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Methi Besan Muthiya Nimad Recipe: बरसात के मौसम में निमाड़ के बुरहानपुर में खान-पान का अंदाज बदल जाता है, जहां मेथी और बेसन से तैयार होने वाली मुठिया खास तौर पर पसंद की जाती है. यह पारंपरिक व्यंजन स्वाद के साथ लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और इसे चाय या चटनी के साथ खाया जा सकता है.
Methi Besan Muthiya Nimad Recipe: जैसे ही बरसात का मौसम शुरू होता है निमाड़ के बुरहानपुर में खान-पान का अंदाज भी बदल जाता है. बारिश के मौसम में यहां कई पारंपरिक व्यंजन लोगों की पसंद बन जाते हैं. इन्हीं में से एक है मेथी और बेसन से तैयार होने वाली मुठिया जिसे बुरहानपुर और निमाड़ अंचल में खास तौर पर पसंद किया जाता है.
एक्सपर्ट महिल ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम को एक्सपर्ट महिला वंदना ने जानकारी देते हुए बताया कि मुठिया बनाने के लिए मुख्य रूप से बेसन, मेथी की भाजी और गेहूं का जाड़ा आटा इस्तेमाल किया जाता है. इसके साथ जीरा, धनिया, हरी मिर्च का पेस्ट, नमक और तेल की जरूरत होती है. सबसे पहले मेथी की भाजी को साफ करके बारीक काट लिया जाता है. इसके बाद एक बर्तन में बेसन गेहूं का जाड़ा आटा कटी हुई मेथी जीरा धनिया हरी मिर्च का पेस्ट और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है.
ऐसी सामग्री मिलाकर किया जाता है तैयार
आवश्यकतानुसार पानी डाला जाता है और इसका मिश्रण तैयार किया जाता है. इसके बाद हाथों से छोटे-छोटे आकार की मुठिया बनाई जाती हैं. तैयार मुठिया को तेल में डालकर अच्छी तरह तला जाता है. जब इनका रंग सुनहरा हो जाता है तो इन्हें निकाल लिया जाता है. इस पारंपरिक व्यंजन की खासियत इसका स्वाद और आसानी से तैयार होना है. स्थानीय लोगों के अनुसार, अच्छी तरह तैयार और सुरक्षित रखी गई मुठिया कई दिनों तक इस्तेमाल की जा सकती हैं. इसी वजह से बारिश के दिनों में इन्हें घरों में बनाकर रखा भी जाता है.
गरमा-गरम मुठिया को चाय हरी चटनी या अपनी पसंद की चटनी के साथ खाया जा सकता है. बारिश की फुहारों के बीच चाय के साथ निमाड़ की यह पारंपरिक डिश खाने का अपना अलग ही आनंद है. खास बात यह है कि इसके लिए सामग्री भी आसानी से घर में उपलब्ध हो जाती है. यही वजह है कि मेथी-बेसन की मुठिया आज भी निमाड़ के पारंपरिक स्वाद की पहचान बनी हुई है.