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अज्ञात हमलावरों ने सिंगर दिलेर खरकिया के घर के बाहर उनकी कार पर फायरिंग की, जिसमें वह बाल-बाल बच गए. कलाकारों पर हुए हमलों पर ‘ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन’ (AICWA) ने कड़ा रोष जताया है. उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर गिरोहों पर लगाम लगाने और कड़े कदम उठाने की मांग की है.
हरियाणा में गैंगस्टरों के निशाने पर कलाकार (फोटो साभार: IANS)
नई दिल्ली: हरियाणवी गायक-अभिनेता दिलेर खरकिया की कार पर फायरिंग का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि यह वारदात उनके घर के बाहर हुई, जिसमें वह बाल-बाल बच गए. इस गोलीबारी की घटना के बाद एंटरटेनमेंट जगत में भारी रोष है. इस गंभीर मामले को लेकर ‘ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन’ (एआईसीडब्ल्यूए) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है.
एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक पत्र भेजकर राज्य में कलाकारों की सुरक्षा पक्का करने और रंगदारी वसूलने वाले गिरोहों के खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाने की मांग की है. मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में एआईसीडब्ल्यूए ने कहा कि 17 सितंबर की रात लगभग 11 बजे अज्ञात हमलावरों ने हरियाणवी कलाकार दिलेर खरकिया की गाड़ी पर गोलियां चलाईं. यह कोई पहली घटना नहीं है. फिल्म और संगीत जगत से जुड़े कलाकारों को लगातार दिनदहाड़े निशाना बनाया जा रहा है. हाल में पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू के घर के बाहर अज्ञात लोगों ने फायरिंग की थी. इसके अलावा, हरियाणवी गायक अंकित बालियान की दिनदहाड़े 18 गोलियां मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.
कलाकारों की सुरक्षा का मामला
एआईसीडब्ल्यूए ने पत्र में कहा कि यह हमले आपराधिक गिरोह जानबूझकर कर रहे हैं. उनका मकसद कलाकारों और उनके परिवारों में खौफ पैदा करके उनसे मोटी फिरौती वसूलना है. बॉलीवुड से लेकर संगीत और फिल्म इंडस्ट्री तक फैले इस डर के माहौल से कलाकारों की सुरक्षा, सम्मान और उनकी रोजी-रोटी खतरे में पड़ गई है.
डर दिखाकर वसूली
पत्र में एआईसीडब्ल्यूए ने सरकार से दो अहम मांगें कीं. उन्होंने लिखा कि दिलेर खरकिया की कार पर फायरिंग करने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ तुरंत और सख्त जांच बैठाई जाए, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करके कड़ी सजा दिलाई जा सके. वहीं, हरियाणा फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े सभी कलाकारों और पेशेवरों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार ले, जिससे गिरोह डर दिखाकर वसूली न कर सकें.