगा. अचानक प्लेन के गोता खाते ही पूरी केबिन में अफरा-तफरी मच गई, सामान उड़ने लगा और यात्रियों की चीख-पुकार से आसमान गूंज उठा.

नीना के पिता ज्विका मानेस ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया ‘जब प्लेन अचानक नीचे की तरफ गिरने लगा, तो मेरी बच्चियां बुरी तरह चीखने लगीं. उन्होंने रोते हुए मेरा हाथ पकड़ा और कहा- पापा, हम मरना नहीं चाहते! बच्चियों की वो चीख ही मेरे लिए ट्रिगर बनी. मुझसे रहा नहीं गया और मैं बिना अपनी जान की परवाह किए सीधे कॉकपिट की तरफ भागा’.

लहूलुहान कैप्टन ने फर्श पर गिरकर भी खोला दरवाजा

हमलावर को-पायलट कैप्टन स्मित को पूरी तरह खत्म करके विमान को सुसाइड मिशन पर ले जाना चाहता था. कैप्टन स्मित शरीर पर चाकू के दर्जनों घाव झेल चुके थे और खून से लथपथ होकर कॉकपिट के फर्श पर गिर पड़े थे. लेकिन इतनी गंभीर हालत में भी भारतीय कैप्टन ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत नहीं खोई.

कैप्टन स्मित ने फर्श पर पड़े-पड़े ही अपनी आखिरी ताकत को समेटा और बेहद चालाकी से कॉकपिट का इमरजेंसी लॉक रिलीज बटन दबा दिया. दरवाजा अनलॉक होते ही बाहर खड़े यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिए अंदर घुसने का रास्ता साफ हो गया. कैप्टन स्मित का ये मास्टरस्ट्रोक ही पूरे प्लेन की जान बचाने में सबसे अहम मोड़ साबित हुआ.

प्लंबर ने दबोचा, डेंटिस्ट ने दी संजीवनी: ऐसे काबू हुआ आतंकी

जैसे ही कॉकपिट का दरवाजा पूरी तरह खुला, ज्विका मानेस और अन्य इजरायली यात्री हीरो की तरह अंदर घुसे.

प्लंबर का चोकहोल्ड: प्लेन में सफर कर रहे एक प्लंबर यानिव हयून ने बिना डरे हमलावर को-पायलट को पीछे से जकड़ा और उस पर खतरनाक ‘चोकहोल्ड’ लगा दिया. हाथापाई में कई यात्रियों को चोटें आईं और खून बहा, लेकिन उन्होंने आतंकी को पूरी तरह से दबाकर बेदम कर दिया.

डेंटिस्ट बना फरिश्ता: इस बीच, प्लेन में मौजूद एक डेंटिस्ट आसिफ रजुआन ने बिना एक पल गंवाए खून से लथपथ कैप्टन स्मित मछार को फर्स्ट एड देना शुरू किया और उनके शरीर से तेजी से बहते खून को रोका.

इसी गहमागहमी के बीच एक यात्री ने अपने चेहरे पर बहते खून के साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो मैसेज शेयर करते हुए कहा था, ‘हम हाईजैकिंग के बीच फंसे हैं… हमने आतंकी को काबू कर लिया है और अब लैंडिंग करने वाले हैं. जो भी मेरी आवाज सुन रहा है, हमें तुरंत मदद चाहिए’!

इजरायल के राष्ट्रपति का बड़ा ऐलान

हवा में मौत को मात देकर और प्लेन को सुरक्षित तेल अवीव में लैंड कराने वाले इन जांबाज यात्रियों की वीरता की कहानी अब पूरी दुनिया में छाई हुई है. इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने ऐलान किया है कि वो इस भीषण हादसे को टालने वाले तीन आम नागरिकों, यानिव हयून, ज्विका मानेस, और आसिफ रजुआन को देश के प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ से सम्मानित करेंगे.



Source link