Iran US Relations News Tnesion: अमेरिका ने पाकिस्तानी कंपनियों पर लगाई पाबंदी, इस्लामाबाद ने दिखाई आंख, बोला- ईरान से कारोबार नहीं रुकेगा

Iran US Relations News Tnesion: अमेरिका ने पाकिस्तानी कंपनियों पर लगाई पाबंदी, इस्लामाबाद ने दिखाई आंख, बोला- ईरान से कारोबार नहीं रुकेगा


Last Updated:

अमेरिका ने ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए हथियारों और सैन्य उपकरणों की खरीद में मदद करने के आरोप में 10 लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. इनमें पाकिस्तान के एक कारोबारी और उनसे जुड़ी तीन कंपनियां भी शामिल हैं. अमेरिकी आरोपों के बीच पाकिस्तान ने साफ किया है कि वह ईरान के साथ व्यापार जारी रखेगा.

Zoom

अमेरिका ने कई पाकिस्तानी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए. (Reuters)

ईरान के साथ कारोबार को लेकर अमेरिका के प्रतिबंधों की आंच अब पाकिस्तान तक पहुंचती दिख रही है. अमेरिका ने ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए हथियार और सैन्य उपकरणों की खरीद में मदद करने के आरोप में 10 लोगों और कंपनियों पर कार्रवाई की है. इनमें पाकिस्तान के एक कारोबारी और उससे जुड़ी तीन कंपनियों का भी नाम सामने आया है. लेकिन इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने पीछे हटने के बजाय साफ कर दिया है कि वह ईरान के साथ अपना व्यापार जारी रखेगा. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी प्रतिबंधों को एकतरफा बताते हुए कहा है कि ये संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से नहीं लगाए गए हैं, इसलिए पाकिस्तान पर बाध्यकारी नहीं हैं.

‘द मीडिया लाइन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिबंधों की जद में पाकिस्तान स्थित ‘कैवेलियर ग्रुप’ के चेयरमैन और उनसे जुड़ी तीन कंपनियां भी आई हैं. यह ग्रुप खुद को पाकिस्तान की प्रमुख निजी रक्षा कंपनियों में से एक बताता है और पाकिस्तान के साथ दूसरे देशों में भी काम करता है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संबंधित कारोबारी पाकिस्तान की ‘कैवेलियर डायनामिक्स प्राइवेट लिमिटेड’ के मुख्य शेयरधारक और चीफ एग्जीक्यूटिव हैं. उनका संबंध सऊदी अरब और तुर्की की उन सहयोगी कंपनियों से भी बताया गया है, जिन पर अमेरिकी प्रतिबंध लगाए गए हैं.

अमेरिका का क्या आरोप है?

अमेरिका का आरोप है कि कारोबारी और उनकी कंपनी ने ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए बिचौलिए की भूमिका निभाई और हथियारों की खरीद में मदद की. अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, उन्होंने ईरान के रक्षा मंत्रालय यानी MODAFL तक वित्तीय, सामग्री और तकनीकी सहायता पहुंचाई या पहुंचाने की कोशिश की. हालांकि, ये अमेरिकी आरोप हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, कैवेलियर ग्रुप ने इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

सऊदी अरब की कंपनी पर भी अमेरिकी कार्रवाई

रिपोर्ट में सऊदी अरब स्थित ‘कैवेलियर डायनामिक्स फॉर टेक्नोलॉजीज’ का भी जिक्र है. दावा किया गया है कि इस कंपनी के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई में सऊदी अरब ने मदद की. इस तरह प्रतिबंधों का दायरा सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ईरान के रक्षा क्षेत्र से कथित तौर पर जुड़े कारोबारी नेटवर्क और सहयोगी कंपनियों तक पहुंचा है.

पाकिस्तान ने साफ कहा- ईरान से व्यापार जारी रहेगा

अमेरिकी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपना रुख साफ कर दिया है. मंत्रालय ने कहा कि ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध एकतरफा हैं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इन्हें लागू नहीं किया है. इसलिए पाकिस्तान इन्हें अपने ऊपर बाध्यकारी नहीं मानता और तेहरान के साथ व्यापार जारी रखेगा. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, ‘ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध एकतरफा हैं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से नहीं लगाए गए हैं. इसलिए हम तेहरान के साथ अपना व्यापार जारी रखेंगे.’



Source link