मिथुन राशिफल: करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे, लेकिन लव लाइफ में बरतें सावधानी, जानें पूरा राशिफल

मिथुन राशिफल: करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे, लेकिन लव लाइफ में बरतें सावधानी, जानें पूरा राशिफल


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Aaj Ka Mithun Rashifal 01 October 2026: आश्विन कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा का उच्च गोचर आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास बना रहा है. व्यतिपात योग और गर्ज करण के अद्भुत संयोग के बीच जहां मिथुन राशि के जातकों को पारिवारिक सुख और प्रतिष्ठा मिलने के योग हैं, वहीं पौराणिक मान्यताओं में षष्ठी तिथि का संबंध मामा के कर्मों और श्राप से भी जुड़ता है. जानिए आज का संपूर्ण पंचांग, ग्रहों का प्रभाव और दोष मुक्ति के अचूक उपाय.

Aaj Ka Mithun Rashifal 01 October 2026 (मिथुन राशिफल)/देहरादून: आज 1 अक्टूबर यानी गुरुवार का दिन है. हिंदी पंचांग के अनुसार, आज दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक आश्विन कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू होगी. आज पूरे दिन रोहिणी नक्षत्र विद्यमान रहेगा. चंद्रमा पूरे दिन अपनी उच्च राशि वृषभ में संचरण करेंगे. देहरादून के ज्योतिषाचार्य संजय बताते हैं कि आज व्यतिपात योग बन रहा है जिसका अर्थ होता है उलट-पुलट. इसका प्रभाव यह होगा कि मिथुन राशि वाले लोग आज सोचेंगे कुछ और परंतु काम उसके विपरीत होगा.

पारिवारिक सुख, सफलता और संभावित विवाद
देहरादून के ज्योतिषाचार्य संजय बताते हैं कि आज गर्ज करण का निर्माण हो रहा है जिसका अर्थ धनी और विलासी होता है. आज मिष्ठान पान अवस्था बनने से मिथुन राशि के जातकों को पारिवारिक सुख, जीवन में उन्नति और राजनीतिक अधिकारों की प्राप्ति हो सकती है. आपके परिवार में खुशियां आ सकती हैं और विकास के कई नए रास्ते खुल सकते हैं. हालांकि कुछ मामलों में आपको परिवार के साथ नोकझोंक का सामना करना पड़ सकता है और बच्चों के साथ भी किसी बात पर विवाद हो सकता है.

षष्ठी तिथि और मामा से जुड़ा ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि आज रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा का गोचर हो रहा है जो कि स्वयं इस नक्षत्र के स्वामी हैं और इस समय अपनी उच्च राशि में हैं. आज आश्विन मास की छठी तिथि का श्राद्ध भी है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार छठा स्थान माता के भाई यानी मामा का माना जाता है. पौराणिक संदर्भों में भी मामा कंस और शकुनि अपने भांजे के लिए शत्रु की तरह कार्य कर रहे थे.

पुत्र सुख और गोत्र वृद्धि में बाधा के कारण
ज्योतिषाचार्य ने कहा कि कई बार मामा के श्राप के कारण पुत्र का क्षय या नुकसान हो जाता है और महिलाओं को पुत्र का सुख नहीं मिल पाता है. संतान सुख न मिलने के कारण परिवार का गोत्र आगे नहीं बढ़ पाता है. इसका मुख्य कारण यह माना जाता है कि पूर्व जन्म में व्यक्ति को मामा का श्राप लगा होगा.

दोष निवारण के अचूक और सरल उपाय
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अगर आप इस प्रकार के किसी भी दोष से बचना चाहते हैं तो आपको श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय का नियमित पाठ करना चाहिए और उसे जीवन में आत्मसात करना चाहिए. इसके अलावा मामा के श्राप के प्रभाव से मुक्ति पाने के लिए कन्यादान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. यदि आपके घर में विवाह योग्य कन्या नहीं है तो आप किसी सामूहिक विवाह समारोह में जाकर किसी कन्या का कन्यादान कर सकते हैं जिससे परिवार में सुख और सफलता प्राप्त होगी.



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