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Bhopal Double Murder Case: भोपाल की अदालत ने जून 2018 के चर्चित ट्रक ड्राइवर-क्लीनर डबल मर्डर केस में बड़ा फैसला सुनाया है. नवम अपर सत्र न्यायाधीश ने मुख्य आरोपी आदेश खामरा और जयकरण प्रजापति को दोहरा आजीवन कारावास दिया है. लूट का ट्रक खरीदने वाले दो अन्य आरोपियों को भी 3-3 साल की सजा मिली है.
सांकेतिक फोटो.
रिपोर्ट: रमाकांत दुबे
राजधानी भोपाल के चर्चित ट्रक ड्राइवर और क्लीनर डबल मर्डर केस में अदालत का फैसला आ गया है. नवम अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष शुक्ल की कोर्ट ने बुधवार को इस सनसनीखेज मामले में फैसला सुनाया. कोर्ट ने मुख्य आरोपी आदेश खामरा और उसके साथी जयकरण प्रजापति को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने कहा कि यह मामला केवल लूट का नहीं था, बल्कि यह एक सुनियोजित हत्या थी.
अन्य आरोपियों को भी सजा
अदालत ने आदेश खामरा और जयकरण प्रजापति को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में दोहरा आजीवन कारावास दिया है. साथ ही दोनों को अन्य सभी धाराओं में कुल 18 साल के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई है. वहीं, लूटा गया ट्रक खरीदने वाले आरोपी साहब सिंह उर्फ बलजिन्दर और सुनील खटीक को अदालत ने 3-3 साल की सजा सुनाई है.
जून 2018 से शुरू हुई थी घटना
यह पूरा मामला जून 2018 का है. भोपाल के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र से ट्रक क्रमांक MP 04 HE 8073 गायब हो गया था. ट्रक के साथ उसके ड्राइवर राजेश पंवार और क्लीनर नूर खां भी लापता हो गए थे. शुरुआत में पुलिस ने अशोका गार्डन थाने में ट्रक और दोनों व्यक्तियों की गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की थी.
पकड़े जाने के डर से की थी हत्या
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी आदेश खामरा का गैंग ट्रकों को लूटने और बेचने का काम करता था. आरोपियों ने ट्रक लूटने के बाद पकड़े जाने के डर से ड्राइवर राजेश पंवार और क्लीनर नूर खां की गला घोंटकर हत्या कर दी. दोनों के शवों को चंदेरी और मुंगावली के जंगलों में फेंक दिया गया था.
DNA टेस्ट से हुई थी पहचान
घटना के बाद पुलिस को दोनों के शव काफी सड़ी-गली अवस्था में मिले थे. इस कारण शवों की सीधी पहचान संभव नहीं थी. पुलिस ने वैज्ञानिक तरीका अपनाते हुए DNA टेस्ट कराया। DNA रिपोर्ट से ही मृतकों की पहचान राजेश पंवार और नूर खां के रूप में हुई. पुलिस ने आरोपियों से मृतकों के आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और तस्वीरें भी बरामद की थीं.
बिहार से बरामद हुआ था ट्रक
जांच के दौरान पुलिस को बिहार से कुछ लूटे हुए ट्रक मिले थे. वैज्ञानिक जांच में उनमें से एक ट्रक भोपाल से गायब हुआ MP 04 HE 8073 निकला. इसके बाद पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं.
सरकारी पक्ष की मजबूत पैरवी
अदालत में सरकार की तरफ से विशेष लोक अभियोजक डॉ. राम कुमार खत्री ने पैरवी की. उन्होंने वैज्ञानिक साक्ष्यों और DNA रिपोर्ट को अदालत के सामने मुख्य आधार बनाया. इस पैरवी के बल पर 8 साल पुराने मामले में पीड़ितों को न्याय मिला.