जंतर-मंतर पर 5 से ज्यादा लोग भूलकर भी मत रुकना, दिल्ली पुलिस का घूमेगा डंडा
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दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों की अनुमति नहीं दी है. जबकि कॉकरोच जनता पार्टी के अलावा अलगअलग लोगों के द्वारा लोगों से जुड़ने की अपील की जा रही है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर धारा 163 लागू है, 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर कार्रवाई होगी. यह धारा 23 अगस्त से 21 अक्टूबर तक प्रभावी है.
जंतर-मंतर पर 5 से ज्यादा लोग भूलकर भी मत रुकना, बैनर उठाया, नारे लगाए तो दिल्ली पुलिस डंडे पड़ना तय.
दिल्ली में एक बार फिर प्रदर्शन की सूचना है. एक तरफ चुनाव आयोग को लेकर राजधानी के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन हो सकता है. दूसरी ओर लड़कियां भी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर सड़क पर आ चुकी हैं. कई दिनों से दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई कॉलेजों में प्रदर्शन चल भी रहे हैं. हालांकि दिल्ली पुलिस ने किसी भी तरह के प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं दी है. इसे लेकर पूरे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना इलाके में पाबंदी लागू है. जंतर मंतर भी इसी थाने के अंतर्गत आता है. ऐसे में अगर जंतर-मंतर पर पांच से ज्यादा लोग इकठ्ठा हुए तो उन पर कड़ा एक्शन हो सकता है.
बता दें कि 23 अगस्त से ही पूरे इलाके में धारा 163 लागू है और यह 21 अक्टूबर तक जारी रहेगी.ऐसे में अगर यहां कोई प्रदर्शन होता है तो दिल्ली पुलिस एक्शन ले सकती है.
बता दें कि दिल्ली के जंतर मंतर पर आज अलग-अलग बैनर के तले प्रदर्शन के लिए जुड़ने की अपील सोशल मीडिया में भी की जा रही है. जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने किसी भी प्रदर्शन की अनुमति जंतर मंतर या उसके आसपास नहीं दी है. पुलिस ने साफ कहा है कि कोई भी यहां पर न पहुंचे यहां धारा 163 लागू है.
क्या है इस धारा में?
- . BNSS, 2023 का सेक्शन 163 नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट में पब्लिक सेफ्टी, पब्लिक ऑर्डर और स्मूद ट्रैफिक मूवमेंट पक्का करने के लिए लागू है.
- . बिना इजाज़त के इकट्ठा होना, पब्लिक में भाषण देना, नारे लगाना, जुलूस, प्रदर्शन, धरने और दूसरी बताई गई एक्टिविटीज़ पर रोक है.
- . लोगों से अनुरोध है कि वे ऑर्डर का सख्ती से पालन करें और दिल्ली पुलिस के साथ कोऑपरेट करें.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि उल्लंघन करने पर कानून के मुताबिक लीगल एक्शन लिया जाएगा. क्योंकि सब डिवीजन पार्लियामेंट स्ट्रीट के नाम से जाने-जाने वाले इलाके, इसके आसपास के अन्य इलाके जहां बहुत ज्यादा गाड़ियों और पैदल चलने वालों की भीड़ वाली जगहें हैं. रिपोर्ट मिली हैं कि अब हालात ये हैं कि इलाके में बिना रोक-टोक के पब्लिक मीटिंग, जुलूस/प्रदर्शन वगैरह करने से ट्रैफिक में रुकावट, इंसानी सुरक्षा को खतरा और पब्लिक शांति में खलल पड़ने की संभावना है. इंसानी जान या सुरक्षा को खतरा और पब्लिक शांति में खलल को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस कदम उठा सकती है.
दिल्ली पुलिस एक्ट, 1978 (34 of 1978) के सेक्शन 70 के सब-सेक्शन (1) के क्लॉज़ (b) द्वारा दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, केंद्र सरकार ने पुलिस को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) के सेक्शन 163 के तहत एक एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की शक्ति और कर्तव्यों का इस्तेमाल करने और उन्हें पूरा करने का अधिकार दिया है. यह अधिकार दिल्ली पुलिस कमिश्नर के जनरल कंट्रोल के अधीन है. यह अधिकार भारत सरकार, गृह मंत्रालय, नई दिल्ली के नोटिफिकेशन नंबर U-11036/1/2010-UTL, तारीख 09.09.2010 के तहत जारी किया गया है. फिलहाल यह अधिकार अजय शर्मा, असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर, सब-डिवीजन पार्लियामेंट स्ट्रीट, नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट के पास है. इसके तहत ये चीजें प्रतिबंधित हैं.
- . कोई भी पब्लिक मीटिंग करना:
- . पांच या उससे ज़्यादा लोगों का इकट्ठा होना;
- . हथियार, बैनर, प्लेकार्ड, लाठी, भाले, तलवार, डंडे, ईंट-पत्थर वगैरह ले जाना:
- . नारे लगाना;
- . भाषण वगैरह देना
- . जुलूस और प्रदर्शन;
- . बिना लिखी हुई इजाज़त के इस ऑर्डर के साथ दिए गए शेड्यूल और साइट प्लान में बताए गए एरिया में किसी भी पब्लिक जगह पर धरना देना या धरना देना.
क्या इजाजत लेकर हो सकता है प्रदर्शन?
बता दें कि इस रोक वाले ऑर्डर के तहत आने वाला खास एरिया, सब-डिवीजन पार्लियामेंट स्ट्रीट का पूरा एरिया होगा, जिसमें इस ऑर्डर के साथ दिए गए मैप में दिखाए गए जंतर-मंतर रोड का छूट वाला एरिया शामिल नहीं है. अगर पहले से लिखी हुई इजाज़त लेकर किया जाए तो किसी भी हालत में इस इजाजत को शाम 05 से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता.
- . यह ऑर्डर 23.08.2026 से लागू होगा और 60 दिनों के लिए यानी 21.10.2026 तक (दोनों दिन मिलाकर) लागू रहेगा, जब तक कि इसे पहले वापस न ले लिया जाए.
- . इस ऑर्डर का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को भारतीय न्याय संहिता 2023 के सेक्शन 223 के तहत सजा दी जाएगी.
- . क्योंकि नोटिस सभी संबंधित लोगों को अलग-अलग नहीं दिया जा सकता, इसलिए यह ऑर्डर ‘एकतरफा’ पास किया जाता है. इसे जनता की जानकारी के लिए प्रेस के जरिए और सभी जिला एडिशनल के ऑफिस के नोटिस बोर्ड पर कॉपी लगाकर पब्लिश किया जाएगा.