Last Updated:
Amla Health Benefits: आंवला विटामिन सी, फाइबर और पॉलीफेनॉल जैसे पोषक तत्वों का स्रोत है. पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में प्रतापगढ़ के आंवला कारोबार का जिक्र किया. इसे कच्चा, चटनी या दूसरे व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी की दवा नहीं समझना चाहिए.
आंवला खाने के फायदे: रोज खाने से क्या होता है?
Amla Health Benefits: किचन में रखा छोटा सा हरा आंवला अक्सर अचार, मुरब्बे या चटनी तक सीमित रह जाता है. लेकिन यही फल अब उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की पहचान और स्थानीय कारोबार की कहानी भी बन रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में प्रतापगढ़ के आंवला कारोबार और इससे जुड़े किसानों व महिलाओं के प्रयासों का जिक्र किया.
उन्होंने आंवले के पारंपरिक इस्तेमाल की बात करते हुए इसे “मजेदार भी, हेल्दी भी” बताया. ऐसे में आंवले को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर इसमें ऐसा क्या है, जिसकी वजह से यह फल खानपान और पोषण दोनों में खास माना जाता है.
प्रतापगढ़ के आंवले का क्यों हुआ जिक्र?
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि प्रतापगढ़ में आंवले की खेती पीढ़ियों से होती रही है. ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ यानी ODOP के तहत आंवला आधारित स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा मिला है. उनके मुताबिक जिले में आंवला प्रोसेसिंग से जुड़ी करीब 100 यूनिट काम कर रही हैं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कैंडी, मुरब्बा, जूस और अचार जैसे उत्पाद तैयार कर रही हैं. इस कहानी का दूसरा पहलू आंवले की पोषण संबंधी खूबियां हैं. आंवला यानी इंडियन गूजबेरी में विटामिन सी के साथ पॉलीफेनॉल और दूसरे जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं. अलग-अलग किस्मों पर हुई रिसर्च में इसके विटामिन सी की मात्रा में काफी अंतर पाया गया है. इसलिए हर आंवले में एक जैसी मात्रा मानना सही नहीं होगा.
आंवला खाने से शरीर को क्या मिल सकता है?
विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत
विटामिन सी शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है. यह सामान्य इम्यून फंक्शन में भूमिका निभाता है और शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर भी काम करता है. आंवले में विटामिन सी के साथ पॉलीफेनॉल जैसे यौगिक भी पाए जाते हैं. इसी वजह से इसे संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है.
पाचन के लिए डाइट में उपयोगी
आंवले में फाइबर भी पाया जाता है. अलग-अलग अध्ययनों में इसकी मात्रा किस्म और नमूने के अनुसार अलग रही है. फाइबर वाली चीजें संतुलित आहार का हिस्सा होती हैं और पाचन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी मानी जाती हैं. इसलिए आंवले को केवल किसी एक बीमारी के इलाज के तौर पर देखने के बजाय पौष्टिक फल के रूप में डाइट में शामिल करना बेहतर है.
ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल पर रिसर्च
आंवले के सेवन और मेटाबॉलिक हेल्थ को लेकर कुछ क्लिनिकल रिसर्च भी हुई है. 2023 की एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-एनालिसिस में आंवला सप्लीमेंटेशन से ब्लड ग्लूकोज और कुछ लिपिड पैरामीटर में सुधार के संकेत मिले थे. हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि इन नतीजों की पुष्टि के लिए आगे अध्ययन जरूरी हैं. इसलिए डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की दवा की जगह आंवले को इस्तेमाल करना सही नहीं है.
आंवला रोज कैसे खाएं?
इसे कच्चा काटकर हल्के नमक के साथ खाया जा सकता है. चटनी, दाल या सब्जी में मिलाना भी आसान तरीका है. आंवले का जूस एक ऑप्शन हो सकता है, लेकिन उसमें एक्स्ट्रा शुगर डालने से बचना बेहतर है. मुरब्बा और कैंडी स्वादिष्ट जरूर हैं, मगर इनमें शुगर की मात्रा अधिक हो सकती है. आंवला पाउडर या सप्लीमेंट लेने वालों को पैक पर दी गई मात्रा और सामग्री जरूर देखनी चाहिए. किसी खास बीमारी के लिए इसे नियमित रूप से लेने की सोच रहे हैं तो डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेना बेहतर रहेगा.