जब पेड़ पर चढ़कर तेंदुआ ने बचाई अपनी जान, बिहार का वीडियो देख हैरत में पड़े लोग

जब पेड़ पर चढ़कर तेंदुआ ने बचाई अपनी जान, बिहार का वीडियो देख हैरत में पड़े लोग


Last Updated:

बिहार में बाढ़ का कहर इंसानों के साथ ही जंगली जानवरों को भी झेलना पड़ रहा है. छपरा में तो बाढ़ से एक बड़ा मकान देखते-देखते ढह गया. दूसरी तरफ छपरा के मकेर एक और हैरान करने वाली तस्वीर देखने को मिली. बाढ़ से घिरे मकेर में एक बाघ पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाए हुए दिखा.

Zoom

छपरा: बिहार में बाढ़ की मार सिर्फ इंसानों पर ही नहीं पड़ी बल्कि कई बेजुबान भी इसके शिकार बने हैं. बिहार की भीषड़ बाढ़ में एक तेंदुआ के बहने का मामला सामने आया है. यह तेंदुआ छपरा के मकेर इलाके में एक पेड़ पर चढ़ा दिखा. तेंदुआ जिस पेड़ पर ऊपर चढ़ा है उसके नीचे चारों तरफ पानी ही पानी है. इस मामले की जानकारी वन विभाग को दे दी गई है. वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बना लिया. चारों तरफ बाढ़ से घिरे पेड़ पर ऊपर चढ़े तेंदुआ को देखकर लोग हैरत में पड़ जा रहे हैं. लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि जान बचाने के लिए आम इंसानों के साथ ही जंगली जानवरों को भी मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ रहा है.

छपरा के मकेर में बाढ़ का ऐसा आलम है कि कई लोगों के सालों की मेहनत बाढ़ में बर्बाद हो गई. बाढ़ के पानी से एक पक्का मकान ढह गया है. मकेर प्रखंड के बाघाकोल और हैजलपुर गांवों के पास सारण बांध (तटबंध) दो जगहों पर 40 से 60 फीट तक ध्वस्त हो गया है. इस कारण कई जगहों पर बाढ़ का पानी तेजी से गांव में प्रवेश कर रहा है. इसी बीच मकान के ध्वस्त होने का वीडियो सामने आया. इस घटना ने लोगों को हिलाकर रख दिया.

गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर वैशाली जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बताया कि सारण में बांध टूटने की घटना के बाद मरम्मत के लिए वैशाली से पांच बड़ी सरकारी नाव भेजी गई हैं. इससे निर्माण सामग्री पहुंचाकर स्थिति को जल्द नियंत्रित किया जा सकेगा. जरूरत पड़ने पर और भी सहयोग भेजा जाएगा. वैशाली जिले में गंडक नदी के जलस्तर को लेकर डीएम ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से गंडक के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. पिछले तीन दिनों से जलस्तर में लगातार वृद्धि देखी गई थी. परसों साढ़े तीन लाख क्यूसेक, कल साढ़े चार लाख क्यूसेक और आज सुबह 11 बजे तक साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ. यह पीक था.



Source link