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लखीमपुर खीरी में अक्टूबर के दौरान मौसम बदलने पर मछली पालकों को तालाब के पानी और ऑक्सीजन स्तर पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी के अनुसार, मछलियां पानी की सतह पर आकर मुंह खोलती दिखें तो यह ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकता है. ऐसे में एरिएशन सिस्टम और पानी की गुणवत्ता पर नजर रखना जरूरी है.
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान बड़े पैमाने पर मछली पालन करते है. मछली पालन किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का अच्छा जरिया बन रहा है. लेकिन अक्टूबर महीने में मौसम में अचानक बदलाव होने से मछलियों की देखभाल को लेकर किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है तापमान में उतार-चढ़ाव और तालाब के पानी की गुणवत्ता खराब होने पर मछलियों में परेशानी बढ़ सकती है कई बार ऑक्सीजन की कमी होने पर मछलियां तालाब की सतह पर आकर सांस लेने लगती हैं और स्थिति गंभीर होने पर उनकी मौत भी हो सकती है.
मौसम बदलते ही मछलियों की देखभाल पर दें ध्यान
मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी निखिल त्रिपाठी ने बताया कि मछली पालन करते समय तालाब के पानी में पर्याप्त ऑक्सीजन बनाए रखना बेहद जरूरी होता है खासकर मौसम में बदलाव के दौरान किसान तालाब पर लगातार नजर रखें. अगर मछलियां पानी की ऊपरी सतह पर आकर मुंह खोलती हुई दिखाई दें तो यह पानी में ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकता है
एरिएशन सिस्टम से बढ़ा सकते हैं ऑक्सीजन
निखिल त्रिपाठी के मुताबिक तालाब में ऑक्सीजन की कमी की समस्या से बचने के लिए किसान एरिएशन सिस्टम लगवा सकते हैं. इससे पानी में ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखने में मदद मिलती है. बड़े तालाबों में ऑक्सीजन की स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि अचानक ऑक्सीजन कम होने पर बड़ी संख्या में मछलियां प्रभावित हो सकती हैं.
तालाब के पानी की साफ-सफाई भी जरूरी
मछलियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए तालाब के पानी की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी है. तालाब में गंदगी, सड़ने वाला जैविक पदार्थ या जरूरत से ज्यादा अवशेष जमा होने पर पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. इसलिए किसान समय-समय पर तालाब की स्थिति की जांच करते रहें.मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी ने किसानों को सलाह दी कि एक महीने के अंदर पानी बदलते रहें, ताकि तालाब का पानी खराब न हो और मछलियों को बेहतर वातावरण मिल सके. हालांकि पानी बदलते समय तालाब की स्थिति और मछलियों की आवश्यकता का ध्यान रखना भी जरूरी है.
थोड़ी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
मछली पालन में किसान हजारों रुपये का निवेश करते हैं. ऐसे में मौसम बदलने के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है. किसानों को नियमित रूप से मछलियों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और पानी की गुणवत्ता तथा ऑक्सीजन स्तर को बनाए रखने के लिए जरूरी व्यवस्था करनी चाहिए.