दुनिया की सबसे सर्द राजधानी, दिल्ली से मात्र 5 घंटे की दूरी पर, देखने के लिए बहुत कुछ, जाना चाहेंगे आप

दुनिया की सबसे सर्द राजधानी, दिल्ली से मात्र 5 घंटे की दूरी पर, देखने के लिए बहुत कुछ, जाना चाहेंगे आप


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The world’s coldest capital: जब भी सबसे सर्द जगह के बारे में मन में ख्याल आता है, रूस ही आता है या बहुत ज्यादा दिमाग पर जोर दिए तो यूक्रेन या स्विटजरलैंड का ख्याल आता है. लेकिन अगर दुनिया में सबसे ज्यादा सर्द राजधानी दिमाग में आए तो यह रूस का मास्को नहीं है बल्कि यह उसी के बगल का एक देश है जहां की राजधानी दुनिया में सबसे सर्द राजधानी है.

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भारत से मंगोलिया जाना हुआ आसान. Photo : AP

Coldest Capital in World: क्या आपको दुनिया की सबसे सर्द राजधानी के बारे में पता है. चलिए मैं सीधा सबसे पहले यही बता देता हूं. दुनिया के देशों में सबसे सर्द राजधानी है उलान बटोर. उलान बटोर मंगोलिया की राजधानी है. भले ही आपको लगे कि मास्को हो सकती है सबसे सर्द राजधानी लेकिन यह नहीं है. मंगोलिया ही वह देश जहां एशिया का दूसरा सबसे बड़ा मरुस्थल गोबी है. खास बात यह है कि यदि आप मंगोलिया की सैर करना चाहते हैं तो अब आपको दिल्ली से महज 5 घंटे का ही सफर करना होगा. क्योंकि नई दिल्ली से उलानबटार के बीच एक नई सीधी उड़ान शुरू हो गई है. इसलिए जो लोग घूमने के शौकीन हैं वे अब इस खूबसूरत देश का आसानी से दीदार कर सकेंगे. मंगोलिया में घूमने और देखने के लिए बहुत कुछ है. आइए इसके बारे में जानते हैं.

उलान बटोर क्यों है सबसे सर्द राजधानी
नासा ने इसे दुनिया की सबसे ठंडी राष्ट्रीय राजधानी बताया है. इसके कई कारण है. उलान बटोर मंगोलिया की राजधानी है. यहां सर्दियों का औसत तापमान माइनस 13 डिग्री सेंटीग्रेड से -25 डिग्री सेंटीग्रेड तक चला जाता है. वहीं जनवरी में यहां का तापमान अक्सर -40 यानी शून्य से 40 डिग्री नीचे चला जाता है. मास्को में सर्दियों के दौरान (दिसंबर से फरवरी) औसत तापमान -5 डिग्री सेंटग्रेड से -10 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहता है. लेकिन जनवरी में मास्को का तापमान भी शून्य से 25 डिग्री तक नीचे आ जाता है. लेकिन मास्को और उलानबटार में बर्फ गिरने में अंतर है. उलानबटार में बर्फ बहुत मामूली गिरती है लेकिन मौसम इतना शुष्क होता है कि तीखी ठंड लगती है. यहां सर्दियों में वायुमंडलीय दबाव बहुत अधिक रहता है, जिससे बड़े बर्फीले तूफान कम आते हैं. हालांकि अत्यधिक ठंड के कारण जो थोड़ी-बहुत बर्फ गिरती है, वह महीनों तक पिघलती नहीं है और पूरे शहर पर बर्फ की चादर बनी रहती है.

