एक खेत में 6 सब्जियां, रोज 1000 रुपये की कमाई, छपरा के किसान ने बताया मिश्रित खेती का फॉर्मूला

एक खेत में 6 सब्जियां, रोज 1000 रुपये की कमाई, छपरा के किसान ने बताया मिश्रित खेती का फॉर्मूला


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एक खेत में 6 सब्जियां, रोज 1000 रुपये की कमाई, जानें मिश्रित खेती का फॉर्मूला

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Mixed Farming Tips: अगर आप खेती से नियमित आमदनी करना चाहते हैं तो एक ही खेत में अलग-अलग सब्जियों की खेती कर सकते हैं. छपरा के मांझी प्रखंड के गोंडा गांव निवासी किसान सत्यनारायण यादव मिश्रित खेती के जरिए इसी तरीके को अपना रहे हैं. वह एक खेत में कई तरह की नगदी सब्जियां उगाते हैं. रोज अलग-अलग सब्जियां बाजार में बेचकर कमाई करते हैं. सत्यनारायण यादव खेती में लगातार नए प्रयोग करते रहते हैं. पहले वह पारंपरिक रूप से धान, गेहूं और मक्का की खेती करते थे, लेकिन इससे अपेक्षित आमदनी नहीं हो पाती थी. इसके बाद उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण लिया और नगदी फसलों की खेती शुरू की.

किसान सत्यनारायण यादव के मुताबिक उन्होंने एक ही खेत में 704 वैरायटी का बैंगन लगाया है. उनके अनुसार यह वैरायटी लंबे समय तक फल देती है. बैंगन के बीच-बीच में उन्होंने राधिका वैरायटी की भिंडी भी लगाई है. जिससे लगातार उत्पादन मिलता है. इसके अलावा खेत के दूसरे हिस्से में लौकी की खेती की गई है. किसान ने बताया कि वह आधा दर्जन से अधिक प्रकार की हरी सब्जियों की खेती कर रहे हैं.

इसका फायदा यह है कि किसी एक फसल की तुड़ाई कम होने पर दूसरी सब्जी बाजार में बेचने के लिए तैयार रहती है. सत्यनारायण यादव बताते हैं कि वह रोज एक ही सब्जी लेकर बाजार नहीं जाते. किसी दिन लौकी, किसी दिन बैंगन तो किसी दिन भिंडी लेकर बाजार पहुंचते हैं. इस तरह खेत से लगातार सब्जियों की तुड़ाई होती रहती है और बाजार से नियमित आमदनी भी होती है.

किसान सत्यनारायण के अनुसार इस मिश्रित खेती से उन्हें प्रतिदिन 1,000 रुपये से अधिक की कमाई हो जाती है. हालांकि आमदनी मौसम, उत्पादन, बाजार भाव और बिक्री पर निर्भर करती है. मिश्रित खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान अपनी पूरी जमीन को एक ही फसल के भरोसे नहीं छोड़ता.

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अलग-अलग अवधि में तैयार होने वाली सब्जियों को खेत में शामिल करने से उत्पादन और बिक्री का सिलसिला लगातार बना रह सकता है. किसान सत्यनारायण यादव का सुझाव है कि पारंपरिक खेती के साथ किसान बाजार की मांग वाली नगदी सब्जियों को भी शामिल करें. खेती शुरू करने से पहले कृषि वैज्ञानिक या कृषि विशेषज्ञ से फसल चयन, बीज, दूरी, सिंचाई और रोग प्रबंधन की जानकारी लेना भी जरूरी है.

कम जमीन में नियमित आमदनी के लिए किसान स्थानीय बाजार की मांग के अनुसार बैंगन, भिंडी, लौकी और अन्य सब्जियों को मिलाकर मिश्रित खेती का मॉडल अपना सकते हैं. हालांकि किस फसल की कितनी मात्रा लगानी है, यह मिट्टी, मौसम, पानी और स्थानीय बाजार के हिसाब से तय करना चाहिए.



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