तेज रफ्तार ट्रेन और प्लेटफॉर्म किनारे खड़ी महिला, बच्चे के इशारे ने बचाई जान
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उरकुरा स्टेशन पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ छोटे बच्चों ने स्टेशन मास्टर आनंद उपाध्याय को बताया कि उनके साथ मौजूद महिला ट्रेन के सामने खड़ी हैं. बच्चों की बात सुनते ही आनंद उपाध्याय ने स्थिति की गंभीरता को समझा और बिना देर किए महिला की ओर दौड़ पड़े फिर जो हुआ वो खुद देखिए.
बच्चे के इशारे से बची जान
छत्तीसगढ़ के उरकुरा स्टेशन पर एक हादसा होते-होते टल गया. छोटे बच्चों की सतर्कता और स्टेशन मास्टर की तत्परता ने एक महिला की जान बचा ली. ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर आनंद उपाध्याय को जैसे ही महिला के ट्रेन के सामने खड़े होने की जानकारी मिली, उन्होंने बिना एक पल की दरी किए तुरंत हादसा होने से बचा लिया.
दरअसल, उरकुरा स्टेशन पर स्टेशन मास्टर आनंद उपाध्याय डाउन ट्रेन के संचालन के लिए सिग्नल देने की ड्यूटी में थे. इसी दौरान महिला के साथ मौजूद छोटे बच्चों ने घबराते हुए उन्हें बताया कि महिला ट्रेन के सामने कूदने की नीयत से खड़ी हैं. बच्चों की बात सुनते ही स्टेशन मास्टर को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हो गया.
बच्चों की बात सुनते ही दौड़े स्टेशन मास्टर
आनंद उपाध्याय ने उस वक्त एक पल भी बर्बाद नहीं किया. बच्चों से मिली जानकारी के तुरंत बाद वह महिला की ओर दौड़े. स्टेशन पर ट्रेन संचालन से जुड़ी जिम्मेदारी निभाते हुए भी उन्होंने पहले महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता दी. वह महिला के पास पहुंचे और उन्हें पकड़कर रेलवे ट्रैक से दूर किया. इस तरह समय रहते महिला को ट्रैक से हटा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया.
पूरी घटना में सबसे अहम भूमिका उन बच्चों की रही, जिन्होंने खतरे को महसूस किया और तुरंत स्टेशन मास्टर को इसकी जानकारी दी. अगर बच्चों ने समय रहते आवाज नहीं उठाई होती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी.
ड्यूटी के साथ इंसानियत की मिसाल
रेलवे स्टेशनों पर हर दिन हजारों लोग सफर करते हैं. ऐसे में कर्मचारियों की जिम्मेदारी सिर्फ ट्रेनों के संचालन तक सीमित नहीं रहती. कई बार मौके पर उनकी सूझबूझ और तुरंत लिया गया फैसला किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है. उरकुरा स्टेशन पर आनंद उपाध्याय की तत्परता भी ऐसी ही घटना को दिखाती है. उन्होंने बच्चों की बात को गंभीरता से लिया और बिना देरी किए महिला तक पहुंचे. उनकी कार्रवाई से महिला को रेलवे ट्रैक से सुरक्षित दूर किया जा सका. यहां देखें वीडियो…
बच्चों की पुकार… और स्टेशन मास्टर की तत्परता ने बचाई एक जिंदगी!
उरकुरा स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान स्टेशन मास्टर श्री आनंद उपाध्याय डाउन ट्रेन के संचालन के लिए सिग्नल दे रहे थे। तभी महिला के साथ मौजूद छोटे बच्चों ने घबराकर उन्हें बताया कि महिला ट्रेन के सामने कूदने की नीयत से… pic.twitter.com/lXKAZdxwy6
यह घटना यह भी दिखाती है कि किसी मुश्किल परिस्थिति में आसपास मौजूद लोगों की सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है. बच्चों ने घबराने के बावजूद सही समय पर मदद की गुहार लगाई और स्टेशन मास्टर ने उनकी बात को नजरअंदाज नहीं किया. एक तरफ जहां बच्चों की सजगता ने खतरे की जानकारी दी, वहीं आनंद उपाध्याय की तेजी ने उस खतरे को टालने में अहम भूमिका निभाई. इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि जिम्मेदारी और इंसानियत साथ-साथ चलें, तो मुश्किल वक्त में किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है.