साउथ अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया: क्लीन स्वीप से बाल-बाल बचा ऑस्ट्रेलिया, ‘करो या मरो’ के मुकाबले में दिखाई असली ताकत

साउथ अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया: क्लीन स्वीप से बाल-बाल बचा ऑस्ट्रेलिया, ‘करो या मरो’ के मुकाबले में दिखाई असली ताकत


नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका के पोटचेफस्ट्रूम मैदान पर जब ऑस्ट्रेलियाई टीम उतरी, तो उनके सामने एक बड़ी चुनौती थी. शुरुआती दो मैच हारने के बाद टीम पर क्लीन स्वीप का खतरा मंडरा रहा था. लेकिन इस आखिरी वनडे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने न सिर्फ शानदार वापसी की, बल्कि बारिश से प्रभावित इस मैच को डकवर्थ-लुईस नियम के तहत 45 रनों से जीतकर अपनी साख भी बचा ली. यह जीत उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं थी, क्योंकि पहले दो मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था.

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए शुरुआत से ही रन गति तेज रखने का इरादा साफ था. नियमित कप्तान पैट कमिंस इस मैच में सिर्फ एक गेंदबाज के तौर पर खेल रहे थे, इसलिए कप्तानी का जिम्मा एक बार फिर मिच मार्श के कंधों पर था. मार्श ने शानदार नेतृत्व क्षमता दिखाते हुए बल्ले से भी मोर्चा संभाला. उन्होंने और ट्रैविस हेड ने मिलकर पारी की धमाकेदार शुरुआत की. दोनों ने नौ रन प्रति ओवर की तूफानी गति से रन बनाते हुए 78 रनों की शानदार ओपनिंग साझेदारी की. हेड ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए मात्र 20 गेंदों में 24 रन बनाए. वहीं, मार्श ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 42 गेंदों में 56 रनों की कप्तानी पारी खेली. डर्बन और जोहान्सबर्ग में 60 और 84 रन बनाने वाले मार्श ने इस सीरीज में अपना लगातार तीसरा अर्धशतक जड़ा.

मध्यक्रम ने संभाली पारी
शुरुआती झटकों के बाद दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने वापसी करने की कोशिश की. ब्योर्न फोर्टुइन ने खतरनाक दिख रहे मार्श को एलबीडब्ल्यू आउट किया, जबकि गेराल्ड कोएत्जी ने एक बेहतरीन यॉर्कर पर कूपर कोनोली को 23 रन के निजी स्कोर पर बोल्ड कर दिया. अब जिम्मेदारी मध्यक्रम पर थी. यहां से 20 वर्षीय युवा बल्लेबाज ऑली पीक और अनुभवी एलेक्स कैरी ने पारी को संभाला. इन दोनों ने समझदारी से खेलते हुए 88 गेंदों में 73 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की. यह वही साझेदारी थी जिसकी कप्तान मार्श को सख्त जरूरत थी.

ऑली पीक का दुर्भाग्य और एलेक्स कैरी की शानदार वापसी
ऑली पीक 48 रन बनाकर खेल रहे थे और अपने पहले अर्धशतक से सिर्फ दो रन दूर थे. तभी उन्होंने कॉर्बिन बॉश की गेंद पर एक शानदार शॉट खेला, जो बाउंड्री की तरफ जा रहा था. पीक को लगा कि उनका अर्धशतक पूरा हो गया है, लेकिन तभी प्वाइंट पर खड़े फोर्टुइन ने हवा में छलांग लगाते हुए एक हैरतअंगेज कैच लपक लिया. पीक को निराशा के साथ पवेलियन लौटना पड़ा. इसके बाद एलेक्स कैरी ने मैट रेनशॉ के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया. रेनशॉ ने 30 रन का योगदान दिया. इन दोनों के बीच 66 रनों की साझेदारी हुई. कैरी काफी समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे थे, लेकिन इस मैच में उन्होंने अपनी लय वापस पा ली. उन्होंने 88 गेंदों का सामना करते हुए 74 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली. पिछले साल दिसंबर में एडिलेड में एशेज शतक के बाद से, 17 वनडे और टेस्ट पारियों में यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक था.

