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बीकानेर नगर निगम चुनाव में नामांकन वापसी का दिन कांग्रेस के लिए किसी बड़े सियासी सुकून से कम नहीं रहा. कांग्रेस से बगावत कर उम्मीदवार अनिल कल्ला के सामने पर्चा भरने वाले नवरतन डागा ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं. हालात को संभालते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मोर्चा संभाला. डोटासरा से मुलाकात के बाद डागा ने नामांकन वापस ले लिया. डागा ने साफ कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ लोकतांत्रिक सिस्टम से थी, वे पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और जब सबने अनिल कल्ला को चुना है तो वे भी उनके साथ खड़े हैं.
बीकानेर. राजस्थान के जिले बीकानेर नगर निगम मेयर चुनाव में कांग्रेस के लिए आज का दिन राहत भरा रहा. पार्टी से बगावत कर नामांकन दाखिल करने वाले नवरतन डागा ने अपना पर्चा वापस ले लिया है. इसके बाद अब मेयर पद के लिए कांग्रेस के अनिल कल्ला और बीजेपी के डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच सीधा मुकाबला होगा.
बीकानेर नगर निगम चुनाव में नामांकन के दिन ही कांग्रेस के सामने मुश्किल खड़ी हो गई थी. पार्टी के उम्मीदवार अनिल कल्ला के सामने नवरतन डागा ने भी नामांकन दाखिल कर दिया था. इसके बाद कांग्रेस में गुटबाजी को लेकर सवाल उठने लगे थे.
‘हम कांग्रेस के सिपाही’
डागा को साथ लाने और पार्टी में मतभेद कम करने के प्रयास शुरू किए गए. आखिरकार कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात के बाद नवरतन डागा ने अपना नामांकन वापस ले लिया. डागा ने कहा कि उन्होंने अपनी बात सभी के सामने रखने के लिए नामांकन भरा था. वे कांग्रेस के सिपाही हैं और जब पार्टी ने अनिल कल्ला को उम्मीदवार चुना है, तो वे भी उनके साथ हैं. उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर थी, जिसे प्रदेशाध्यक्ष ने भी सराहा.
कांग्रेस ने जताया आभार
पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने नवरतन डागा का आभार जताया और कहा कि उन्होंने पार्टी के समर्थन में नामांकन वापस लिया है. वहीं, परिवारवाद के आरोपों पर डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि उन्हें राजनीति में 50 साल हो गए हैं. उनके परिवार से अब तक कोई आगे नहीं आया. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर परिवार का कोई सदस्य चुनाव लड़ता है, तो इसे परिवारवाद कैसे कहा जा सकता है.
बीडी कल्ला बीजेपी में भी कई परिवारों के चुनाव लड़ने का जिक्र किया. देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिसनाराम सिहाग ने कहा कि कांग्रेस एकजुट है. उन्होंने दावा किया कि नगर निगम में कांग्रेस का मेयर 50 वोट से बनेगा.
80 वार्डों के समीकरण पर नजर
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस ने 42 सीटें जीती हैं, जबकि बीजेपी के खाते में 27 सीटें हैं. इसके अलावा 10 निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद हैं. मेयर चुनाव में दोनों दल निर्दलीय पार्षदों के समर्थन और क्रॉस वोटिंग के जरिए जीत का दावा कर रहे हैं. बीजेपी भी समर्थन जुटाने की कोशिश में है और उसे बोर्ड बनाने की उम्मीद है.
21 सितंबर को होगा फैसला
अब मेयर पद के लिए कांग्रेस के अनिल कल्ला और बीजेपी के डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच सीधा मुकाबला है. 21 सितंबर को वोटिंग होगी और शाम तक बीकानेर के अगले मेयर का फैसला हो जाएगा.