बलिया: जिला मुख्यालय का सरकारी बस स्टेशन पर 48 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास का काम चल रहा है. इस परियोजना का उद्देश्य बस स्टेशन को हवाई अड्डे की तर्ज पर विकसित करना है. हालांकि, निर्माण कार्य के कारण यात्रियों और बस ऑपरेटरों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
लोकल 18 की टीम ने जब बस स्टेशन से ग्राउंड रिपोर्ट किया, तो वहां काम जारी था. शासन द्वारा इस परियोजना के लिए 48 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है. कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा था, लेकिन फिलहाल इसमें तीव्रता आई है.
यात्रियों की परेशानी
शौकत अली उर्फ सोनू ने बताया कि काम चलने के कारण सारी व्यवस्था सड़क पर आ गई है. पेयजल और यात्रियों के ठहरने की जगह जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हुई हैं. उन्होंने कहा कि अचानक बारिश आने पर अफरा-तफरी मच जाती है और लोगों को छिपने की जगह ढूंढनी पड़ती है. श्री भगवान, जो बेल्थरा रोड से आए थे, उन्होंने भुजा खाते हुए बताया कि वे पानी की तलाश में हैं, क्योंकि बस स्टेशन पर पानी की व्यवस्था नहीं है.
बस ऑपरेटरों की समस्या
राज बहादुर सिंह ने बस स्टेशन की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि काम बहुत दिनों से धीमी गति से चल रहा था, जो अब तीव्र गति से हो रहा है. उन्होंने कहा कि अगर काम समय पर हुआ होता तो अब तक यह तैयार हो गया होता. कंडक्टर बिट्टू कुमारी ने बताया कि रोडवेज नहीं बनने के कारण बसों को सड़क पर खड़ा करना पड़ता है, जिससे पुलिस वाले उन्हें हटा देते हैं. उन्होंने कहा कि जब तक डिपो नहीं बन जाता, तब तक दिक्कतें रहेंगी.
प्रशासन का पक्ष
एआरएम बलिया महेश चंद्र पाण्डेय ने बताया कि निर्माण कार्य इस समय काफी तीव्र गति से चल रहा है और जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है. उन्होंने स्वीकार किया कि निर्माण कार्य के दौरान बहुत दिक्कतें हो रही है. बसों को सड़क पर खड़ा करना पड़ रहा है, जिससे यात्रियों को काफी समस्या हो रही है. उन्होंने विश्वास दिलाया कि जब बस स्टेशन पूरी तरह से तैयार हो जाएगा, तो सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी.
नए बस अड्डे के ग्राउंड फ्लोर पर 12 बसों के प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर और पूछताछ केंद्र बनाने की तैयारी हैं. प्रथम तल पर वेटिंग हॉल, फूड कोर्ट, रिटायरिंग रूम, रैंप, लिफ्ट और पिंक टॉयलेट की सुविधा होगी. सीसीटीवी, फायर फाइटिंग सिस्टम और सोलर लाइट भी लगेगी. सबसे ऊपरी तल पर एआरएम कार्यालय संचालितकिया जायेगा यानि इसकी तस्वीर पूरी तरह से बदलने जा रही हैं.