उज्जैन. मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को हुए उपद्रव की जांच में सोशल मीडिया कनेक्शन सामने आया है. पुलिस का दावा है कि शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश में उज्जैन के बाहर से आए कुछ लोग भी शामिल थे. सोमवार को दिनभर चले हंगामे, पथराव और पुलिस कार्रवाई के बाद उज्जैन के तीन थानों महाकाल, खाराकुआं और कोतवाली में कुल 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं. पुलिस के मुताबिक, इनमें पांच एफआईआर सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ हैं जबकि तीन एफआईआर सोमवार को हुई घटनाओं से जुड़ी हैं.
पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले करीब एक सप्ताह से शाही मस्जिद को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो और पोस्ट शेयर किए जा रहे थे. लोगों से बड़ी संख्या में छत्री चौक पहुंचने की अपील की जा रही थी. पुलिस के अनुसार, कुछ कंटेंट क्रिएटर्स ने ऐसे वीडियो भी प्रसारित किए, जिनमें जेसीबी आने की बात कहकर लोगों से तत्काल मस्जिद पहुंचने की अपील की गई. सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भीड़ जुटाने और माहौल को प्रभावित करने के आरोप में पुलिस ने कई अकाउंट्स को जांच के दायरे में लिया है.
इन कंटेंट क्रिएटर्स पर FIR
पुलिस के मुताबिक, साजिद खान, इमरान, गुलरेज खान और सोशल मीडिया पर सक्रिय अन्य कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ भ्रामक जानकारी फैलाने और सामाजिक और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में बीएनएस की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है.
छत्री चौक पहुंचने की अपील
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट भी मिले हैं, जिनमें लोगों से अधिक से अधिक संख्या में छत्री चौक पहुंचने की अपील की गई थी. एक पोस्ट में 27 सितंबर को छत्री चौक में ज्यादा से ज्यादा लोगों के पहुंचने की बात कही गई जबकि एक अन्य वीडियो में रात करीब दो बजे बड़ी संख्या में लोगों के मस्जिद पहुंचने का आह्वान किया गया. इसके बाद सोमवार सुबह जैसे ही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की खबर फैली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटने लगे और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
बाहर से आए लोगों पर भी पुलिस की नजर
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि कुछ लोग दूसरे शहरों से उज्जैन पहुंचकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने देवास रोड पर ऐसे पांच लोगों को पकड़ा, जिनके बारे में पुलिस को संदेह था कि वे बाहर से आकर शहर में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. एसपी के मुताबिक, पूरे इलाके में करीब 2500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे. अगले शिफ्ट में भी इसी स्तर का पुलिस बल तैनात रखने की तैयारी है.
8 FIR और 15 से ज्यादा गिरफ्तार
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को लेकर कुल 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं. इनमें पांच एफआईआर सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ हैं जबकि तीन एफआईआर सोमवार की घटना से संबंधित हैं. इनमें एक मामला काजी के घर पर जाकर नारेबाजी और हमला करने से जुड़ा है. पुलिस के मुताबिक, करीब 20 लोगों को नामजद किया गया है और 15 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर
पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल लगातार ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख रही है. पुलिस ने साफ किया है कि अफवाह, भ्रामक वीडियो या आपत्तिजनक कंटेंट के जरिए माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
क्या उपद्रव पहले से प्लान था?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शाही मस्जिद को लेकर पिछले 7 दिनों से सोशल मीडिया पर चल रही मुहिम महज विरोध तक सीमित थी या फिर सोमवार को हुए उपद्रव की कोई पूर्व तैयारी की गई थी. पुलिस अब सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, अकाउंट्स और सोमवार को मौके पर मौजूद लोगों के बीच कनेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है.
मस्जिद कमेटी ने प्रशासन से मांगा था समय
वहीं शाही मस्जिद की नुमाइंदा कमेटी के सदस्य फहीम सिकंदर ने कहा कि प्रशासन की ओर से प्रभावित हिस्से को हटाने का काम कमेटी के जरिए करने की बात हुई थी. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए प्रशासन के काम में सहयोग किया जाएगा. फहीम सिकंदर के मुताबिक, मस्जिद का संबंधित हिस्सा आरबीसी निर्माण का है और इसे सावधानी से हटाया जा रहा है. कमेटी की ओर से करीब 7-8 दिन का समय मांगा गया था. हालांकि दो-चार दिन का अंतर होने की बात भी कही गई थी.
फिलहाल शाही मस्जिद विवाद में पुलिस कार्रवाई तेज है. सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और पूरे इलाके में भारी पुलिसबल तैनात है. अब जांच का फोकस इस बात पर है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए संदेशों का जमीन पर हुए उपद्रव से कितना सीधा संबंध था.