8 महीने, 25 हजार बच्चे… छतरपुर के ट्रैफिक पार्क ने बदल दी सड़क सुरक्षा की तस्वीर

8 महीने, 25 हजार बच्चे… छतरपुर के ट्रैफिक पार्क ने बदल दी सड़क सुरक्षा की तस्वीर


Chhatarpur Traffic Park: सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से छतरपुर पुलिस ने छतरपुर शहर में 30 जनवरी 2026 को एक अत्याधुनिक और हाई-टेक ट्रैफिक पार्क तैयार किया था. इसे एक रोड सेफ्टी ट्रेनिंग सेंटर के रूप में तैयार किया गया था. जहां को सिखाया जाता है कि वे ट्रैफिक सिग्नल, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और अन्य नियमों का सही तरीके से पालन कैसे करें. अभी तक यहां 25000‌ से ज्यादा बच्चों को ट्रेनिंग मिल चुकी है.

छतरपुर यातायात थाना में पदस्थ ट्रैफिक वार्डन मार्शल आकाश गौतम बताते हैं कि छतरपुर जिले के पूर्व एसपी अगम जैन सर का विजन था कि जिले में एक ट्रैफिक पार्क बनें. इस पार्क को बनने में यातायात प्रभारी ब्रहस्पति कुमार साकेत सर ने भी पूरा सहयोग किया और आज इस पार्क में हजारों टीनएज बच्चे ट्रेनिंग ले चुके हैं. मैं इस ट्रैफिक पार्क का ट्रैफिक इंस्ट्रक्टर भी हूं.

8 महीने में 25000 बच्चों ने ली ट्रेनिंग
आकाश बताते हैं कि छतरपुर के सागर रोड स्थित यातायात थाना परिसर के भीतर 30 जनवरी 2026 को ट्रैफिक पार्क का शुभारंभ किया गया था. लगभग 8 महीने में 25000‌ से अधिक बच्चे यहां ट्रेनिंग ले चुके हैं. आकाश बताते हैं कि यह ट्रैफिक पार्क विशेषकर बच्चों और युवाओं को यातायात नियमों की जानकारी देने और उनमें जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया है. यहां कोई भी आकर विजिट कर सकता है. हमारे कंट्रोल रूम का नंबर है जिस पर कॉल कर ट्रेनिंग की जानकारी ले सकते हैं. इसके बाद हम स्वयं ही आपको ट्रेनिंग के लिए बुलाते हैं. इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस या एसपी छतरपुर की वेबसाइट में मैसेज डाल सकते हैं.

सबसे पहले यातायात थाना परिसर के भीतर बने ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग होती है फिर ट्रैफिक पार्क विजिट किया जाता है. स्कूल के बच्चे तो यहां विजिट करने आते ही रहते हैं. यहां ट्रैफिक पार्क के साथ ही प्रोजेक्टर के माध्यम से वीडियो दिखाकर भी रोड सेफ्टी की जानकारी दी जाती है.

हाईटेक बनाया गया पार्क
आकाश बताते हैं कि यह पार्क केवल मनोरंजन का स्थान नहीं है, बल्कि बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण पाठ सिखाने का माध्यम भी है. इस पार्क में चित्रों और मॉडलों के जरिए ट्रैफिक नियमों को सरल और रोचक तरीके से समझाया गया है. आकाश बताते हैं कि यहां रेड, ग्रीन और यलो सिग्नल के अलावा व्हाइट सिग्नल भी लगाया गया है. ये सिग्नल रोबोट व्हीकल के लिए है. आने वाले समय में ये सिग्नल भी देखने को मिलेगा.

ट्रैफिक पार्क की खासियत
आकाश बताते हैं कि इस पार्क की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्रैक्टिकल लर्निंग व्यवस्था है. यहां सड़क किनारे लगाए जाने वाले सभी महत्वपूर्ण ट्रैफिक संकेतक और बोर्ड प्रदर्शित किए गए हैं, ताकि लोग उन्हें देखकर आसानी से समझ सकें. ट्रैफिक लाइट और विभिन्न सिग्नलों के कार्य करने के तरीके को भी विस्तार से समझाया गया है. साथ ही पार्क का डिज़ाइन इस तरह से तैयार किया गया है कि यहां आने वाला व्यक्ति प्राकृतिक वातावरण, हरियाली और सुखद माहौल का आनंद ले सकें.

यातायात नियमों को सीखने का आसान तरीका
आकाश बताते हैं इस पार्क को एक रोड सेफ्टी ट्रेनिंग सेंटर के रूप में तैयार किया गया है. इससे बच्चे और युवा पार्क में मॉडल, संकेत चिह्न और चित्रों के माध्यम से समझते हैं कि सड़क पर चलते समय किन नियमों का पालन करना चाहिए. साथ ही यहां बच्चों को सिखाया जाता है कि वे ट्रैफिक सिग्नल, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और अन्य नियमों का सही तरीके से पालन कैसे करें.

आकाश बताते हैं कि इस पार्क में ऐसी व्यवस्थाएं और शिक्षाप्रद मॉडल शामिल किए गए हैं, जो सामान्य पार्कों में देखने को नहीं मिलते हैं. यहां आकर ऐसा अनुभव होता है, मानो हम किसी बड़े शहर के आधुनिक ट्रैफिक प्रशिक्षण केंद्र में घूम रहे हों.



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