Layoffs 2026: 5 मिनट की Google Meet, 80 लोगों की नौकरी गई, सुबह 6 बजे आया ईमेल, सैकड़ों हो गए बेरोजगार

Layoffs 2026: 5 मिनट की Google Meet, 80 लोगों की नौकरी गई, सुबह 6 बजे आया ईमेल, सैकड़ों हो गए बेरोजगार


Layoffs 2026 latest news: नौकरी लगने के बाद ज्यादातर लोगों को लगता है कि अब कम से कम कुछ समय तक करियर सुरक्षित है लेकिन कॉरपोरेट दुनिया में हाल की दो घटनाओं ने इस भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा किया है. एक मामले में एक अमेरिकी फाइनेंस कंपनी की भारतीय कस्टमर सर्विस टीम के करीब 80 कर्मचारियों को सिर्फ पांच मिनट की गूगल मीट में नौकरी खत्म होने की जानकारी दी गई. दूसरे मामले में टेक कंपनी ऑरेकल के कर्मचारियों को सुबह-सुबह ईमेल मिला कि उनकी भूमिका खत्म कर दी गई है और वही दिन उनका आखिरी वर्किंग डे है.

दोनों घटनाएं अलग कंपनियों और अलग परिस्थितियों की हैं लेकिन नौकरी करने वालों के लिए इनसे एक बात साफ होती है सिर्फ नौकरी होना ही पर्याप्त नहीं है बदलते कामकाजी माहौल में अगले विकल्पों को लेकर भी तैयार रहना जरूरी है.खासकर तकनीक, कस्टमर सपोर्ट और उन नौकरियों में जहां कंपनियां एआई, ऑटोमेशन, आउटसोर्सिंग बदलाव कर रही हैं कर्मचारियों को अपने करियर को लेकर पहले से सतर्क रहना चाहिए.

5 मिनट की गूगल मीट: 80 लोगों की नौकरी गई 

अमेरिकी कंपनी ब्लूवाइन से जुड़ा यह मामला सोशल मीडिया पोस्ट के बाद चर्चा में आया. एक कथित प्रभावित कर्मचारी ने रेडिट के इंडियन वर्कप्लेस समुदाय में लिखा कि वह कंपनी की भारतीय कस्टमर सपोर्ट टीम का हिस्सा था और करीब 80 कर्मचारियों वाली पूरी टीम को एक छोटी सी ऑनलाइन मीटिंग में नौकरी से निकालने की जानकारी दी गई.कर्मचारी के मुताबिक उस दिन टीम को ऑपरेशनल कारणों से घर से काम करने के लिए कहा गया था. वह शाम करीब 6:30 बजे अपनी सामान्य शिफ्ट कर रहा था. इसके लगभग तीन घंटे बाद रात करीब 9:30 बजे पूरी टीम को गूगल मीट में शामिल होने के लिए कहा गया. कर्मचारी का दावा है कि मीटिंग में बताया गया कि पूरी भारतीय कस्टमर सर्विस टीम को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. उसके मुताबिक करीब 80 लोग एक साथ नौकरी से बाहर हो गए और पूरी प्रक्रिया लगभग पांच मिनट में खत्म हो गई यानी जिन कर्मचारियों के लिए उस दिन की शिफ्ट एक सामान्य कामकाजी दिन की तरह शुरू हुई थी कुछ घंटे बाद उनके सामने नौकरी खत्म होने की स्थिति आ गई.

कंपनी ने आउटपुट और प्रदर्शन को वजह बताया

रेडिट पोस्ट पर जब लोगों ने कर्मचारी से पूछा कि इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की गई तो उसके जवाब में कथित तौर पर बताया गया कि कंपनी को भारतीय टीम से अपेक्षित आउटपुट नहीं मिल रहा था हालांकि प्रभावित कर्मचारी ने इस वजह पर असहमति जताई और दावा किया कि भारतीय टीम काम को लेकर काफी दबाव में काम करती थी. कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि कंपनी ने कस्टमर सपोर्ट के लिए एआई आधारित टूल इस्तेमाल किए थे जिसके बाद हयूमैन कॉल की मात्रा में करीब 30 फीसदी कमी आई और बचे हुए काम का एक हिस्सा थर्ड पार्टी वेंडर को सौंपा गया.

