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नोएडा के निठारी कांड के आरोपी 50 वर्षीय सुरेंद्र कोली हरिद्वार में हाईवे के किनारे चाय की टपरी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मौत से ठीक पहले उसने अपने पुराने परिचित और पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत को फोन करके अपनी लाचारी बयां की थी. बताया था कि टपरी का मालिक पैसों और किराए के लिए उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा है. कोली पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट से बरी होने के बाद वह अपनी आजीविका चलाने के लिए संघर्ष कर रहा था.
क्या थे सुरेंद्र कोली के आखिरी शब्द?
Surendra Koli Last Word: नोएडा के निठारी कांड के आरोपी 50 साल के सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में मृत मिला. जांच में पता चला कि उसने आत्महत्या कर अपनी जान दी है. हाईवे के किनारे एक छोटे से खोखे (चाय की टपरी) चलाने वाले कोली ने मरने से पहले अपने पुराने मददगार को फोन मिलाया था. मरने से पहले उसने अपनी लाचारी जाहिर की थी. उसने फोन पर बोला था, खोखा का मालिक उसे पैसों के लिए परेशान कर रहा है. जब तक उसके मददगार कुछ जान पाते अगली सुबह वह अपने खोखे में ही मृत पाया गया.
कौन था जिसको कोली ने फोन किया
निठारी हत्याकांड के आरोपी सुरेंद्र कोली 10 दिनों से चाय की टपरी से अपनी आजीविका चला रहा था. उसी चाय की टपरी में ही वह रहा करता था. हालांकि, बीती रात को पैसों की तंगी और टपरी के मालिक द्वारा किराये की पैसों की मांग से परेशान हो कर अपने पुराने जानकार पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत को फोन किया था. उसने बताया कि टपरी का मालिक रुपयों के लिए परेशान कर रहा है. अगली सुबह उसने अपनी जान ही दे दी.