18, 22 या 24 कैरेट, क्या है अंतर? सोना खरीदते वक्त ऐसे परखें शुद्धता, हॉलमार्क और HUID भी जानें

18, 22 या 24 कैरेट, क्या है अंतर? सोना खरीदते वक्त ऐसे परखें शुद्धता, हॉलमार्क और HUID भी जानें


दिल्ली. सोना खरीदते समय अक्सर लोगों के मन में कई सवाल होते हैं. 18 कैरेट और 22 कैरेट सोने में क्या अंतर है, किसमें कितनी शुद्धता होती है. BIS Hallmark और HUID नंबर क्यों जरूरी है. अगर आप भी पहली बार सोना खरीदने जा रहे हैं तो इन सवालों के जवाब जानना आपके लिए काफी जरूरी हैं. सोना खरीदने को लेकर सही जानकारी के लिए हमने दिल्ली के ज्वेलर नीरज सोनी से बात की. उन्होंने बताया कि 18 कैरेट और 22 कैरेट दोनों तरह की ज्वेलरी हॉलमार्क वाली हो सकती है, लेकिन दोनों में सोने की शुद्धता अलग होती है. विस्तार से समझते हैं.

18 कैरेट सोने में कितनी होती है शुद्धता
नीरज सोनी के मुताबिक, 18 कैरेट सोने पर 750 का मार्क होता है. इसका मतलब है कि इसमें करीब 75 फीसदी शुद्ध सोना होता है, जबकि बाकी हिस्सा दूसरी धातुओं के मिश्रण से बना होता है. इन धातुओं की वजह से ज्वेलरी को मजबूती और अलग तरह की फिनिश मिलती है. मजबूती के लिए इस तरह की ज्वेलरी लोग चुनते हैं. खासकर जब ऑर्डर देकर कोई आइटम बनवाते हैं तो 18 कैरेट का चुनाव किया जाता है ताकि आइटम रोज के इस्तेमाल के लिए मजबूत बने.

22 कैरेट में कितनी होती है शुद्धता
वहीं, 22 कैरेट सोने की शुद्धता 916 के तौर पर बताई जाती है. यानी इसमें करीब 91.6 फीसदी सोना होता है और बाकी हिस्सा दूसरी धातुओं का होता है. 22 कैरेट का इस्तेमाल पारंपरिक सोने की ज्वेलरी में काफी किया जाता है. ज्वेलर के मुताबिक, 18 और 22 कैरेट दोनों के अपने फायदे हैं. बढ़ती सोने की कीमतों के बीच अब कुछ ग्राहक 22 कैरेट की जगह 18 कैरेट ज्वेलरी को भी विकल्प के तौर पर देख रहे हैं. इसकी एक वजह बजट भी है. हालांकि, सोना खरीदते समय सिर्फ कैरेट देखकर फैसला करने के बजाय हॉलमार्क और दूसरी जरूरी जानकारी भी जांचनी चाहिए.

24 कैरेट सोना ज्वेलरी में क्यों नहीं
24 कैरेट को आम तौर पर सबसे ज्यादा शुद्ध सोना माना जाता है, लेकिन इसकी प्रकृति बहुत नरम होने के कारण रोजाना पहनी जाने वाली ज्वेलरी बनाने के लिए इसे उसी रूप में इस्तेमाल करना मुश्किल होता है. ज्वेलरी को ज्यादा मजबूत बनाने के लिए दूसरी धातुओं का मिश्रण किया जाता है.

BIS Hallmark क्यों है जरूरी
सोना खरीदते समय BIS Hallmark पर जरूर ध्यान देना चाहिए. नीरज सोनी के मुताबिक, ग्राहक को ज्वेलरी पर दिए गए हॉलमार्क मार्किंग को ध्यान से देखना चाहिए. जरूरत पड़ने पर ज्वेलर से मैग्नीफाइंग ग्लास मांगकर भी मार्किंग को देखा जा सकता है.

क्या है HUID नंबर
ज्वेलरी खरीदते समय HUID यानी Hallmark Unique Identification नंबर की जांच करना भी महत्वपूर्ण है. यह एक अल्फान्यूमेरिक कोड होता है, जिसके जरिए हॉलमार्क की गई ज्वेलरी की पहचान और उससे जुड़ी जानकारी को BIS के सिस्टम में ट्रैक किया जा सकता है. ग्राहक BIS के आधिकारिक माध्यम से HUID की जानकारी को वेरिफाई कर सकते हैं. ज्वेलरी पर मौजूद इस कोड को खरीदारी के समय जरूर चेक करना चाहिए.

सोना खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
नीरज सोनी के मुताबिक, सोना खरीदते समय ग्राहक को कुछ बुनियादी चीजें जरूर जांचनी चाहिए. सबसे पहले देखें कि ज्वेलरी हॉलमार्क वाली है या नहीं. इसके बाद HUID नंबर चेक करें और यह भी सुनिश्चित करें कि जो कैरेट बताया जा रहा है, ज्वेलरी उसी कैरेट की है.

इसके अलावा खरीदारी के दिन 18 या 22 कैरेट सोने का बाजार भाव भी अलग-अलग भरोसेमंद स्रोतों से चेक किया जा सकता है. ज्वेलरी का वजन और कीमत मिलाने के बाद पक्का बिल जरूर लें.



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