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Karauli Missing Youth: करौली में 25 वर्षीय BCA छात्र श्याम सुंदर गौड़ 17 अगस्त 2024 को एक फोन कॉल के बाद घर से निकला था, लेकिन आज तक वापस नहीं लौटा. दो साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार परेशान है. मां रोज बेटे के नंबर पर 10-15 बार फोन करती हैं और दरवाजे पर उसकी वापसी की राह देखती हैं.
करौली. किसी अपने के अचानक लापता हो जाने का दर्द वही परिवार समझ सकता है, जो हर दिन उसके लौटने की उम्मीद में जी रहा हो. करौली की गोमती कॉलोनी निवासी कमलेश गौड़ पिछले दो साल से अपने 25 वर्षीय बेटे श्याम सुंदर गौड़ के लौटने का इंतजार कर रही हैं. 17 अगस्त 2024 को घर से निकला श्याम सुंदर आज तक वापस नहीं लौटा. परिजनों ने उसी समय पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला है.
श्याम सुंदर के लापता होने के बाद से परिवार का हर दिन चिंता और इंतजार में गुजर रहा है, मां कमलेश गौड़ की नजरें आज भी घर के मुख्य दरवाजे पर टिकी रहती हैं. उन्हें उम्मीद है कि किसी दिन अचानक बेटा सामने खड़ा होगा और घर में फिर खुशियां लौट आएंगी. कमलेश अपने बेटे की तस्वीर सीने से लगाए रहती हैं और आसपास के लोगों से भी उसके बारे में पूछती रहती हैं. मां बताती हैं कि वह आज भी बेटे के मोबाइल नंबर पर दिन में 10 से 15 बार फोन करती हैं. सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले फोन करना उनकी दिनचर्या बन चुका है. हालांकि, पिछले दो साल से नंबर बंद या आउट ऑफ सर्विस आ रहा है. इसके बावजूद मां की उम्मीद नहीं टूटी है.
एक फोन कॉल आया और घर से निकल गया श्याम सुंदर
परिजनों के मुताबिक, 17 अगस्त 2024 को दोपहर करीब 2 बजे श्याम सुंदर के मोबाइल पर एक कॉल आया था. कॉल आने के बाद वह घर से बाहर चला गया और फिर वापस नहीं लौटा. परिवार का कहना है कि वह पढ़ाई को लेकर परेशान हो सकता था, लेकिन उस दिन उसका व्यवहार सामान्य था. वह हनुमानजी के दर्शन करके घर आया था और रक्षाबंधन की तैयारियों में भी शामिल हुआ था. रात करीब 8 बजे परिवार की श्याम सुंदर से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी, उसकी मां ने उससे बात की तो उसने जल्द घर लौटने की बात कही थी. इसके बाद उसका फोन बंद हो गया और फिर उसका कोई पता नहीं चला.
भाई के जाने के बाद त्योहार भी हुए अधूरे
श्याम सुंदर की छोटी बहन रश्मि गौड़ ने बताया कि भाई के लापता होने के बाद मां की हालत खराब हो गई है. वह दिनभर गुमसुम रहती हैं और अक्सर बेटे को याद करके रोती हैं. कभी खाना खाती हैं तो कभी बिना खाना खाए ही सो जाती हैं. रश्मि के मुताबिक, भाई के बिना हर त्योहार अधूरा लगता है. परिजनों का कहना है कि श्याम सुंदर 12वीं के बाद जयपुर में रहकर सुबोध कॉलेज से BCA की पढ़ाई कर रहा था. उसके लापता होने के बाद परिवार ने पुलिस के साथ जिला प्रशासन और कलेक्टर को भी कई बार ज्ञापन दिए, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली.
बेटे की तलाश में परिवार को झेलना पड़ा आर्थिक नुकसान
श्याम सुंदर के पिता प्रकाश चंद गौड़ और बड़े भाई कपिल गौड़ हैदराबाद में टाइल्स फिटिंग का काम करते हैं. भाई कपिल का कहना है कि श्याम के लापता होने के बाद पूरा परिवार टूट चुका है और घर में त्योहार पहले की तरह नहीं मनाए गए. कपिल ने बताया कि भाई की तलाश के दौरान एक साइबर ठग ने परिवार से 50 हजार रुपये की ठगी भी कर ली. परिवार का कहना है कि तलाश में आर्थिक नुकसान के बावजूद उनकी उम्मीद कायम है. परिजनों ने राजस्थान पुलिस और करौली पुलिस से श्याम सुंदर को जल्द तलाश कर घर वापस लाने की गुहार लगाई है.