Pitru Paksha : अकाल मौत वालों की भटक रही आत्मा? पितृ पक्ष में करें ये काम, तभी मिलेगी मुक्ति

Pitru Paksha : अकाल मौत वालों की भटक रही आत्मा? पितृ पक्ष में करें ये काम, तभी मिलेगी मुक्ति


होमताजा खबरधर्म

अकाल मौत वालों की भटक रही आत्मा? पितृ पक्ष में करें ये काम, तभी मिलेगी मुक्ति

Last Updated:

Pitru Paksha Rituals : पितृ पक्ष के में पितरों के निमित्त श्रद्धा और तर्पण करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. इन 15 दिनों में भोजन बनाते समय सबसे पहले उसका एक हिस्सा ब्राह्मण, जरूरतमंद या किसी भूखे व्यक्ति के लिए जरूर निकालें. यह पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का एक तरीका है. लोकल 18 से अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि अगर किसी परिवार में किसी सदस्य की अकाल मौत हुई हो तो उसकी शांति के लिए भी शास्त्रों में उपाय बताए गए हैं. सुबह स्नान करने के बाद भगवान विष्णु का स्मरण करें. विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं.

अयोध्या. सनातन धर्म में पितृ पक्ष का अलग स्थान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष के 15 दिनों में पितरों के निमित्त श्रद्धा और तर्पण करने से परिवार में सुख-शांति और पूर्वजों की कृपा बनी रहती है. अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि पितृ पक्ष में घर पर भोजन बनाते समय सबसे पहले उसका एक हिस्सा ब्राह्मण, जरूरतमंद या किसी भूखे व्यक्ति के लिए निकालना चाहिए. गाय और कुत्ते के लिए भी भोजन का अंश निकालने की परंपरा है. इसे पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का माध्यम माना जाता है. पितृ पक्ष के दौरान घर के दरवाजे पर कोई पशु-पक्षी आए तो उसे भगाने के बजाय यथासंभव भोजन या आहार दें.

क्यों देते हैं सूर्य को अर्घ्य

पंडित कल्कि राम के मुताबिक, पितृ पक्ष के दौरान प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद उगते हुए सूर्य को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें. जल में थोड़े चावल के दाने डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देने की भी परंपरा है. इस दौरान पितरों का स्मरण करते हुए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है. नियमित रूप से किया गया यह कर्म पितरों को शांति पहुंचाता है. पंडित कल्कि राम के अनुसार, अगर किसी परिवार में किसी सदस्य की अकाल मृत्यु हुई हो और आर्थिक या अन्य कारणों से गया जैसे तीर्थ स्थान पर जाकर तर्पण और पिंडदान नहीं कराया जा सका हो, तो घर पर भी श्रद्धापूर्वक धार्मिक उपाय किए जा सकते हैं. सुबह स्नान करने के बाद घर में दीपक जलाकर भगवान विष्णु का स्मरण करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. भगवान विष्णु की आराधना को पितरों की शांति और सद्गति की कामना से जोड़ा जाता है.

मुख्य द्वार पर जलाएं दीपक

पंडित कल्कि राम बताते हैं कि पितृ पक्ष में भगवान शिव को एक लोटा जल अर्पित करने की भी परंपरा है. श्रद्धालु भगवान शिव का स्मरण करते हुए जल चढ़ा सकते हैं. शाम के समय घर के मुख्य दरवाजे के दोनों ओर सरसों के तेल का दीपक जलाने की भी परंपरा है. पंडित कल्कि राम कहते हैं कि इन 15 दिनों में प्रतिदिन श्रद्धा के साथ दीपक जलाकर पितरों का स्मरण किया जा सकता है. पितृ पक्ष में किए जाने वाले इन उपायों का उद्देश्य पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना और उनकी शांति, सद्गति के लिए प्रार्थना करना है.



Source link