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Fly Dubai News: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में भारतीय पायलट स्मिट मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला हुआ. इस मामले में को-पायलट को ओमान का नागरिक बताया जा रहा है, जिसने करीब 8 महीने पहले ही एयरलाइन में नौकरी शुरू की थी. विमान में अचानक मची अफरा-तफरी के बीच यात्रियों और चालक दल ने हस्तक्षेप किया. विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया. आइए जानें उस पायलट के बारे में.
फ्लाई दुबई का प्लेन.
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में पायलट पर चाकू से हमला करने वाला शख्स अब जांच के घेरे में है. इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि विमान का को-पायलट ओमान का नागरिक बताया जा रहा है. उसने 30 सितंबर को उड़ान के दौरान भारतीय मूल के कैप्टन स्मिट मच्छार पर कॉकपिट में कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान के कंट्रोल से छेड़छाड़ करने की कोशिश की. इसके बाद विमान हजारों फीट नीचे गिरने लगा. यात्रियों और क्रू ने मिलकर हमलावर को काबू किया और विमान को सऊदी अरब के तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. इजरायली अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं. यह भी पता लगाया जा रहा है कि मामला सिर्फ कॉकपिट में हुई हिंसक झड़प था या इसके पीछे किसी आतंकी हमले की साजिश थी. फिलहाल हमले का मकसद साफ नहीं हुआ है और को-पायलट की पहचान भी सार्वजनिक नहीं की गई है.
कौन है ओमान का वह को-पायलट?
इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ओमान का नागरिक है और दुबई की एयरलाइन फ्लाईदुबई में काम करता था. वह फ्लाइट FZ1073 में फर्स्ट ऑफिसर यानी को-पायलट की जिम्मेदारी निभा रहा था. उसके साथ भारतीय नागरिक कैप्टन स्मिट मच्छार विमान उड़ा रहे थे. इजरायली मीडिया की कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने फ्लाईदुबई में करीब आठ से नौ महीने पहले ही नौकरी शुरू की थी. हालांकि, उसकी उम्र, पहले कहां काम किया, किस संस्थान से पायलट की ट्रेनिंग ली और उसके पास कितना उड़ान अनुभव था, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.यहां एक बात समझना जरूरी है कि ओमान का नागरिक होने का मतलब यह नहीं है कि वह ओमान की किसी एयरलाइन में काम करता था. वह संयुक्त अरब अमीरात की दुबई स्थित फ्लाईदुबई एयरलाइन का कर्मचारी था.
ओमान का नागरिक इजरायल जाने वाले विमान में क्यों था?
इस घटना के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि ओमान का नागरिक इजरायल जाने वाली उड़ान में को-पायलट कैसे था. यह सवाल इसलिए कि ओमान के इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं. इजरायली अधिकारी अब यह जांच रहे हैं कि दुबई से तेल अवीव जाने वाली उड़ान के लिए क्रू का चयन कैसे किया गया था और क्या को-पायलट के पास इजरायल जाने वाली उड़ान संचालित करने के लिए जरूरी मंजूरी थी. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह संभावना भी जताई गई है कि उसके पास ओमान के अलावा किसी दूसरे देश का पासपोर्ट हो सकता है. लेकिन उसके पास दोहरी नागरिकता होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. जांच का एक दूसरा पहलू फ्लाईदुबई की क्रू तैनाती और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया भी है. अभी यह साफ नहीं है कि इस मामले में किसी तरह की प्रक्रिया संबंधी चूक हुई थी या नहीं.
34 हजार फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट में क्या हुआ?
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी. यह बोइंग 737 मैक्स 8 विमान था और करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था. आरोप है कि इसी दौरान को-पायलट ने कैप्टन स्मिट मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया. उसने विमान के कंट्रोल से छेड़छाड़ करने की भी कोशिश की. इसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा. फ्लाइट ट्रैकिंग आंकड़ों के हवाले से आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान एक मिनट से भी कम समय में 14 हजार फीट से ज्यादा नीचे आ गया था. विमान से 7500 इमरजेंसी कोड भी भेजा गया. विमानन क्षेत्र में यह कोड विमान के साथ गैरकानूनी दखल या हाईजैक जैसी स्थिति की सूचना देने के लिए इस्तेमाल होता है. हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार आरोपी से लड़ते रहे और कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने में कामयाब रहे. बाद में क्रू मेंबर और अन्य लोग प्लेन बचाने में आ गए.े
यात्रियों में दो और पायलट थे
इस संकट के समय विमान में दो अन्य पायलट भी यात्री के तौर पर सफर कर रहे थे. को-पायलट को काबू किए जाने के बाद उन्होंने विमान को कंट्रोल करने में मदद की. इसके बाद विमान को इजरायल ले जाने के बजाय सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी इलाके में स्थित तबूक की ओर मोड़ दिया गया. वहां विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.
साथी पायलट्स ने क्या कहते हैं?
इस मामले में आरोपी को लेकर कुछ इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में उसके एक कथित साथी पायलट के हवाले से कुछ बातें कही गई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, साथी पायलट ने दावा किया कि आरोपी बहुत ज्यादा धार्मिक था और दिन में नमाज का पाबंद था. उसने यह भी आरोप लगाया कि वह महिलाओं से हाथ मिलाने से इनकार करता था. इजरायल के चैनल 16 से बातचीत में कथित साथी पायलट ने कहा कि आरोपी करीब आठ महीने पहले फ्लाईदुबई में आया था और उसका धार्मिक व्यवहार दूसरे कर्मचारियों से अलग था. हालांकि, इन दावों को हमले की वजह नहीं माना जा सकता. किसी व्यक्ति की धार्मिक आदतें अपने आप में किसी अपराध या आतंकी गतिविधि का सबूत नहीं होतीं. जांच एजेंसियों ने यह नहीं बताया है कि हमले के पीछे धार्मिक कट्टरता, आतंकवाद या कोई निजी विवाद था.
अब पायलटों की जांच और सख्त होगी
इस घटना के बाद इजरायल ने अपने यहां आने वाली उड़ानों के पायलटों की सुरक्षा जांच और सख्त करने की बात कही है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली अधिकारी अब ऐसे विमानों के पायलटों की जांच प्रक्रिया को और कड़ा करने की तैयारी कर रहे हैं.