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फिरोजाबाद के असुआ गांव के किसान परिवार से आने वाले मोहित कुशवाह ने सरकारी नौकरी पाने का सपना मेहनत और लगन से पूरा किया. रोजाना 7 किलोमीटर साइकिल चलाकर सीएम अभ्युदय योजना की फ्री कोचिंग में पढ़ाई करने वाले मोहित ने एक साथ तीन प्रतियोगी परीक्षाएं पास कीं और आगरा में रेलवे के स्वास्थ्य एवं मलेरिया निरीक्षक पद पर नौकरी जॉइन की.
फिरोजाबाद: कहते हैं कि मेहनत ही सफलता की कुंजी है और इसे फिरोजाबाद के असुआ गांव के मोहित कुशवाह ने सच कर दिखाया. खेती करने वाले परिवार से आने वाले मोहित ने सरकारी नौकरी का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत की. गांव से रोजाना कई किलोमीटर साइकिल चलाकर फ्री कोचिंग पहुंचते थे और घर लौटकर खेती के काम में भी हाथ बंटाते थे. लगातार तैयारी के बाद उन्हें एक साथ तीन परीक्षाओं में सफलता मिली. परिवार में वह पहले सदस्य बने, जिन्हें सरकारी नौकरी मिली.
लोकल 18 से बातचीत में मोहित कुशवाह ने बताया कि उनके पिता गांव में खेती करते हैं. परिवार में पहले कभी किसी की सरकारी नौकरी नहीं लगी थी, लेकिन उन्होंने शुरुआत से ही सरकारी नौकरी पाने का लक्ष्य तय कर लिया था.
गांव में शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद वह ग्रेजुएशन के लिए कानपुर गए. इसी दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की. बाद में उन्हें सरकार की सीएम अभ्युदय योजना के बारे में जानकारी मिली.
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मोहित ने शिकोहाबाद के नारायण पीजी कॉलेज में चल रही सीएम अभ्युदय योजना की मुफ्त कोचिंग में पंजीकरण कराया. यहां तैयारी करने के लिए वह रोजाना अपने गांव से करीब 7 किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचते थे. करीब एक साल की लगातार तैयारी के बाद उन्हें एक साथ तीन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिली.
मोहित ने बताया कि उन्होंने रेलवे, पुलिस सब इंस्पेक्टर और पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर की परीक्षाएं दी थीं और तीनों में उनका चयन हुआ. हालांकि, रेलवे विभाग में पहले जॉइनिंग मिलने पर उन्होंने आगरा में रेलवे के स्वास्थ्य एवं मलेरिया निरीक्षक पद पर नौकरी जॉइन कर ली.
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और सीएम अभ्युदय योजना से मिली तैयारी को दिया. अब उनके छोटे भाई-बहन भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं.