5 हजार रुपये में तैयार किया काला नमक धान, 90 दिन में फसल तैयार, जानिए तरीका
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बहराइच के मिर्जापुर गांव के किसान त्रिलोकी ने कम लागत और प्राकृतिक खेती के जरिए काला नमक धान की खेती की है. किसान के मुताबिक, 90 दिन में तैयार होने वाली इस फसल की लागत करीब 5 हजार रुपये आई है और बाजार में इसे करीब 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिलता है.
बहराइच: जिले के मिर्जापुर गांव के युवा किसान त्रिलोकी ने पारंपरिक और प्राकृतिक खेती के जरिए एक नई राह दिखाई है. जहां एक तरफ धान की खेती में बढ़ती लागत और मेहनत से कई किसान निराश हो जाते हैं, वहीं त्रिलोकी ने काला नमक धान की खेती कर दूसरे किसानों के लिए मिसाल पेश की है. आइए जानते हैं कि उन्होंने कम समय में अच्छी कीमत पाने के लिए कैसे काला नमक धान की खेती की.
मिर्जापुर गांव में जहां दूसरे किसानों के खेत अभी हरे नजर आ रहे हैं, वहीं त्रिलोकी का एक एकड़ खेत काला नमक धान की फसल से लहलहा रहा है. त्रिलोकी ने बताया कि उनके खेत में लगी काला नमक धान की यह किस्म सिर्फ 90 दिनों में तैयार हो जाती है. फिलहाल फसल लगभग पूरी तरह तैयार है और अगले 15 दिनों में इसकी कटाई शुरू हो जाएगी.
त्रिलोकी बताते हैं कि वे ‘जीरो-बजट प्राकृतिक खेती’ के सिद्धांतों का पालन करते हुए इस धान की खेती कर रहे हैं. एक एकड़ खेत में धान की रोपाई और शुरुआती देखभाल में उनका कुल खर्च करीब 5 हजार रुपये आया है. रासायनिक खाद और महंगे कीटनाशकों का इस्तेमाल न करने की वजह से खेती की लागत कम रही.
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काला नमक धान अपनी खुशबू, स्वाद और पौष्टिकता के लिए जाना जाता है. इसी स्वाद और गुणवत्ता के कारण बाजार में इसकी मांग बताई जाती है. त्रिलोकी के अनुसार, यह धान बाजार में करीब 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिकता है. यह किस्म जल्दी तैयार हो जाती है, इसलिए जब बाजार में दूसरे धान की आवक कम होती है, तब इसकी कटाई होने से किसानों को अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद रहती है.
स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि बहराइच के इस युवा किसान से दूसरे किसानों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए. कम लागत और कम समय में तैयार होने वाली काला नमक धान की खेती बेहतर बाजार मूल्य के साथ किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकती है.