लखनऊ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश की सियासत में ‘पीएम मोदी के हनुमान’ यानी चिराग पासवान ने एक नई सनसनी फैलानी शुरू कर दी है. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के मन में आखिर क्या खिचड़ी पक रही है? क्या वे बिहार की परिधि लांघकर यूपी की राजनीति में कोई नया ‘शॉर्टकट’ तलाश रहे हैं? हाल ही में पटना से लेकर प्रयागराज तक से आए उनके वीडियोज ने राजनीतिक पंडितों का सिर घुमा दिया है. पोस्टर-बैनर, स्वैग भरा गेट-अप और टार्गेट पर देश का ‘Gen-Z’ यानी युवा वोटर! चिराग का यह बदला-बदला अवतार सोशल मीडिया पर जमकर गर्दा उड़ा रहा है.
‘यूथ बोले’ के सहारे क्या है चिराग की नई चाल?
युवा वोटबैंक पर कब्जा: देश के सबसे बड़े युवा वोटबैंक (Gen-Z) को लुभाने के लिए एक ऑल-इंडिया स्टाइल का स्वैग.
यूपी में जमीन की तैयारी: बिहार के बाद अब यूपी के चुनावी दंगल में अपनी खुद की जमीन तैयार करना (वे तो पहले ही चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं).
पार्टी का विस्तार: ‘लोजपा (रामविलास)’ को केवल बिहार तक सीमित न रखकर राष्ट्रीय स्तर पर चमकाना.
सहयोगी बीजेपी पर ‘स्मार्ट प्रेशर’: युवाओं की ताकत दिखाकर बीजेपी को यह अहसास कराना कि ‘लौंडे साथ हैं, तो हम भी कम नहीं हैं.’
एनडीए में ‘सब ओके’ नहीं है गुरु?
चिराग का यह रूप सिर्फ रैलियों तक सीमित नहीं है, उनके तेवर बता रहे हैं कि अंदरखाने कुछ न कुछ पक रहा है. हाल ही में उन्होंने ऐसे बयान दिए हैं, जिससे बिहार से लेकर दिल्ली तक बीजेपी के नेता थोड़ा असहज महसूस कर रहे हैं:
नेशनल यूथ कमीशन की जिद: चिराग कह चुके हैं कि जब तक राष्ट्रीय युवा आयोग नहीं बनता, वे न यूपी में चैन से बैठेंगे और न देश में.
बिहार पुलिस और कानून-व्यवस्था पर हमला: अपनी ही गठबंधन सरकार की पुलिस और सम्राट चौधरी को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं.
इलेक्शन कमीशन को घेरा: एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त तक को लपेटे में ले लिया था.
क्या ध्वस्त होगा अखिलेश का PDA और चंद्रशेखर का प्रभाव?
उत्तर प्रदेश में करीब 21% दलित वोटर हैं. मायावती की बीएसपी के दिन-ब-दिन कमजोर होने के बाद इस वोटबैंक पर सबकी नजर है. अब अगर चिराग पासवान यूपी में दलित युवाओं और Gen-Z के बीच हिट हो गए, तो खेल बड़ा दिलचस्प हो जाएगा:
अखिलेश के ‘PDA’ को करारा झटका: चिराग के जरिए सपा के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वोटबैंक में बड़ी सेंध लगाई जा सकती है.
चंद्रशेखर आज़ाद को चुनौती: दलित युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के लिए भी चिराग एक बड़ा राजनीतिक रोड़ा बन सकते हैं.
क्रक्स यह है: चिराग पासवान अपने इस ‘Gen-Z कनेक्ट’ के दम पर न केवल विपक्षी पार्टियों (सपा-बीएसपी) को झटका देने की फिराक में हैं, बल्कि सहयोगी बीजेपी को भी अपनी सियासी ताकत का अहसास कराने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं.
क्या यूपी में बीजेपी पर गठबंधन के लिए प्रेशर बना रहे चिराग?
चिराग पासवान एक तरफ बिहार में बीजेपी के सीएम सम्राट चौधरी की सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में वह बीजेपी के साथ गठबंधन की इच्छा जाहिर कर चुके हैं. बिहार चुनाव में सीट बंटवारे के दौरान भी चिराग पासवान ने अपने जनसमर्थन की ताकत दिखाकर एनडीए गठबंधन में 29 सीटें हासिल करने में सफल हुए थे. जबकि जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा इस तरह का प्रेशर नहीं बना पाए थे. ठीक इसी तरह चिराग पासवान ने बीजेपी पर प्रेशर बनाकर 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में भी एक सीट चतरा हासिल की थी, जिसपर उन्हें जीत भी मिली थी.
YOUTH बोले तो… PRAYAGRAJ बोले!
संगम की नगरी में गूंजा युवाओं का जोश, नई सोच और नई उड़ान।
एक शाम, हजारों युवा, एक नई ऊर्जा… और बदलाव की नई आवाज़!