‘1980 से 8 बार विधायक रहा, मैंने वो दौर देखा…’, चिराग पासवान को जीतन राम मांझी का सीधा जवाब, बोले-मोदी-सम्राट के नेतृत्व में चल रही सरकार

‘1980 से 8 बार विधायक रहा, मैंने वो दौर देखा…’, चिराग पासवान को जीतन राम मांझी का सीधा जवाब, बोले-मोदी-सम्राट के नेतृत्व में चल रही सरकार


Last Updated:

Jitan Ram Manjhi on Chirag Paswan: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयान पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बड़ा पलटवार किया है. मांझी ने कहा कि सबकी अपनी-अपनी बात है, लेकिन भारत में नेतृत्व नरेंद्र मोदी का और बिहार में सम्राट चौधरी का है. उन्होंने डबल इंजन की सरकार पर गौरव जताते हुए कहा कि आज बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति पहले से बेहतर है. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िये.

Zoom

चिराग पासवान के बयान पर जीतन राम मांझी का पलटवार.

पटना. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आरक्षण को लेकर चिराग पासवान के बयान पर अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व की तारीफ की है. मांझी ने कहा कि केंद्र और बिहार में डबल इंजन की सरकार चल रही है और वह इस व्यवस्था से गौरवान्वित हैं. उन्होंने बिहार में कानून-व्यवस्था और विकास के कामों का भी जिक्र किया. साथ ही आरक्षण में वर्गीकरण की मांग दोहराते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आरक्षण का मौजूदा ढांचा या कुल प्रतिशत बदलना नहीं, बल्कि आबादी और वंचित वर्गों के हिसाब से लाभ पहुंचाना है.

पीएम मोदी और सीएम सम्राट के नेतृत्व का किया जिक्र

जीतन राम मांझी ने कहा कि देश में नरेंद्र मोदी और बिहार में सम्राट चौधरी नेतृत्व कर रहे हैं. उनके मुताबिक, केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार होने से विकास के काम आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने BRICS सम्मेलन में भारत का नाम ऊंचा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की. बिहार सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए मांझी ने कहा कि विकास और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार काम कर रही है.

लालू राज से मौजूदा कानून-व्यवस्था की तुलना

बिहार की कानून-व्यवस्था पर अपनी बात रखते हुए मांझी ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि वह 1980 से विधायक रहे हैं और आठ बार विधानसभा के सदस्य चुने गए. लालू प्रसाद यादव के शासनकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में अपहरण और दुष्कर्म के आरोपियों को भी सत्ता के केंद्र तक बुलाकर समझौते किए जाते थे. इसके मुकाबले उन्होंने मौजूदा सरकार में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का दावा किया और ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ का जिक्र किया.

आरक्षण और कानून व्यवस्था पर चिराग ने क्या कहा

बता दें कि चिराग पासवान ने कहा था कि आरक्षण पर कोई बात आई तो वह इस्तीफा देने में देर नहीं करेंगे. इसके जवाब में मांझी ने सुप्रीम कोर्ट के 2024 के फैसले का हवाला दिया, जिसमें पर्याप्त आंकड़ों के आधार पर अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण की अनुमति दी गई थी. मांझी ने कहा कि वर्गीकरण का मतलब आरक्षण का कुल प्रतिशत घटाना नहीं है. उनका कहना है कि आबादी और वंचित समूहों की स्थिति के आधार पर आरक्षण का लाभ बांटने पर विचार होना चाहिए. वहीं, चिराग पासवान ने बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का हिस्सा होने पर दुख और शर्म होने की बात कही थी. सत्ता में भागीदार दल के बड़े नेता की इस टिप्पणी के बाद एनडीए सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई.

एनडीए के भीतर मांझी और चिराग की अलग-अलग राय

दूसरी ओर जीतन राम मांझी के इस बयान से साफ है कि एनडीए के अंदर आरक्षण और बिहार में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर दो अलग-अलग राय सामने आ रही हैं. चिराग पासवान जहां आरक्षण के मौजूदा स्वरूप को बनाए रखने की बात कर रहे हैं, वहीं मांझी वर्गीकरण और जनसंख्या के आधार पर आरक्षण की वकालत कर रहे हैं. दूसरी ओर बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी जीतन राम मांझी की राय चिराग पासवान से अलग है.



Source link