इजरायल की फ्लाइट ने कैसे भेजा हाईजैक वाला मैसेज? स्क्वॉक कोड 7500 – 7700 का क्या है मतलब

इजरायल की फ्लाइट ने कैसे भेजा हाईजैक वाला मैसेज? स्क्वॉक कोड 7500 – 7700 का क्या है मतलब


Flight Hijack Alert Code: इजरायल की तरफ जा रहे एक विमान को लेकर इमर्जेंसी की खबर सामने आई. दुबई से तेल अवीव जा रहे इस फ्लाइट के पायलट की तरफ से एक खास सीक्रेट कोड 7700 और फिर बाद में 7500 भेजे जाने के बाद यह कहा जाने लगा कि प्लेन हाईजैक हो गया है. हालांकि बाद में अलग ही कहानी सामने आई कि कॉकपिट में दोनों पायलट आपस में भिड़ गए और इस वजह से इमर्जेंसी कोड भेजा था. ये विमान सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर लैंड हो गया. इसके बाद हाईजैकिंग की बात गलत साबित हुई लेकिन कुछ टाइम के लिए दुनियाभर की सांसें थम गई थीं. अब अहम सवाल है कि ये कोड कौन सा था और इसका मतलब क्या होता है? ये किस सिचुएशन में यूज किया जाता है?

जब कोई विमान हवा में उड़ रहा होता है, तो जमीन पर मौजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से उसका लगातार संपर्क में रहना बेहद जरूरी होता है. लेकिन कई बार इमर्जेंसी में पायलट के पास बोलकर बात करने का टाइम या वैसी कंडीशन नहीं होती है. ऐसी स्थिति में पायलट 4 अंकों के डिजिटल कोड का इस्तेमाल करते हैं, जिसे एविएशन इंडस्ट्री में Squawk Code यानी स्क्वॉक कोड कहा जाता है.

फ्लाई दुबई के विमान के पायलट ने 7700 और 7500 का कोड भेजा. एयर ट्रैफिक कंट्रोल की रडार स्क्रीन पर यह कोड तुरंत फ्लैश होने लगता है और कंट्रोलर समझ जाते हैं कि फ्लाइट में क्या समस्या है. आइए समझते हैं कि स्क्वॉक कोड कैसे काम करते हैं और इमरजेंसी कोड 7700 व 7500 का असली मतलब क्या होता है.

स्क्वॉक कोड क्या होता है?
स्क्वॉक कोड 4 नंबर का एक खास ऑक्टल नंबर यानी 0 से 7 तक के नंबर्स का कॉम्बिनेशन होता है, जिसे पायलट कॉकपिट में मौजूद ट्रांसपोंडर (Transponder) नामक इक्विपमेंट में सेट करते हैं. यह विमान का डिजिटल नंबर प्लेट यानी यह हवा में उड़ रहे विमान को एक खास पहचान देता है.

  • रडार ट्रैकिंग: जमीन पर लगा एटीसी रडार जब विमान को सिग्नल भेजता है, तो ट्रांसपोंडर वापस अपनी लोकेशन, हाइट और वही 4-डिजिट कोड स्क्वॉक करता है.
  • इमरजेंसी कोड: सामान्य उड़ानों के लिए ATC पायलट को एक अलग कोड अलॉट करता है. लेकिन अगर कोई आपात स्थिति आती है, तो पायलट कुछ खास यूनिवर्सल इमरजेंसी कोड का इस्तेमाल करते हैं.

स्क्वॉक कोड 7700 

इसका मतलब जनरल इमरजेंसी है. मतलब कि जान का खतरा या गंभीर टेक्निकल समस्या है. विमान में 7700 कोड सेट होते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की स्क्रीन पर फ्लाइट का लाल या चमकता हुआ आइकन दिखने लगता है और अलार्म बज उठता है.

यह तब इस्तेमाल होता है, जब इंजन में खराबी, विमान में आग लग जाना, केबिन का प्रेशर कम होना, किसी यात्री या क्रू मेंबर को गंभीर मेडिकल इमरजेंसी होती है या फिर ईंधन बेहद कम बचता है. ATC उस रूट के आसपास के सभी विमानों को हटाकर रास्ता साफ करता है. इसके साथ ही नजदीकी एयरपोर्ट पर तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग की प्राथमिकता दी जाती है और रनवे पर फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस को अलर्ट मोड पर तैनात कर दिया जाता है.

स्क्वॉक कोड 7500 

इसका मतलब हाईजैकिंग होता है. इसका विमान के हाईजैक या बंधक बनाए जाने का सीक्रेट सिग्नल होता है. 7500 कोड का इस्तेमाल पायलट तब करते हैं जब विमान में आतंकवादियों, हाईजैकर्स या किसी ने कब्जा कर लिया हो और पायलट खुलकर रेडियो पर बात ना कर पा रहे हों.

खास बात यह है कि कोड बिना किसी शोर-शराबे के सुरक्षा एजेंसियों को मैसेज भेज देता है. किडनैपर्स को भनक भी नहीं लगती कि पायलट ने एटीसी को खबर कर दी है. कोड 7500 मिलते ही देश की एयरफोर्स, सुरक्षा एजेंसियों और एंटी-हाईजैक दस्तों को सतर्क कर दिया जाता है. फाइटर जेट्स तुरंत उस प्लेन को एस्कॉर्ट करने के लिए हवा में भेज दिए जाते हैं.



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