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UP Electricity Bill News : अगले साल विधान सभा चुनाव हैं तो यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बिजली कंपनियां इस बार बिजली दरों में इजाफे का प्रस्ताव रखेंगी या नहीं. बीते सात साल से यूपी में बिजली की दरें नहीं बढ़ी हैं.
यूपी में बिजली की यूनिट.
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में बिजली के रेट पर सबकी नजरें टिकी हुई है. हर कोई जानना चाहता है कि अगले साल यानी 2027 में एक यूनिट बिजली की कीमत क्या होगी? एक तरफ अक्टूबर के बिजली बिल में प्रदेश के करीब 3.73 करोड़ उपभोक्ताओं को 5.24% की राहत मिलने जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बिजली कंपनियां अगले वित्तीय वर्ष के लिए नए टैरिफ प्रस्ताव तैयार करने में जुट गई हैं. ऐसे में बड़ा सवाल है कि अगले साल बिजली के दाम बढ़ेंगे या मौजूदा दरें ही जारी रहेंगी?
30 नवंबर तक दाखिल होगा नया टैरिफ प्रस्ताव
बिजली कंपनियों को 30 नवंबर तक उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में अपना टैरिफ प्रस्ताव दाखिल करना है. इसके बाद आयोग प्रस्ताव पर सुनवाई करेगा और तय करेगा कि बिजली की दरों में बदलाव किया जाए या नहीं. खास बात यह है कि यूपी में पिछले करीब सात साल से बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई है. इस दौरान बिजली कंपनियों ने कई बार घाटे का हवाला देते हुए दरें बढ़ाने का प्रस्ताव आयोग के सामने रखा, लेकिन सुनवाई के बाद बढ़ोतरी के प्रस्ताव खारिज होते रहे और उपभोक्ताओं के लिए बिजली की मौजूदा दरें बनी रहीं.
चुनाव से पहले बढ़ेगा बिजली बिल या मिलेगी राहत?
अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में इस बार बिजली कंपनियों के टैरिफ प्रस्ताव पर खास नजर रहेगी. देखना होगा कि कंपनियां घाटे की भरपाई के लिए बिजली दरें बढ़ाने की मांग करती हैं या फिर दरों में बढ़ोतरी नहीं करने का प्रस्ताव आयोग को देती हैं.
अक्टूबर में भी 5.24% की राहत
इस बीच यूपी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए तत्काल राहत की खबर है. अक्टूबर के बिजली बिल में 5.24 प्रतिशत की रियायत मिलेगी. उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. इससे प्रदेश के करीब 3.73 करोड़ उपभोक्ताओं को फायदा होगा और कुल मिलाकर लगभग 424 करोड़ रुपये की बचत होगी.
टैरिफ आदेश पर भी करना होगा अमल
इस साल बिजली की दरें जुलाई में जारी टैरिफ आदेश के जरिए तय हुई थीं. आयोग ने इसमें वर्टिकल व्यवस्था के मूल्यांकन समेत कई निर्देश दिए थे. इन आदेशों पर अधिकतम तीन महीने के भीतर अमल करना होता है. ऐसे में बिजली कंपनियों को अक्टूबर में इन निर्देशों पर कार्रवाई करनी होगी. आयोग ने बहुमंजिला इमारतों में बिजली से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए भी पावर कॉरपोरेशन को निर्देश दिए थे. अब इन आदेशों के अनुपालन पर भी नजर रहेगी.