अब न तो दर्शन और न ही दीक्षा… शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद संत प्रेमानंद के आश्रम में हुआ बड़ा बदलाव

अब न तो दर्शन और न ही दीक्षा… शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद संत प्रेमानंद के आश्रम में हुआ बड़ा बदलाव


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Premanand Maharaj News : शांत, सुरम्य और आध्यात्मिक वातावरण में साधना करने की इच्छा से वृंदावन आए 25 वर्षीय नौजवान रसिक दुलारी शरण की मौत से हर कोई हैरान है. कई सवालों के बीच, महाराज के आश्रम में नियम कायदे बदले गए हैं. आइए जानते हैं सारे बदलावों के बारे में.

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संत प्रेमानंद महाराज.

मथुरा: प्रेमानंद महाराज मथुरा-वृंदावन के सबसे फेमस संत हैं. देश-दुनिया से लोग उनकी एक झलक पाने के लिए आते हैं. हर रोज लाखों की संख्या में भक्त उनके दर्शन करने उनके आश्रम के बाहर जाते हैं. ऐसे में कई लोग संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर उनके शिष्य बन जाते हैं. रसिक दुलारी भी संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य थे. मगर हाल ही में उनकी गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से संदिग्ध हालात में गिरकर मौत हो गई. यहां तक कि उनका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था. खून बह रहा था. अब शिष्य की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में कई बदलाव किए गए हैं. आइए जानते हैं क्या कुछ बदलाव हुए.

यह है मामला

मथुरा के वृंदावन के वराह घाट मार्ग पर गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से संत प्रेमानंद महाराज के साधक (परिकर) रसिक दुलारी शरण की गिरकर जान चली गई. अब दुलारी खुद कूदे थे या उन्हें किसी ने धक्का दिया इस पूरे मामले की जांच चल रही है. साधक का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आश्रम पर जांच के लिए पहुंच गई. जांच के दौरान पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया. पुलिस शुरुआती जांच में सुसाइड के एंगल से ही जांच कर रही है. हालांकि, बता दें इस आश्रम में प्रेमानंद महाराज नहीं रहते हैं.

  • शिष्य की मौत के बाद केली कुंज आश्रम में दीक्षा देने का कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है.
  • इसके साथ ही टोकन के जरिए होने वाले दर्शन पर भी रोक लगा दी गई है.
  • यमुना विहार कुंज बेलवान स्थित आश्रम में जहां दीक्षित भक्तों को दर्शन की व्यवस्था मिल रही थी, वहां भी अब दर्शन बंद कर दिए गए हैं.

इन बदलावों की जानकारी आश्रम में सेवा दे रहे सेवादारों की ओर से भक्तों को दी गई है. इस संबंध में जारी सूचना भी सामने आई है. यानी फिलहाल आश्रम पहुंचने वाले भक्तों के लिए पहले जैसी व्यवस्था नहीं रहेगी.

केलीकुंज आश्रम में वेशभूषा में भी बदलाव

पिछले कुछ दिनों में हुई घटना को देखते हुए संत प्रेमानंद ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं.  शिष्यों की वेशभूषा यानी वस्त्रों को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है. नोटिस में कहा गया है कि जो भी शिष्य विरक्त या गृहस्थ हैं और किसी व्यवसाय से जुड़े हुए हैं, जैसे ठेला या दुकान आदि चलाते हैं, उन्हें अब सामान्य वस्त्र या कुर्ता-पायजामा पहनने के निर्देश हैं. इसी प्रकार, जो शिष्य गृहस्थ हैं और पूज्य महाराज जी या केली कुंज की सेवा में जुड़े हुए हैं, उनके लिए भी अब सामान्य वस्त्र या कुर्ता-पायजामा पहनना अनिवार्य किया गया है. इसके अलावा, सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति केवल उन विरक्त शिष्यों को होगी, जो पूज्य महाराज जी की सेवा या केली कुंज की व्यवस्था एवं सेवा में लगे हुए हैं. अब जब भी आप केली कुंज आएगे, आपको वेशभूषा को लेकर यह बदलाव स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा.



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