ट्रेविस हेड का शतकीय प्रहार, जिम्बाब्वे लाचार, ऑस्ट्रेलिया का वनडे सीरीज पर कब्जा

ट्रेविस हेड का शतकीय प्रहार, जिम्बाब्वे लाचार, ऑस्ट्रेलिया का वनडे सीरीज पर कब्जा


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हेड का शतकीय प्रहार, जिम्बाब्वे लाचार, ऑस्ट्रेलिया का वनडे सीरीज पर कब्जा

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Travis Head smashes records century: ट्रेविस हेड (112) के आक्रामक शतक और कूपर कॉनोली (78) के अर्धशतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे वनडे में जिम्बाब्वे को 84 रनों से हरा दिया. ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट पर 356 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो जिम्बाब्वे के खिलाफ उनका सर्वोच्च वनडे स्कोर है. इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है.

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ट्रेविस हेड ने जिम्बाब्वे में रिकॉर्ड शतक जड़ा.

नई दिल्ली. ट्रेविस हेड के धमाकेदार शतक (112 रन) और मध्यक्रम के बल्लेबाजों के आक्रामक प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे वनडे मैच में जिम्बाब्वे को 84 रनों से करारी शिकस्त दी. हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मुकाबले में मिली जीत के साथ ही मेहमान टीम ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की इस वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है. ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी पारी में रनों का विशाल पहाड़ खड़ा किया, जिसके जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम संघर्ष करते हुए मैच गंवा बैठी.

हरारे के मैदान पर जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा (Sikandar Raza) ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. जिम्बाब्वे का यह निर्णय उनके लिए बेहद घातक साबित हुआ. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही मेजबान गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 356 रनों का विशाल स्कोर टांग दिया. जिम्बाब्वे के खिलाफ एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया का यह अब तक का सबसे बड़ा और सर्वोच्च स्कोर है.

असली हीरो सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड रहे
ऑस्ट्रेलियाई पारी के असली हीरो सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड रहे. पहले वनडे मैच में महज चार रन बनाकर आउट होने वाले 32 वर्षीय हेड इस मुकाबले में पूरी तरह से अलग रंग में नजर आए. एडिलेड के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने शुरुआत से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर प्रहार करना शुरू कर दिया. हेड ने केवल 84 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौकों और 3 शानदार छक्कों की मदद से 112 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली. इस दौरान उन्होंने महज 75 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जो वनडे मैचों में जिम्बाब्वे के खिलाफ किसी भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे तेज शतक का नया रिकॉर्ड है.

हेड की तूफानी बल्लेबाजी ने ऑस्ट्रेलिया को 190 के स्कोर पर पहुंचाया
हेड की इस तूफानी बल्लेबाजी ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को 190 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. हालांकि, वह वेस्ली मधेवेरे की गेंद को शॉट कवर के ऊपर से खेलने के प्रयास में स्थानापन्न खिलाड़ी रयान बर्ल को कैच दे बैठे. हेड के आउट होने के बाद भी ऑस्ट्रेलियाई रनों की रफ्तार थमी नहीं, क्योंकि अन्य बल्लेबाजों ने भी इस बहती गंगा में जमकर हाथ धोए.

कॉनोली ने 69 गेंदों में 78 रन बनाए
मध्यक्रम में युवा कूपर कॉनोली और कप्तान मिचेल मार्श ने जिम्मेदारी से बल्लेबाजी की. सीरीज में अपना लगातार दूसरा अर्धशतक जमा रहे कॉनोली ने 69 गेंदों में 78 रन बनाए. अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 3 चौके और 3 छक्के लगाए. अंततः ब्रैड इवांस की गेंद पर टॉप-एज लगने के कारण कॉनोली का कैच शॉर्ट फाइन लेग पर ब्रेंडन टेलर ने लपका. वहीं कप्तान मिचेल मार्श ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 53 रनों की कप्तानी पारी खेली. मार्श ने अपनी पारी में 3 चौके और 3 छक्के जमाए, जिसके बाद वेलिंगटन मसाकाद्जा ने उन्हें बोल्ड करके पवेलियन की राह दिखाई.

पीक ने सिर्फ 18 गेंदों में 41 रन ठोक डाले
पारी के अंतिम ओवरों में 19 वर्षीय युवा बल्लेबाज ऑलिवर पीक ने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों तरफ शॉट खेले. पीक ने सिर्फ 18 गेंदों में 41 रन ठोक डाले. विशेष रूप से इवांस द्वारा फेंके गए पारी के आखिरी ओवर में पीक ने 3 लंबे छक्के जड़े और उस ओवर से कुल 24 रन बटोरे. इस आक्रामक अंत ने ऑस्ट्रेलिया को 356 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया.

जिम्बाब्वे की ओर से 40 साल के खिलाड़ी ने बनाए सबसे ज्यादा 45 रन
357 रनों के असंभव से लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम को शुरुआत से ही आवश्यक रन रेट बनाए रखने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ के आगे मेजबान टीम कभी भी मैच में वापसी करती हुई नहीं दिखी. जिम्बाब्वे की ओर से 40 वर्षीय कप्तान सिकंदर रजा ने सबसे ज्यादा 45 रन बनाए. नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने आए रज़ा ने अपनी पारी में 5 चौके लगाए, लेकिन कॉनोली की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में लॉन्ग ऑफ पर मैट रेनशॉ को कैच थमा बैठे.

सीरीज का तीसरा वनडे रविवार को खेला जाएगा
जिम्बाब्वे के अन्य बल्लेबाज भी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में नाकाम रहे और पूरी टीम 48.3 ओवरों में 272 रन बनाकर सिमट गई. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामूहिक प्रयास के आगे मेजबान टीम लक्ष्य से 84 रन दूर रह गई और सीरीज भी गवां दी. इस दौरे का तीसरा और अंतिम वनडे रविवार को इसी मैदान हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा, जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ करने के इरादे से मैदान में उतरेगी. इस वनडे सीरीज के समाप्त होने के तुरंत बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर रवाना होगी, जहां 24 सितंबर से तीन वनडे मैचों की सीरीज और उसके बाद तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जानी है.



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