नितिन नवीन के सामने कैलाश विजयवर्गीय का CM पर तंज, किस बात को लेकर खड़ा हुआ बखेड़ा?

नितिन नवीन के सामने कैलाश विजयवर्गीय का CM पर तंज, किस बात को लेकर खड़ा हुआ बखेड़ा?


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Kailash Vijayvargiya: कैलाश विजयवर्गीय हमेशा से ही अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. अब एक बार फिर से वह चर्चा हैं. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के सामने ही उन्होंने सीएम मोहन यादव की बात तंज कसा है. इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

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कैलाश विजयवर्गीय की सीएम मोहन यादव पर तंज

Kailash Vijayvargiya CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में 17 सितंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इंदौर के दौरे पर थे. उनका एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक जोरदार स्वागत किया. जगह-जगह स्वागत के लिए स्टेज बनाए गए और उन पर फूलों की बरसा की गई. लेकिन जब इंदौर में स्वामित्व अधिकार योजना में फ्री रजिस्ट्री बांटने के अभियान की शुरुआत हो रही थी, तो एक अलग ही नजारा देखने को मिला. दरअसल मुख्यमंत्री मोहन यादव की बात को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहले तो कुछ गुस्सा नजर आए, लेकिन बाद में उन्होंने बात को हंसी में टाल दिया.

क्या है पूरा मामला
मंच से जब मुख्यमंत्री मोहन यादव बोल रहे थे, तो उन्होंने कहा कि प्रदेश के महामंत्री गौरव रणदिवे के नेतृत्व में कार्यक्रम की पूरी रचना और रूपरेखा बनी. दरअसल सीएम यह बताना चाहते थे कि रणदिवे ने ही पूरे आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है.

जबकि कार्यक्रम इंदौर में हो रहा था और कैलाश विजयवर्गीय वहीं से आते हैं. ऐसा माना जाता है कि इंदौर में कैलाश की पकड़ बहुत ही मजबूत है और वह वहां किसी भी सीट से समर्थन प्राप्त करने का दम रखते हैं. सीएम मोहन यादव के बाद जब विजयवर्गीय की बोलने की बारी आई, तो उन्होंने कहा कि सभी का आभार. सीएम का आभार कि उन्होंने एक राज की बात बताई कि पूरे कार्यक्रम के सूत्रधार गौरव रणदिवे थे. इसके लिए गौरव जी का भी आभार. दरअसल मंत्री ने अपनी बात से सीएम पर तंज करने की कोशिश की.

मीडिया की सुर्खियां बन चुके हैं दोनों के बयान
गौरव रणदिवे को पहले कैलाश विजयवर्गीय के गुट का ही माना जाता है. ऐसा माना जाता रहा है कि कैलाश के समर्थन की वजह से ही गौरव इंदौर के भाजपा नगर अध्यक्ष बने थे. लेकिन बाद में जैसे-जैसे गौरव का कद बढ़, तो सियासी समीकरण बदलने लगे. दोनों कई बार एक मंच पर तो नजर आ चुके हैं, लेकिन दोनों के बयान कई बार मीडिया की सुर्खियां बने हैं.

कई बार मुख्यमंत्री बनते-बनते रह गए कैलाश विजयवर्गीय
दूसरी तरफ कुछ दिन पहले ही कैलाश विजयवर्गीय का मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा लेटर वायरल हुआ था, जिसे बाद में कैलाश ने यह कहते हुए नकार दिया था कि उन्होंने ऐसा कोई लेटर नहीं लिखा. कैलाश की गिनती बीजेपी के कद्दावर नेताओं में होती है. वह बताया कई बार मुख्यमंत्री बनते-बनते रह गए. साल 2023 में वह महासचिव थे, तब बीजेपी ने उन्हें चुनाव लड़वाया, लेकिन सीएम की कुर्सी फिर उन्हें नहीं मिली और मुख्यमंत्री मोहन यादव बन गए.

कैलाश विजयवर्गीय हमेशा से ही अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. अब एक बार बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के सामने उनके दिए बयान को उनके अंदाज वाला ही माना जा रहा है. जब उन्होंने बयान दिया था, तो सीएम मोहन यादव एक बार चौंके जरूर थे और नितिन नवीन से कुछ चर्चा करते हुए नजर आए. अब इस मामले पर अभी तक दोनों तरफ से आधिकारिक तौर पर कुछ भी सामने नहीं आया है.



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