कैमरन ग्रीन का साहस और ऑस्ट्रेलिया का विशाल स्कोर
पारी के अंतिम ओवरों में काफी ड्रामा देखने को मिला. कैमरन ग्रीन जब बल्लेबाजी कर रहे थे, तो कॉर्बिन बॉश की एक खतरनाक बीमर गेंद सीधे उनके पास जा लगी. वह दर्द से कराह उठे, लेकिन उन्होंने गजब का साहस दिखाया. अगली ही गेंद, जो एक तेज फुलटॉस थी, उस पर ग्रीन ने शानदार छक्का जड़ दिया. हालांकि, उसके तुरंत बाद एक शॉर्ट गेंद पर वह आउट हो गए. इस घटना में उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया, जिसके कारण वह बाद में गेंदबाजी नहीं कर सके. दक्षिण अफ्रीका के लिए कॉर्बिन बॉश सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने नौ ओवर में 60 रन देकर चार विकेट चटकाए. ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 322 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया.

दक्षिण अफ्रीका की खराब शुरुआत और बार्टलेट का कहर
फ्लड लाइट्स की रोशनी में 323 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की राह आसान नहीं थी. उनकी टीम में चार बड़े बदलाव किए गए थे, जिसमें नियमित कप्तान टेम्बा बावुमा और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ रहे केशव महाराज को आराम दिया गया था. एडेन मार्करम टीम की कमान संभाल रहे थे. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज जेवियर बार्टलेट ने शुरुआत में ही प्रोटियाज टीम को बैकफुट पर धकेल दिया. उन्होंने अपने पांच ओवर के स्पेल में 25 रन देकर दो अहम विकेट लिए. पहले उन्होंने क्विंटन डी कॉक को एक खराब शॉर्ट गेंद पर फंसाया, और फिर कप्तान एडेन मार्करम को एक बेहतरीन स्विंग होती फुल लेंथ गेंद पर पवेलियन भेज दिया.

जम्पा की फिरकी और कमिंस की कसी हुई गेंदबाजी
चोटिल नाथन एलिस, जैक एडवर्ड्स और अब कैमरन ग्रीन की गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण थोड़ा कमजोर लग रहा था, लेकिन एडम ज़म्पा और पैट कमिंस ने इसकी कमी नहीं खलने दी. खराब दौर से गुजर रहे ज़म्पा ने अपनी पुरानी लय हासिल कर ली. उन्होंने छह ओवर में 34 रन देकर दो विकेट झटके. उन्होंने पहले मैच के शतकवीर मैथ्यू ब्रीट्ज़के (25 रन) को अपनी फिरकी में फंसाकर स्टंप आउट कराया और फिर ट्रिस्टन स्टब्स को 14 रन के स्कोर पर एलबीडब्ल्यू कर दिया. वहीं, बतौर गेंदबाज वापसी कर रहे पैट कमिंस ने भी अपनी फिटनेस और फॉर्म का लोहा मनवाया. उन्होंने पांच ओवर में सिर्फ 17 रन दिए और उनकी कसी हुई गेंदबाजी ने दिखा दिया कि वह 9 अक्टूबर को डर्बन में होने वाले पहले टेस्ट के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

बारिश का खलल और डकवर्थ-लुईस नियम से जीत
दक्षिण अफ्रीका की तरफ से केवल रेयान रिकेलटन ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का डटकर सामना कर सके. उन्होंने 81 गेंदों में नाबाद 71 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली. लेकिन दूसरे छोर से उन्हें कोई खास साथ नहीं मिला. जब 28 ओवरों में दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 4 विकेट पर 145 रन था, तभी बारिश ने मैच में खलल डाल दिया. मैच की शुरुआत भी बारिश के कारण आधे घंटे देरी से हुई थी. लगातार बारिश के कारण अंततः अंपायरों ने खेल को रद्द करने का फैसला किया. डकवर्थ-लुईस नियम के आधार पर ऑस्ट्रेलिया पहले ही मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर चुका था और उन्हें 45 रनों से विजेता घोषित किया गया. इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में अपनी लाज बचा ली और आगामी मुकाबलों से पहले अपना खोया हुआ आत्मविश्वास वापस पा लिया.



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