Israel Plane News Live: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन पर हुए हमले का मामला अब अंतरराष्ट्रीय जांच का विषय बन गया है. विमान के ओमानी को-पायलट पर हमले का आरोप है, जिसे सऊदी अरब ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सौंप दिया है. लेकिन अभी भी उसकी पहचान पूरी तरह सामने नहीं आई है, जो एक बड़ा सवाल खड़ा करता है. ओमानी पायलट की पहचान और घटना से जुड़ी दूसरी जानकारियों पर News18 ने फ्लाईदुबई से सवाल किया. इस पर कंपनी ने कहा कि वह इस मामले में लोगों की दिलचस्पी को समझती है, लेकिन अभी घटना की जांच चल रही है. जांच पूरी होने तक कंपनी अपनी पहले जारी की गई जानकारी के अलावा कोई नई जानकारी या बयान नहीं दे सकती. अभी तक सिर्फ इतना ही पता चला है कि को-पायलट महिलाओं से हाथ नहीं मिला था. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना में ईरान का हाथ होने की आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी के आधार पर ईरान से संबंध होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. अगर जांच में तेहरान की भूमिका सामने आई तो अमेरिका उस पर बहुत कड़ी कार्रवाई करेगा. हालांकि, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस मामले में ईरान की संलिप्तता पर कुछ भी कहने को जल्दबाजी बताया है.
ईरान पर भड़के ट्रंप
व्हाइट हाउस में गुरुवार को पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या उन्हें विमान के को-पायलट और ईरान की राजधानी तेहरान के बीच किसी संबंध की जानकारी मिली है. इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘हम इस पर अभी काम कर रहे हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं जो सुन रहा हूं, उसके आधार पर कहूंगा कि जवाब हां है, लेकिन हम इस पर अभी काम कर रहे हैं.’ हालांकि, ट्रंप ने इस कथित संबंध को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी. जब उनसे पूछा गया कि अगर हमले के पीछे ईरान का हाथ साबित हुआ तो क्या अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा, तो उन्होंने कहा, ‘हां, उन पर बहुत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चिंता मत कीजिए.’
सऊदी अरब ने संदिग्ध को UAE को सौंपा
सऊदी अरब ने गुरुवार को बताया कि फ्लाईदुबई विमान पर हमले के संदिग्ध सह-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात को सौंप दिया गया है. जांच से जुड़े एक क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक, संदिग्ध ओमान का नागरिक है और हिरासत में है. इस मामले की जांच में सऊदी अरब, UAE, अमेरिका, ओमान और इजराइल के अधिकारी शामिल हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन पर हमला क्यों किया और इसके पीछे उसका मकसद क्या था. एक क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि फिलहाल किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि जांच में आतंकवाद से लेकर मानसिक विकार तक सभी पहलुओं को देखा जा रहा है. इजराइली खुफिया और सुरक्षा अधिकारियों के भी सऊदी अरब में संदिग्ध से पूछताछ की प्रक्रिया में शामिल होने की बात कही गई है.
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की हालत स्थिर
भारतीय दूतावास ने बुधवार देर रात बताया था कि इस घटना में घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की हालत स्थिर है. सह-पायलट की स्थिति के बारे में तत्काल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी. न्यूजीलैंड के उस उड़ान प्रशिक्षण संस्थान के प्रमुख फिलिप कीन ने, जहां भारतीय कैप्टन ने प्रशिक्षण लिया था, विमान की सुरक्षित लैंडिंग को ‘चमत्कार’ बताया. उन्होंने कहा कि विमान को इतनी तेज गिरावट के लिए डिजाइन नहीं किया गया था. इसके बावजूद उसका पूरी तरह नष्ट नहीं होना असाधारण है. ट्रंप ने भी विमान की मजबूती की तारीफ करते हुए कहा कि बोइंग का विमान अपनी डिजाइन क्षमता से कहीं अधिक गुरुत्व बल और दबाव सहने में सक्षम रहा.
इजरायल की कौन सी गलती आई?
इजरायल की सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही का मामला भी सामने आया है. गुरुवार को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने उन देशों के पायलटों के तेल अवीव आने पर रोक लगाने के नियम को ठीक से लागू नहीं किया, जिनके उसके साथ कूटनीतिक संबंध नहीं हैं. बुधवार को फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई घटना ने इस चूक को उजागर कर दिया. विमान में मौजूद इजरायली यात्रियों, कैप्टन और अन्य पायलटों ने मिलकर इस कोशिश को नाकाम किया. बाद में विमान की सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. ओमान के इजरायल के साथ संबंध नहीं हैं और 2020 के अब्राहम समझौते के तहत ऐसे देशों के पायलटों को इजरायल आने वाली उड़ानें संचालित करने की अनुमति नहीं होनी चाहिए. इसके बावजूद चैनल 12 की रिपोर्ट में दावा किया गया कि पिछले कुछ वर्षों में ओमान के दर्जनों पायलट इजरायल आए.
Viewer discretion advised: New footage aired Thursday by Israeli television showed the chaotic moments aboard flydubai Flight 1073 after passengers and crew members thwarted an apparent attempt to crash the plane flying from Dubai to Tel Aviv.