‘पार्टी नहीं देखेगी तो हम भी सोचेंगे…’ मंच पर रो पड़े BJP नेता विनीत शारदा, राज्यसभा टिकट पर छलका दर्द

‘पार्टी नहीं देखेगी तो हम भी सोचेंगे…’ मंच पर रो पड़े BJP नेता विनीत शारदा, राज्यसभा टिकट पर छलका दर्द


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Meerut News: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों को लेकर चल रही सियासी रस्साकशी के बीच मेरठ में भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा का दर्द मंच पर छलक पड़ा. मेरठ के चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित कार्यक्रम में व्यापारियों को संबोधित करते हुए शारदा इस कदर भावुक हो गए कि उनकी आंखें नम हो गईं. सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर व्यापारियों से हाथ जोड़कर क्षमा मांगते हुए उन्होंने कहा कि वे 16 वर्षों से निष्ठापूर्वक सेवा कर रहे हैं, लेकिन अब सब्र का बांध टूट रहा है.

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मेरठ से राज्यसभा टिकट न मिलने पर भड़के भाजपा नेता. (स्क्रिनग्रैब)

मेरठ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकट को लेकर अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा मेरठ के चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित एक कार्यक्रम में मंच पर भावुक हो गए. पार्टी के लिए दशकों से पसीना बहाने वाले शारदा अपनी उपेक्षा का जिक्र करते हुए इस कदर भर आए कि बस रोए नहीं, लेकिन बोलते-बोलते उनकी आंखें पूरी तरह नम हो गईं.

मंच पर पहुंचे विनीत शारदा ने शुरुआत में तो भाजपा की नीतियों और उपलब्धियों की जमकर तारीफ की, लेकिन कुछ ही देर में उनका दर्द जुबां पर आ गया. उन्होंने मेरठ के चर्चित सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर व्यापारियों से खुले मंच से माफी मांगी. बेहद आहत स्वर में शारदा ने कहा, ‘मैं मेरठ के व्यापारियों के दर्द से बेहद दुखी हूं. पिछले 16 वर्षों से भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक हूं और दशकों से पार्टी की सेवा कर रहा हूं, लेकिन अब हमारे सब्र की भी एक सीमा होती है.’

टिकट न मिलने का बयां किया दर्द

लोकसभा नहीं लड़ाया तो कम से कम राज्यसभा भेजें
विनीत शारदा ने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी मजबूत दावेदारी रखते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में सवा दो करोड़ व्यापारी हैं. यदि किसी व्यापारी नेता को उच्च सदन भेजा जाता है, तो पूरे व्यापारी समाज का मान-सम्मान बढ़ेगा. उन्होंने कहा, ‘अगर मुझे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ाया गया, तो अब राज्यसभा जरूर भेजा जाना चाहिए.’ उन्होंने यह भी खुलासा किया कि सेंट्रल मार्केट प्रकरण के बाद उन्हें विपक्षी पार्टियों से भी कई बड़े ऑफर मिले थे. शारदा ने सख्त लहजे में कहा, ‘मैं अपनी पार्टी को छोड़कर कहीं नहीं जा सकता, लेकिन अगर पार्टी ही हमारा ध्यान नहीं रखेगी, तो फिर हम भी आगे के लिए सोचने पर मजबूर होंगे.’

अपनों की उपेक्षा पर कसा तंज
अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए विनीत शारदा ने पार्टी के भीतर ‘अपनों’ की अनदेखी पर तीखे सवाल उठाए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ दूसरी पार्टी से आए और उन्हें पूरा मान-सम्मान व पद मिला. हरदोई में भी अग्रवाल समाज को सम्मान दिया गया, लेकिन जो कार्यकर्ता इसी विचार और कुल में पले-बढ़े, उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है. शारदा ने कहा कि अब व्यापारी उनसे सीधे सवाल पूछ रहे हैं कि जब पार्टी उन्हें ही कोई जिम्मेदारी नहीं दे रही, तो वे व्यापारियों के हितों की रक्षा कैसे करेंगे.



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