Meerut Blue Drum Murder Case Verdict : देशभर में चर्चा में रहे सौरभ हत्याकांड में आज जिला न्यायालय में फैसला सुनाया गया. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने इस केस के फैसले के लिए आज यानी 30 सितंबर की तिथि तय की थी. सौरभ की हत्यारोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को न्यायालय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था. कोर्ट ने आज दोनों को दोषी ठहराया है. 14 अक्टूबर को सजा का फैसला आएगा. कोर्ट में 22 लोगों की सुनवाई हुई और दोनों सुनवाई के दौरान बेफिक्र दिखे. इस मामले से जुड़ी हर एक खबर को जानने के लिए पढ़ते रहिए इस लाइव कॉपी को.
हमारा बेटी से कोई लेना-देना नहीं
सौरभ के भाई का कहना है कि बेटी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है. वो तो साहिल की है. उन लोगों का मसला है.
पेशी होने की संभावनाएं बढ़ी
चर्चित सौरभ हत्याकांड में ऑनलाइन माध्यम से ही पेशी होने की संभावनाएं बढ़ गई. इसके लिए मुस्कान साहिल की तरफ से जेल प्रशासन के माध्यम से जिला न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया था. जिसमें उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से ही जजमेंट सुनने की अपील की थी. अभी तक के अपडेट की बात की जाए तो अभी तक सन्नाटा ही छाया हुआ है.
पूजा-पाठ में लगी मुस्कान
जेल प्रभारी ने बताया कि फैसले से पहले मुस्कान ने ज्यादा पूजा-पाठ करना शुरू कर दिया है. वह मेरठ के सांसद अरुण गोविल की ओर से दी गई रामायण का भी प्रतिदिन पाठ करती है. कोर्ट के फैसले का समय नजदीक आने के साथ मुस्कान की धार्मिक गतिविधियां और बढ़ गई हैं. अब उसने शिव की पूजा भी शुरू कर दी है. वहीं, साहिल ने जेल में अपने साथ बंद अन्य कैदियों से बातचीत करना भी बंद कर दिया है. इन दोनों ने खुद ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश होने की मांग की थी.
सौरभ के भाई की ये है मांग
सौरभ के भाई राहुल उर्फ बबलू ने कहा कि मुस्कान और साहिल को सज़ा ए मौत हो. मां भी अपने बेटे के लिए न्याय मांग रही है. फांसी की सजा हो. बता दें, फैसले के मद्देनजर कचहरी में कड़ा पहरा है. क्विक रेस्पांस टीम भी मौजूद है.
कितने बजे आएगा फैसला?
बताया जा रहा है कि इस मामले की सुनवाई 2 बजे से शुरू होगी और 4 बजे तक फैसला सामने आ जाएगा.
क्या बोले सरकारी वकील ?
डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट काउंसिल क्रिमिनल व सरकारी वकील कृष्ण कुमार चौबे ने कहा कि हमारे सामने एक चुनौती थी क्योंकि यह पूरा केस एक सबूत पर निर्भर था. कोई eye witness नहीं था, जिसने देखा हो. शुरू से लेकर अंत तक सिलसिलेवार कुड़ियों को जोड़ा गया. पुलिस के द्वारा जो जांच की गई जो तथ्य सामने लाए गए उन सभी को हमने मजबूती के साथ न्यायालय के सामने रखा. जो भी तथ्य सामने निकल कर आए थे कि पहले ड्रम खरीदा, सीमेंट वाले से खरीदा, चाकू छुरी वाले के पास गए. मेडिकल स्टोर से बेहोश करने की दवा खरीदी.. यह सभी गवाह को पुलिस ने अपने सामने रखा. हम लोगों ने तस्वीर से पहचान कराई, साथ लेकर गए.
उन्होंने कहा कि इन सभी चीजों का होना बहुत जरूरी था. इन्होंने जब वारदात को अंजाम दिया उसके अगले दिन यह लोग घूमने चले गए शिमला और मनाली.लगभग 12 से 14 दिन यह घूमने गए थे जहां-जहां यह गए उन होटलों की फुटेज को हासिल किया. होटल के प्रबंधक से यहां पर बुलाकर रिकॉर्ड भी करवाए गए और कोर्ट के सामने भी उन्होंने बताया कि यह हमारे सामने आए थे और उनकी यह गतिविधियां दिन भर थी.
उन्होंने हमें बताया और हमने न्यायालय के सामने रखा. फैसले के बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता क्योंकि न्यायालय के पास है. हमने पूरे सबूत रखे हैं. हमें उम्मीद है की सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. हमारी भी यही इच्छा है की कड़ी सजा मिले. आप सभी ने देखा कि इस प्रकार की घटनाओं की बाढ़ सी आ गई थी. बहुत तेजी से ऐसी घटनाएं हुई थी. ऐसी घटना उदाहरण न बने इसके लिए हम चाहेंगे की मौत की सजा मिले बाकी न्यायालय पर है.
वकील चौबे ने आगे कहा कि आज हड़ताल भी है. इसलिए न्यायालय कितने बजे फैसला सुनाएगा ये नहीं पता. 313 की प्रक्रिया में आरोपी से घटना को लेकर सवाल पूछे जाते हैं. इस दौरान उन्होंने स्वीकार किया था कि वह पति-पत्नी के रूप में घूमने गए थे और जहां-जहां गए, उसके बारे में भी जानकारी दी थी. परिजनों को पहले से शक था. आरोपी अपने मूल घर के पास ही किराए के मकान में रहता था. लंदन से लौटने के बाद वह तीन-चार दिन तक अपने माता-पिता से मिलने और बातचीत करने जाता था. उसने परिवार को बताया था कि उसकी पत्नी मुस्कान के किसी दूसरे युवक से संबंध हैं और उसे भी जान का खतरा हो सकता है. हालांकि, परिवार वालों ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया, क्योंकि दोनों की लव मैरिज हुई थी. उन्हें उम्मीद नहीं थी कि मामला इतना गंभीर हो जाएगा.
अब तक 22 गवाह पेश
केस में अब तक जिन 22 गवाहों ने गवाही दी है, सभी ने मुस्कान-साहिल को ही सौरभ का हत्यारा बताया है. हत्या सुनियोजित ढंग से की गई थी. आरोपियों ने चाकू, उस्तरा, सीमेंट, बालू और बड़ा नीला ड्रम पहले ही खरीद लिया था.
क्या होगा फैसला
सौरभ की आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल भी कोर्ट में पेश होंगे. क्या दोनों हत्यारोपियों को उम्रकैद होगी या उन्हें फांसी दी जाएगी? या दोनों ही रिहा हो जाएंगे? सभी की निगाहें जज के फैसले पर हैं. 19 मार्च, 2025 को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को मेरठ जेल भेज दिया था. 17 मार्च, 2025 को यह केस कोर्ट में पहुंचा था. जुलाई, 2025 में केस जिला जज की कोर्ट में ट्रायल पर आया. 13 महीने तक बहस चली.
सौरभ हत्याकांड में सारी गवाहियां पूरी
सीनियर एडवोकेट डीजीसी फौजदारी केके चौबे ने कहा कि सौरभ हत्याकांड में सारी गवाहियां पूरी हो चुकी हैं. हमारा प्रयास मुस्कान-साहिल को फांसी की सजा दिलाना है. समाज में जिस तरह पति, पत्नी के रिश्ते को शर्मसार किया गया है, उसके खिलाफ एक कड़ा संदेश जाना चाहिए.