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उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए नई पहल शुरू की जा रही है. अब दर्शन करने वाले सभी भक्तों को बाबा महाकाल को अर्पित प्रसाद के साथ पुष्प और बेलपत्र भी मिलेंग. इसके लिए मंदिर के दो प्रमुख निर्गम मार्गों पर प्रसाद काउंटर बनाए जा रहे हैं.
महाकाल प्रसाद को लेकर नियम बदलेंगे.
उज्जैन. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक नई पहल की जा रही है. इसके तहत मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल को अर्पित की गई प्रसादी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है. इस व्यवस्था के लिए मंदिर के प्रमुख स्थानों पर विशेष काउंटर बनाए जाएंगे. पहले चरण में मंदिर परिसर तथा निर्गम चैनल के समीप काउंटर पर से श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण किया जाएगा.
श्रद्धालुओं को परंपरागत प्रसादी के साथ बाबा महाकाल को अर्पित पुष्प एवं बेलपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे. इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल का आशीर्वाद स्वरूप प्रसादी सहज रूप से उपलब्ध कराना तथा उनकी धार्मिक आस्था से जुड़े अनुभव को और अधिक सार्थक बनाना है. श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा एवं धार्मिक भावनाओं को केंद्र में रखते हुए इस व्यवस्था को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया जाएगा.
महाकाल मंदिर में प्रसाद देते हुए पुजारी.
बाबा महाकाल पर चढ़ा हुआ प्रसाद भी दिया जाएगा
महाकाल मंदिर की सयक प्रशासक सिम्मी यादव ने कहा, “श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा जितने भी श्रद्धालुओं बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए आएंगे, उन सभी को दर्शन के उपरांत बाबा महाकाल को चढ़ा हुआ प्रसाद वितरित किया जाएगा…”
सिम्मी यादव ने बताया नई पहल
सिम्मी यादव ने कहा, “इसके लिए हमने दो प्रसाद काउंटर जो हमारे दो मुख्य निर्गम मार्ग हैं- एग्जिट टनल और एग्जिट रैंप (नंदी हॉल के समीप), वहां पर हम उसको स्थापित कर रहे हैं. जिसकी शुरुआत जो है हो रही है. और सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद मिल सके, इसके लिए यह मंदिर समिति की एक नवाचार पहल है.”
महाकाल मंदिर का प्रसाद
बता दें, बाबा महाकाल मंदिर में अबतक सिर्फ बेसन और सूजी के ही लड्डू मिलते रहे हैं. इसमें काजू, किशमिश और शक्कर मिली होती है. इन लड्डुओं को आप प्रसाद काउंटर से ले सकते हैं. इसके अलावा अन्नक्षेत्र हैं, जहां श्रद्धालु टोकन लेकर भंडारा प्रसाद ग्रहण करते हैं. इस नए नियम के बाद लड्डू के साथ-साथ बाबा महाकाल को चढ़े बेलपत्र और फूल भी मिलेंगे.