कंपनी ने तुरंत सिस्टम एक्सेस भी बंद कर दिया

इस मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक मीटिंग खत्म होने के बाद कर्मचारियों के कंपनी ईमेल, स्लैक और दूसरे सिस्टम तक पहुंच बंद कर दी गई.ऐसे मामलों में कर्मचारी अचानक कंपनी के डिजिटल सिस्टम, फाइल और दूसरे कामकाजी संसाधनों से कट जाते हैं.कर्मचारी की पोस्ट में यह भी कहा गया कि टीम में कुछ ऐसे लोग थे जो लंबे समय से कंपनी के साथ काम कर रहे थे जबकि कुछ नए भर्ती हुए कर्मचारी भी थे. रिपोर्टों में नए कर्मचारियों को नोटिस या अतिरिक्त मुआवजा नहीं मिलने का दावा किया गया है. वहीं कुछ पात्र पुराने कर्मचारियों को उनके कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक नोटिस पीरियड का भुगतान मिलने की बात सामने आई है.

सुबह-सुबह आया नौकरी खत्म होने का ईमेल

अब दूसरी घटना पर आइए. टेक कंपनी ऑरेकल ने 14 सितंबर 2026 से एक और छंटनी का दौर शुरू किया. प्रभावित कर्मचारियों के मुताबिक कुछ लोगों के कंपनी सिस्टम लॉगिन करीब सुबह 4 बजे ही काम करना बंद कर चुके थे. इसके बाद करीब 5 से 5:30 बजे के बीच स्लैक एक्सेस भी बंद होने की खबर सामने आई और फिर करीब 6 बजे कर्मचारियों को आधिकारिक ईमेल मिला.ईमेल में बताया गया कि कंपनी की मौजूदा कारोबारी जरूरतों और बदलाव के तहत संबंधित कर्मचारियों की भूमिका समाप्त की जा रही है.ईमेल के मुताबिक जिस दिन यह सूचना मिली, वही उनका आखिरी वर्किंग डे था यानी यहां भी कर्मचारियों को लंबे नोटिस के बाद नौकरी खत्म होने की सूचना नहीं मिली. कुछ कर्मचारियों के लिए पहले सिस्टम का एक्सेस बंद हुआ और उसके बाद औपचारिक ईमेल आया.

Oracle में किन-किन विभागों पर असर पड़ा?

मीडिया रिपोर्टों और कर्मचारियों की ऑनलाइन पोस्ट के मुताबिक ऑरेकल की इस छंटनी में अलग-अलग विभाग प्रभावित हुए. इनमें ओसीआई सिक्योरिटी, फ्यूजन, नेटसूट, ऑरेकल हेल्थ, कस्टमर सक्सेस सर्विसेज और एचआर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र शामिल बताए गए हैं. कुछ कर्मचारियों ने यह भी कहा कि अच्छी प्रदर्शन रेटिंग वाले लोग भी इस छंटनी की चपेट में आए.यह बात नौकरी करने वालों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह समझ आता है कि छंटनी हमेशा प्रदर्शन के आधार पर ही हो ऐसा जरूरी नहीं है. कंपनी का संगठनात्मक ढांचा बदलना, किसी बिजनेस यूनिट को बंद या छोटा करना, लागत घटाना या किसी काम के तरीके में बदलाव जैसे कारण भी कर्मचारियों की भूमिका को प्रभावित कर सकते हैं.

