3 साल में बिस्तर से उठा, काम पर लौटा तो लग गया कलंक, फिर बेड रेस्ट पर शख्स
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टैक्सी चालक दराब सिंह 3 साल बीमारी के बाद काम पर लौटे, पर DND फ्लाइवे पर DTC बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी. जिसमें डीयू की छात्रा हृषिता लाहोन की मौत हो गई. वहीं दराब एक बार फिर बेड रेस्ट पर पहुंच गए.
3 साल में बिस्तर से उठा, काम पर लौटा तो लग गया कलंक, फिर बेड रेस्ट पर आए टैक्सी चालक की दुखभरी कहानी.
जीवन में दुख-दर्द का रोना रोने वाले एक बार टैक्सी चालक दराब सिंह से पूछें कि कष्ट और तकलीफ आखिर होती क्या है. तीन साल तक गंभीर बीमारी में बिस्तर पर पड़ा 33 साल का ये टैक्सी चालक जब बीमारी से उबरा तो उसने काम शुरू किया. हालांकि काम पर जाते ही बिना गलती के उसके माथे पर एक कलंक लग गया और वह फिर बेड पर आ गया. दो बच्चों का पिता आज फिर रोजी रोटी से महरूम हो गया है.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक सोमवार को डीएनडी फ्लाइवे की ओर से नोएडा जाने वाले रास्ते पर आश्रम फ्लाईओवर के पास एक डीटीसी बस ने उबेर बाइक को टक्कर मार दी. जिस पर बैठी असम की रहने वाली 22 साल की छात्रा की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि बस ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी, जिससे लड़की की हालत काफी गंभीर हो गई और इसे चला रहे दराब सिंह को भी चोटें आईं.
फरीदाबाद के रहने वाले दराब सिंह ने बताया कि वह जनवरी में ही ऐप-आधारित राइड बिजनेस में वापस लौटा था. उससे पहले वह तीन साल से ज्यादा समय तक गंभीर सीने के संक्रमण की वजह से बिस्तर पर पड़ा रहा था. इस दौरान उसके बच्चे खाने के लिए भी मोहताज थे. इसी सोमवार को उसने शेख सराय से नोएडा तक बाइक टैक्सी की सवारी ली.एक छात्रा ने राइड बुक की थी.
जब वह पिक-अप पॉइंट पहुंचा और अपनी यात्री से मिला. यात्री थी 22 साल की हृषिता लाहोन थी. वह असम की रहने वाली थी, अंग्रेजी साहित्य की ग्रेजुएट थी और साउथ दिल्ली के पंचशील पार्क में रहती थी. दोनों बाइक से जा रहे थे लेकिन आश्रम फ्लाईओवर के पास अचानक एक बस ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी.
दराब ने बताया, “आसमानी नीले रंग की बस थी. उसने हमें पीछे से टक्कर मार दी. दोनों के हेलमेट टूट गए… उसके बाद मुझे सिर्फ इतना याद है कि एक महिला मदद के लिए आई और हमें अस्पताल ले जाया गया.”
दोनों को जीवन अस्पताल ले जाया गया. बाद में हृषिता को इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल (सरिता विहार) शिफ्ट कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान दोपहर करीब 2 बजे उसकी मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक हृषिता सुबह करीब 10 बजे उबर बाइक टैक्सी से नोएडा जा रही थी तभी डीटीसी बस ने कथित तौर पर मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी. हालांकि जहां घटना हुई वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं था. पुलिस को दुर्घटना की जानकारी मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) रिपोर्ट के जरिए दोपहर 12:58 बजे मिली.
पुलिस ने बताया कि उसका बयान दर्ज नहीं कर सके. जांचकर्ताओं ने गवाहों को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन कोई नहीं मिला. दराब की एमएलसी में भी दुर्घटना से हुए घाव दर्ज हैं. पुलिस पहुंचने से पहले वह जीवन अस्पताल से इलाज कराकर जा चुका था.
दराब कहते हैं कि इस घटना के बाद उनकी जिंदगी फिर उसी जगह पर आ गई है. वह फिर बिस्तर पर हैं और काम नहीं कर सकते. उनके हाथ, घुटने और पैरों में चोटें हैं. उन्हें नहीं पता कि वे कब चल पाएंगे. वहीं इस दुर्घटना को भी वे नहीं भूल पाएंगे जिसमें उनके पीछे बैठी सवारी की मौत हो गई.