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Bihar Teachers AI Training : बिहार में शिक्षकों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग दी जाएगी. विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और Google LLC के बीच इसको लेकर स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर हुए हैं. प्रशिक्षण हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दिया जाएगा. इसमें शिक्षकों को Google के Gemini और NotebookLM जैसे AI टूल्स के सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी.
बिहार में शिक्षकों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग दी जाएगी. (AI Image)
पटना. बिहार में शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके लिए विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और Google LLC के बीच स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (SOI) पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों की AI साक्षरता बढ़ाना और उन्हें डिजिटल शिक्षण के लिए जरूरी तकनीकी कौशल से लैस करना है.
हिंदी और अंग्रेजी में मिलेगा AI प्रशिक्षण
इस पहल के तहत शिक्षकों के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में AI प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया जाएगा. इसमें शिक्षकों को AI के व्यावहारिक और सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी. खास तौर पर शिक्षा के क्षेत्र में AI टूल्स के प्रभावी उपयोग पर जोर रहेगा.
Gemini और NotebookLM का मिलेगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को Google के Gemini और NotebookLM जैसे AI टूल्स के सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी जाएगी. इसका उद्देश्य शिक्षकों को तकनीक से जोड़ना और कक्षा में डिजिटल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए तैयार करना है.
डिजिटल शिक्षा के लिए तकनीकी सहयोग
Google की ओर से बिहार में डिजिटल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भी तकनीकी सहयोग दिया जाएगा. इसके तहत डिजिटल आईडी, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और भाषा प्रयोगशालाओं के विकास में मदद मिलने की बात कही गई है.
शिक्षकों की क्षमता विकास पर जोर
इस पहल के जरिए शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और उन्हें बदलती तकनीक के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया जाएगा. AI आधारित संसाधनों के इस्तेमाल से शिक्षण प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और तकनीक आधारित बनाने की योजना है.
विभाग और Google के बीच हुए समझौते के बाद अब प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा. इसका फोकस शिक्षकों को AI के सुरक्षित इस्तेमाल की समझ देने के साथ-साथ स्कूलों में डिजिटल शिक्षण वातावरण विकसित करने पर रहेगा.