Oracle में भारत तक पहुंची छंटनी की आंच

ऑरेकल की ताजा छंटनी का असर भारत में भी देखने को मिला है. द फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि भारत में ताजा दौर में करीब 3,000 कर्मचारियों पर असर पड़ने का अनुमान है, हालांकि कंपनी ने भारत में प्रभावित कर्मचारियों की आधिकारिक संख्या सार्वजनिक नहीं की है. रिपोर्ट के अनुसार यह 2026 में भारत में ऑरेकल की दूसरी बड़ी छंटनी है.

AI और बदलती टेक्नोलॉजी भी बन रही है वजह 

ऑरेकल का मामला सिर्फ छंटनी तक सीमित नहीं है. कंपनी एक तरफ एआई और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है और दूसरी तरफ लागत कम करने के लिए संगठन में बदलाव कर रही है.ऑरेकल ने वित्त वर्ष 2026 के खर्च में करीब 700 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी की है.इससे इस योजना की अनुमानित कुल लागत करीब 2.8 अरब डॉलर हो गई है. कंपनी का वैश्विक कर्मचारी आधार भी वित्त वर्ष 2026 में करीब 21,000 कम हुआ. कंपनी की वार्षिक फाइलिंग के मुताबिक 31 मई 2026 तक कर्मचारियों की संख्या करीब 1.41 लाख थी, जबकि एक साल पहले यह करीब 1.62 लाख थी.

नौकरी करने वालों को क्या सीखना चाहिए?

इन घटनाओं को देखकर सबसे जरूरी बात यह समझने की है कि आज के दौर में करियर को सिर्फ एक कंपनी या एक पद से जोड़कर चलना जोखिम भरा हो सकता है. इसका मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी की नौकरी अचानक चली जाएगी, लेकिन बदलती टेक्नोलॉजी और कॉरपोरेट पुनर्गठन के बीच अपने विकल्प तैयार रखना समझदारी है.सबसे पहले अपने कौशल को लगातार अपडेट करते रहना जरूरी है. अगर आप कस्टमर सपोर्ट, डेटा, सॉफ्टवेयर, वित्तीय सेवाओं या किसी ऐसे क्षेत्र में काम करते हैं जहां एआई और ऑटोमेशन तेजी से आ रहे हैं तो यह देखना जरूरी है कि आपकी मौजूदा भूमिका अगले कुछ साल में किस तरह बदल सकती है.

सिर्फ अपने मौजूदा काम में अच्छा होना ही काफी नहीं है.कोशिश यह होनी चाहिए कि आपके पास एक से ज्यादा ऐसे कौशल हों जिन्हें दूसरी कंपनी या दूसरी भूमिका में भी इस्तेमाल किया जा सके.उदाहरण के लिए कस्टमर सपोर्ट में काम करने वाला कर्मचारी डेटा एनालिसिस, सीआरएम टूल्स, एआई आधारित सपोर्ट सिस्टम या ऑपरेशनल मैनेजमेंट जैसे अतिरिक्त कौशल सीख सकता है.

पहले से तैयार रखें रिज्यूमे

इन घटनाओं से नौकरी करने वालों के लिए एक व्यावहारिक सबक यह भी निकलता है कि रिज्यूमे को सिर्फ नौकरी बदलते समय अपडेट करने की आदत न रखें.अपने काम की उपलब्धियां, प्रोजेक्ट, नई जिम्मेदारियां, प्रमाणपत्र और सीखे गए कौशल समय-समय पर रिज्यूमे और प्रोफेशनल प्रोफाइल में अपडेट करते रहें.अगर कंपनी में लगातार पुनर्गठन, लागत घटाने, भर्ती रोकने या टीम छोटी करने की खबरें आ रही हैं तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय अपने विकल्पों पर काम शुरू किया जा सकता है.इसका मतलब तुरंत नौकरी छोड़ना नहीं है, बल्कि बाजार में अपनी प्रोफाइल और अवसरों को समझना है.



Source link