नई दिल्ली. मेरठ का चर्चित सौरभ राजपूत ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड अब जज के फैसले का इंतजार है कि वह पति का मर्डर करने वाली मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी को क्या सजा देती है? इस मामले में सौरभ राजपूत की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला आरोपी हैं और अदालत ने दोनों को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी पाया है. करीब 13 महीने चली ट्रायल प्रक्रिया में 126 पेशियां और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए. 30 सितंबर 2026 यानी बुधवार को मेरठ के जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में इस मामले में अपना फैसला सुनाया है.
मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को जिस जज की अदालत ने इतने चर्चित में दोषी करार दिया है.उनके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है. आइए जानते हैं कौन हैं अरविंद कुमार मिश्रा और उनका न्यायिक सफर कैसा रहा है.
2003 में न्यायिक सेवा में आए
इलाहाबाद हाईकोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, अरविंद कुमार मिश्रा-II का जन्म 2 जुलाई 1971 को हुआ. उनके पिता का नाम स्वर्गीय बीपी मिश्रा दर्ज है और उनका गृह जिला मऊ, उत्तर प्रदेश है.
उन्होंने वर्ष 1990 में सेकंड डिवीजन से बीए की पढ़ाई पूरी की थी.
– वर्ष 1994 में फर्स्ट डिवीजन से एलएलबी की पढ़ाई की है.
– वर्ष 1996 में सेकंड डिवीजन से एलएलएम की पढ़ाई पूरी की है.
इसके बाद 31 मई 2003 को वह न्यायिक सेवा में अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के तौर पर नियुक्त हुए. उनकी पहली पोस्टिंग गाजीपुर में हुई.
गाजीपुर से शुरू हुआ सफर
न्यायिक सेवा की शुरुआत के बाद उनकी पोस्टिंग अलग-अलग जगहों पर होती रही. गाजीपुर में सेवा के बाद वह सैदपुर-गाजीपुर, मुसाफिरखाना-सुल्तानपुर और फिर अलीगढ़ में रहे. अलीगढ़ में उन्होंने अपर सिविल जज, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज सीनियर डिवीजन और रेलवे एसीजेएम जैसी जिम्मेदारियां संभालीं. इसके बाद वर्ष 2011 में वह गोरखपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) बने. यहां से उनके न्यायिक करियर में वरिष्ठ जिम्मेदारियों का सिलसिला आगे बढ़ा.
जिला जज बनने से पहले कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
2013 में वह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गोरखपुर बने. इसके बाद उनकी पोस्टिंग कानपुर नगर में हुई, जहां उन्होंने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और बाद में अपर प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट के तौर पर काम किया. इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में भी प्रतिनियुक्ति पर काम किया. वर्ष 2018 से 2020 के बीच वह लखनऊ में विशेष सचिव एवं अपर विधि परामर्शदाता (Legislative) रहे. हाईकोर्ट की प्रोफाइल में इस अवधि को Deputation के तौर पर दर्ज किया गया है.
फैमिली कोर्ट से स्टेट ट्रांसपोर्ट ट्रिब्यूनल तक
सरकारी प्रतिनियुक्ति के बाद वह बस्ती के प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट रहे. इसके बाद कानपुर नगर के प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट की जिम्मेदारी संभाली. वर्ष 2023 में उन्हें स्टेट ट्रांसपोर्ट अपीलेट ट्रिब्यूनल, लखनऊ का चेयरमैन बनाया गया. यह पद भी उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर संभाला.
2024 में बने जिला एवं सत्र न्यायाधीश
इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रोफाइल के अनुसार, 14 नवंबर 2024 से 19 मई 2026 तक वह जिला एवं सत्र न्यायाधीश मिर्जापुर रहे. इसके बाद 21 मई 2026 से जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मेरठ के पद पर कार्यरत हैं. यानी मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड की सुनवाई जिस अदालत में हुई, उसकी अध्यक्षता वर्तमान में अरविंद कुमार मिश्रा-II कर रहे हैं.
सौरभ राजपूत केस से कैसे जुड़ा नाम?
सौरभ राजपूत हत्याकांड की सुनवाई मेरठ के जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में हुई. अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 30 सितंबर 2026 को इस केस में फैसला सुनाया और पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को दोषी करार दिया. अब दोनों आरोपियों की सजा पर फैसला 14 अक्टूबर को सुनाया जाएगा. इस मामले में 126 पेशियां और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज होने की जानकारी विभिन्न रिपोर्टों में दी गई है.
सजा पर बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की सजा की मांग कर सकती है.जबकि बचाव पक्ष दलील देगा कि कैसे दोनों आरोपियों को इस केस में कम से कम सजा हो.अब इस बात का फैसला 14 अक्टूबर को दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा करेंगे.
जज के न्यायिक सफर पर एक नजर
| साल/अवधि | पद/जिम्मेदारी |
| 2003 | अपर सिविल जज, गाजीपुर |
| 2003-06 | गाजीपुर/सैदपुर में न्यायिक पद |
| 2006-08 | सिविल जज/न्यायिक पद, सुल्तानपुर |
| 2008-11 | अलीगढ़ में विभिन्न न्यायिक पद |
| 2011-13 | CJM, गोरखपुर |
| 2013-15 | अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गोरखपुर/कानपुर |
| 2015-18 | अपर प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, कानपुर |
| 2018-20 | यूपी सरकार में विशेष सचिव एवं अपर विधि परामर्शदाता |
| 2020-23 | प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, बस्ती/कानपुर |
| 2023-24 | चेयरमैन, स्टेट ट्रांसपोर्ट अपीलेट ट्रिब्यूनल |
| 2024-26 | जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मिर्जापुर |
| मई 2026 से | जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मेरठ |