टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 विकेटकीपर, 59 साल से नहीं टूटा विश्व कीर्तिमान

टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 विकेटकीपर, 59 साल से नहीं टूटा विश्व कीर्तिमान


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5 wicketkeeper Most runs in a test series: टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपिंग का कठिन जिम्मा निभाते हुए बड़ी पारियां खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए असाधारण उपलब्धि है. दक्षिण अफ्रीका के डेनिस लिंडसे ने 1966-67 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक सीरीज में किसी विकेटकीपर की ओर से सर्वाधिक रनों का अटूट रिकॉर्ड कायम किया. इसके अलावा एंडी फ्लावर, भारत के बुधी कुंदेरन, ब्रैड हैडिन और एफसीएम अलेक्जेंडरने भी एक ही सीरीज में अपने बल्ले से इतिहास रचा. टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 विकेट कीपर के बारे में आइए जानते हैं.

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किसी एक टेस्ट सीरीज में सबसे अधिक रन बनाने वाले 5 विकेट कीपर बल्लेबाजों की लिस्ट. (AFP)

नई दिल्ली. विकेटकीपिंग क्रिकेट की दुनिया का सबसे कठिन और थकाऊ काम माना जाता है. मैच के पूरे दिन स्टंप्स के पीछे उठना-बैठना और हर गेंद पर ध्यान बनाए रखना ही किसी खिलाड़ी के शरीर और दिमाग को निचोड़ देता है. ऐसे में अगर कोई खिलाड़ी विकेटकीपिंग का भारी जिम्मा उठाते हुए बल्ले से रनों की बरसात कर दे, तो वह इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाता है. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसे कई महान विकेटकीपर-बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने एक ही सीरीज में अपने बल्ले से विरोधियों को पस्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया. टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के 5 विकेट कीपर ये हैं.

इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी डेनिस लिंड्से (Denis Lindsay) का. साल 1966-67 में ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण अफ्रीका दौरे पर 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में डेनिस लिंडसे ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो टेस्ट क्रिकेट में एक मिसाल बन गया. उन्होंने सीरीज की 7 पारियों में रिकॉर्ड 606 रन बनाए. उनका औसत 86.57 का रहा और उन्होंने 76.52 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से रन बटोरे. इस सीरीज में लिंडसे के बल्ले से 3 शानदार शतक और 2 अर्धशतक निकले, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 182 रन था. उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए 61 से ज्यादा चौके और 12 लंबे छक्के जड़े. एक विकेटकीपर के रूप में एक ही सीरीज में 600 से अधिक रन बनाने का उनका यह वर्ल्ड रिकॉर्ड आज तक कोई नहीं तोड़ सका है.

एंडी फ्लावर ने भारत के खिलाफ खेली रिकॉर्ड पारी
डेनिस लिंडसे के बाद इस लिस्ट में दूसरा नाम जिम्बाब्वे के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में शुमार एंडी फ्लावर (Andy Flower) का है. साल 2000-01 में जब जिम्बाब्वे की टीम भारत दौरे पर आई थी, तो एंडी फ्लावर ने अपनी बल्लेबाजी से भारतीय स्पिनरों की तमाम रणनीतियों को ध्वस्त कर दिया था. केवल 2 मैचों की इस छोटी सी टेस्ट सीरीज की 4 पारियों में उन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया. इनमें से 2 पारियों में वे नाबाद रहे और कुल 540 रन बनाए. इस सीरीज में उनका बल्लेबाजी औसत 270.00 का रहा, जो अपने आप में एक अविश्वसनीय आंकड़ा है. फ्लावर ने 1021 गेंदों का सामना करते हुए 52.88 के स्ट्राइक रेट से रन जुटाए. इस सीरीज में उनके बल्ले से 2 शतक और 2 अर्धशतक निकले, जिसमें 232 रनों की नाबाद महाकाय पारी भी शामिल थी. पूरी सीरीज में उन्होंने 70 चौके और 7 छक्के लगाकर अपनी तकनीकी श्रेष्ठता का लोहा मनवाया.

बुधी कुंदेरन ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में किया धमाका
इस ऐतिहासिक सूची में तीसरा नाम भारत के आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज बुधी कुंदेरन (Budhi Kunderan) का है. 1963-64 में जब इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर आई, तो बुधी कुंदेरन को एक सलामी बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में जिम्मेदारी मिली. 5 टेस्ट मैचों की 10 पारियों में उन्होंने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 525 रन बनाए. 52.50 के औसत से रन बनाने वाले कुंदेरन ने सीरीज में 2 शतक और 1 अर्धशतक जमाया. सीरीज में उनका सर्वोच्च स्कोर 192 रन था. उन्होंने इंग्लिश गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और पूरी सीरीज के दौरान 79 चौके तथा 1 गगनचुंबी छक्का जड़ा. भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक विकेटकीपर द्वारा किसी सीरीज में बनाया गया यह सबसे यादगार और बड़ा स्कोर माना जाता है.

ब्रैड हैडिन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मचाया तहलका
चौथे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के जुझारू खिलाड़ी ब्रैड हैडिन (Brad Haddin) का नाम आता है. साल 2013-14 की मशहूर एशेज सीरीज में, जब इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया पहुंची, तब ब्रैड हैडिन ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े संकटमोचन बनकर उभरे. जब भी ऑस्ट्रेलिया का ऊपरी क्रम लड़खड़ाता, हैडिन निचले क्रम में आकर मैच का पासा पलट देते. 5 मैचों की 8 पारियों में उन्होंने 61.62 की औसत से 493 रन ठोके. 71.55 के आक्रामक स्ट्राइक रेट और 689 गेंदों का सामना करते हुए उन्होंने 1 शतक और 5 अर्धशतक जमाए. 118 रन के उच्चतम स्कोर के साथ उन्होंने पूरी सीरीज में 53 चौके और 9 छक्के लगाकर कंगारू टीम को एशेज सीरीज में 5-0 से ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

एफसीएम अलेक्जेंडर ने ऑस्ट्रेलिया में खेली शानदार पारी
इसी लिस्ट में पांचवां नाम वेस्टइंडीज के एफसीएम अलेक्जेंडर (FCM Alexander) का है. साल 1960-61 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई वेस्टइंडीज टीम के लिए अलेक्जेंडर ने स्टंप्स के पीछे जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ बल्ले से भी बेमिसाल धैर्य का परिचय दिया. 5 मैचों की 10 पारियों में 2 बार नाबाद रहते हुए उन्होंने 484 रन बनाए. 60.50 के औसत और 44.68 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए अलेक्जेंडर ने अपनी टीम को कई मौकों पर संभाला. उन्होंने सीरीज में 1 शतक और 5 अर्धशतक लगाए, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 108 रन रहा. अपनी इस टिकाऊ पारी के दौरान उन्होंने 42 चौके और 1 छक्का जमाया.



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