Surendra Koli Death | Nithari Case

Surendra Koli Death | Nithari Case


Last Updated:

Surendra Koli Pass Away: निठारी कांड के सुरेंद्र कोली हरिद्वार में मृत पाए गए. उनका शव चाय के खोखे में म‍िला है. बताया जा रहा है क‍ि वह पास की झुग्‍गि‍यों में रहता था और उसका पर‍िवार अलमोड़ में रहता था. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है और शव को पोस्‍टमार्टम के ल‍िए भेज द‍िया है.

नई द‍िल्‍ली. नोएडा के निठारी कांड से जुड़े मामलों में लंबे समय तक चर्चा में रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत की खबर ने एक बार फिर पुराने मामले की यादें ताजा कर दी हैं. शुक्रवार सुबह हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में एक चाय के खोखे के अंदर सुरेंद्र कोली का शव फंदे से लटका मिला. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जानकारी में पुलिस इसे आत्महत्या मानकर जांच कर रही है, लेकिन शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के मुताबिक हर एंगल से जांच की जा रही है.

सवाल यह है कि नोएडा के चर्चित निठारी कांड से जुड़ा सुरेंद्र कोली आखिर हरिद्वार कैसे पहुंचा और यहां क्या कर रहा था? सामने आई जानकारी के मुताबिक, कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में रह रहा था. बताया गया है कि उसने इलाके में एक छोटी सी चाय की दुकान यानी खोखा पर काम करता था और उसी से अपना गुजारा कर रहा था. वह पास की एक झुग्गी में भी रह रहा था.

शुक्रवार सुबहह आख‍िर हुआ क्‍या था?
शुक्रवार सुबह आसपास के लोगों को चाय के खोखे के अंदर कुछ संदिग्ध नजर आया. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो अंदर एक व्यक्ति फंदे से लटका मिला. उसकी पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मौके से कोई सुसाइड नोट मिलने की बात सामने नहीं आई है.

कोली को अदालत ने कर द‍िया था बरी
नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े आखिरी लंबित मामले में उसकी दोषसिद्धि को भी खारिज कर दिया था. कोर्ट के फैसले के बाद उसकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ था. निठारी कांड वर्ष 2006 में तब सामने आया था, जब नोएडा के निठारी इलाके में एक नाले के पास मानव अवशेष मिले थे. इस मामले में सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर पर कई गंभीर आरोप लगे थे. हालांकि, बाद की न्यायिक प्रक्रिया में कोली को मामलों में बरी किया गया और नवंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उसके खिलाफ निठारी से जुड़ा आखिरी लंबित मामला भी खत्म हो गया.

अब हरिद्वार में उसकी मौत के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह यहां कब आया था, किसके संपर्क में था और चाय का खोखा कब से चला रहा था. फिलहाल पुलिस ने मौत के कारणों और घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी.



Source link