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उत्तर प्रदेश के आगरा में आलू किसानों को अपनी फसल का लागत मूल्य तक नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें लाखों के नुकसान और कर्ज का डर सता रहा है। किसान सरकार से उचित समर्थन मूल्य और निर्यात की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के आगरा में आलू किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. किसानों का कहना है कि इस बार उन्हें आलू की फसल का लागत मूल्य तक नहीं मिल पा रहा है. कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू अब चिंता का कारण बन गया है, क्योंकि इसे निकालने और बेचने के लिए करीब डेढ़ महीने से भी कम समय बचा है. किसानों ने बताया कि बुआई से लेकर फसल को कोल्ड स्टोरेज तक पहुंचाने में एक बोरी आलू पर करीब 600 रुपये तक की लागत आती है. इसके बावजूद बाजार में उन्हें 300 रुपये प्रति बोरी के आसपास ही भाव मिल रहा है. ऐसे में किसान लागत का आधा हिस्सा भी वापस नहीं निकाल पा रहे हैं.
किसानों का कहना है कि कम दाम के कारण आलू की बिक्री भी प्रभावित हो रही है और लगातार बढ़ता खर्च उनकी परेशानी बढ़ा रहा है. कई किसानों को अब आशंका है कि अगर समय रहते बाजार में भाव नहीं सुधरे तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. किसानों ने सरकार से आलू के उचित समर्थन मूल्य, बाजार में बेहतर भाव दिलाने और जरूरत पड़ने पर सरकारी स्तर पर खरीद की व्यवस्था करने की मांग की है. किसानों का कहना है कि सरकार की मदद से ही उन्हें इस संकट से राहत मिल सकती है….
सरकार अन्य राज्यों में आलू का कराये निर्यात
आगरा में आलू की खेती करने वाले किसान लगातार गिरते भाव से परेशान हैं. किसान राम विलास पाठक ने बताया कि आलू की कीमत बेहद नीचे पहुंच गई है और लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है. उन्होंने सरकार से मांग की कि आगरा के आलू को दूसरे राज्यों और जिलों में निर्यात कराने की व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके. रामविलास ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नवरात्रि के दौरान बाजार में आलू की मांग बढ़ेगी और भाव में सुधार होने पर वह अपनी फसल बेच सकेंगे. वहीं किसान गौरव चौधरी ने बताया कि इस बार आलू की खेती की लागत तक नहीं निकल पा रही है. कम कीमत के कारण कर्ज और आर्थिक नुकसान का बोझ लगातार बढ़ रहा है. किसान शैलेंद्र पाठक ने भी चिंता जताते हुए कहा कि उचित भाव नहीं मिला तो किसानों को आलू फेंकने तक की नौबत आ सकती है. किसानों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर दूसरे राज्यों में आलू की बिक्री और निर्यात बढ़ाने की मांग की है.
कर्ज के बोझ में दब रहा है आलू किसान
आगरा में आलू की खेती करने वाले किसान इस बार फसल के बेहद कम दाम मिलने से परेशान हैं. किसान रणवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने इस साल बड़े स्तर पर आलू की खेती की थी, लेकिन अब लागत मूल्य तक नहीं निकल पा रहा है. उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू को निकालने के लिए डेढ़ महीने से भी कम समय बचा है. ऐसे में किसान समझ नहीं पा रहे हैं कि फसल को कैसे और कब बेचें. रणवीर ने कहा कि इस बार उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. वहीं किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने बताया कि इस समय आलू के भाव बेहद नीचे हैं.
लागत से आधी कीमत में बिक्री
उन्होंने कहा कि किसानों को एक क्विंटल आलू तैयार करने में करीब 1200 रुपये की लागत आती है, जबकि मौजूदा समय में महज 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है. ऐसे में किसानों को प्रति क्विंटल भारी घाटा उठाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि लगातार नुकसान के कारण किसान कर्ज के बोझ में दबते जा रहे हैं. मोहन सिंह चाहर ने सरकार से आलू का दूसरे राज्यों में निर्यात बढ़ाने और किसानों को राहत देने की मांग की है…..