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चित्रकूट में 29 अगस्त को आई बाढ़ से रामघाट की रौनक फीकी पड़ गई है. मां मंदाकिनी की भव्य आरती रुक गई थी, अब नवरात्रि की द्वितीया से यह बनारस की तर्ज पर फिर शुरू होगी. बाढ़ के कारण जहां रामघाट के घाट, दुकानें और आश्रम प्रभावित हुए हैं, वहीं इसका असर मां मंदाकिनी की प्रसिद्ध आरती पर भी पड़ा है. शाम होते ही हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों से गुलजार रहने वाला रामघाट इन दिनों काफी शांत नजर आ रहा है.
चित्रकूटः धर्म नगरी चित्रकूट में 29 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने रामघाट की रौनक छीन ली है. बाढ़ के कारण जहां रामघाट के घाट, दुकानें और आश्रम प्रभावित हुए हैं, वहीं इसका असर मां मंदाकिनी की प्रसिद्ध आरती पर भी पड़ा है. शाम होते ही हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों से गुलजार रहने वाला रामघाट इन दिनों काफी शांत नजर आ रहा है. श्रद्धालु अब दोबारा उसी भव्य आरती के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, जो बनारस की तर्ज पर मां मंदाकिनी के तट पर आयोजित होती थी.
बाढ़ से आरती हुई थी प्रभावित
आप को बता दे कि 29 अगस्त को मंदाकिनी नदी में आई रिकॉर्ड बाढ़ के दौरान रामघाट का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया था. तेज बहाव के कारण आरती स्थल पर रखा सामान बह गया और साउंड सिस्टम, लाइट समेत अन्य व्यवस्थाएं भी पूरी तरह प्रभावित हो गईं थी. इसके बाद से यहां होने वाली भव्य आरती को रोक दिया गया था. फिलहाल अभी शाम को मां मंदाकिनी की एकल आरती कराई जा रही है. जानकारी के अनुसार मां मंदाकिनी की भव्य आरती चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण रही है. शाम के समय रामघाट पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते थे और मां मंदाकिनी की आरती में शामिल होकर आध्यात्मिक माहौल का आनंद लेते थे.
नवरात्रि में फिर शुरू होगी भव्य आरती
आरती प्रबंधन से जुड़े अश्वनी अवस्थी ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि 29 अगस्त को आई भीषण बाढ़ से रामघाट की व्यवस्थाएं पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई थीं. बाढ़ का पानी दो मंजिला तक के आश्रम और मकानों में पहुंच गया था,आरती का पूरा सामान भी पानी में बह गया, जबकि साउंड सिस्टम और लाइट व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है. प्रशासन और जिलाधिकारी के प्रयासों से रामघाट पर अब धीरे-धीरे व्यवस्थाएं सामान्य हो रही हैं. लगातार साफ-सफाई और मरम्मत का काम कराया जा रहा है, फिलहाल मां मंदाकिनी की एकल आरती कराई जा रही है. उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि आरती ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि नवरात्रि की द्वितीया से मां मंदाकिनी की भव्य आरती को दोबारा बनारस की तर्ज पर शुरू की जाएगी .इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं और जिलाधिकारी की ओर से भी सहयोग दिया जा रहा है.
2003 में भी बाढ़ से प्रभावित हुई थी आरती
आरती प्रबंधन का कहना है कि इससे पहले वर्ष 2003 में भी मंदाकिनी में इसी तरह की भीषण बाढ़ आई थी. उस समय भी रामघाट की व्यवस्थाएं प्रभावित हुई थीं और आरती पर इसका असर पड़ा था,अब 2026 की बाढ़ के बाद एक बार फिर रामघाट को अपनी पुरानी रौनक में लौटने का इंतजार है. नवरात्रि में भव्य आरती शुरू होने के बाद से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगेगी. फिलहाल कई जगहों पर अभी भी मरम्मत और सफाई का काम चल रहा है. ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या ना हो