मंगोलिया का गोबी मरुस्थल
उलान बटोर बेहद खूबसूरत देश है. अगर आप आज भी आदिम घुमंतू संस्कृति को देखना चाहते हैं तो मंगोलिया आपके लिए बेस्ट है. यहां का प्राकृतिक सौंदर्य आपको अपनी ओर खींचेगा. यहां की सबसे बड़ी खासियत गोबी डिजर्ट है. यह एक कड़ाके की ठंड वाला मरुस्थल है, जहां सर्दियों में तापमान -40 डिग्री तक गिर जाता है. यहां अक्सर टीलों पर बर्फ देखने को मिलती है. सहारा जैसे रेतीले मरुस्थलों के विपरीत, गोबी का अधिकांश हिस्सा नंगी चट्टानों, बजरी और पथरीले मैदानों से ढका हुआ है. यहां डायनासोर के जीवाश्मों का खजाना है. यह दुनिया के सबसे प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में से एक है, जहां 1920 के दशक में पहली बार डायनासोर के अंडे और दुर्लभ जीवाश्म खोजे गए थे. यहां अत्यंत दुर्लभ और संकटग्रस्त जीव पाए जाते हैं. जैसे दो कूबड़ वाले बैक्टीरियन ऊंट, गोबी भालू और हिम तेंदुए. प्राचीन काल में प्रसिद्ध रेशम मार्ग के कई महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्ते और पड़ाव इसी दुर्गम मरुस्थल से होकर गुजरते थे.

उलान बटोर का जैशन मेमोरियल. Photo : AP

उलान बटोर की यादें
उलानबटोर मंगोलिया की राजधानी है. यहां से आप कई तरह की यादों को समेटकर अपने साथ ला सकते हैं. उलान बटोर में चंगेज़ खान राष्ट्रीय संग्रहालय हैं जहां बोद्ध धरोहर और मंगोलियाई साम्राज्य का इतिहास देखा जा सकता है. उलानबटार से लगभग 54 किलोमीटर दूर स्थित चंगेज खान स्टैचू कॉम्पलेक्स है जहां घोड़े पर सवार चंगेज़ खान की 40 मीटर ऊंची विशाल स्टेनलेस स्टील की मूर्ति है. राजधानी के करीब स्थित गोरखी तीरलेज नेशनलपार्कहै जो प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श स्थान है. मंगोलिया के उत्तर में स्थित देश की सबसे खूबसूरत खुब्सगुल झील है. इसे मंगोलिया का नीला मोती कहा जाता है, जिसका पानी बेहद साफ और पारदर्शी है. मंगोलिया के आदिम जनजाति और चरवाहों के साथ उनके पारंपरिक तंबू ‘गेर’ में रुककर स्थानीय खान-पान का अनुभव लेना पर्यटन का मुख्य आकर्षण है.

भारतीय कैसे जाएं मंगोलिया
दुनिया की सबसे ठंडी राजधानी से लेकर विस्मयकारी गोबी मरुस्थल तक, मंगोलिया आपको बिल्कुल अलग तरह की यात्रा अनुभव देगा. नई सीधी उड़ान सेवा ने भारत और मंगोलिया के बीच यात्रा के समय को काफी कम कर दिया है. हुन्नू एयर का नई दिल्ली-उलान बटोर मार्ग केवल 5 घंटे 30 मिनट का समय लेता है, जबकि सियोल, बीजिंग या बैंकॉक जैसे कनेक्टिंग रूट से जाने पर लगभग 13 से 18 घंटे लगते थे. यह उड़ान सेवा वर्तमान में सप्ताह में एक दिन होगा लेकिन यात्रियों की संख्या बढ़ेगी तो इसकी फेरी भी बढ़ाई जाएगी. वर्तमान यात्रा दिशानिर्देशों के अनुसार, भारतीय पर्यटक मंगोलियाई पर्यटक ई-वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसकी अवधि 30 दिनों तक की होती है. यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले मंगोलिया के आधिकारिक वेबसाइट जरूर देखना चाहिए ताकि रियल टाइम मौसम की जानकारी मिल सके. वैसे मंगोलिया जाने का सबसे बेस्ट समय जून से अगस्त के बीच होता है.



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