ये गंगा एक्सप्रेसवे है या फिर 36000 करोड़ का तालाब? बीच सड़क पर मछली पकड़ रहे लोग, खुल गई सिस्टम की पोल

ये गंगा एक्सप्रेसवे है या फिर 36000 करोड़ का तालाब? बीच सड़क पर मछली पकड़ रहे लोग, खुल गई सिस्टम की पोल


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Ganga Expressway News: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में लगातार बारिश के बीच गंगा एक्सप्रेस-वे के बशीरतगंज इंटरचेंज के आसपास जलभराव होने पर कुछ लोग पानी में जाल डालकर मछली पकड़ते दिखाई दिए. घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है.

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गंगा एक्सप्रेसवे पर मछली पकड़ते लोग.

उन्नाव: उत्तर प्रदेश का गंगा एक्सप्रेसवे जब से बनकर तैयार हुआ है, तब से चर्चा का विषय बना हुआ है. शुरुआती दौर में सोशल मीडिया पर लोगों ने गंगा एक्सप्रेसवे की जमकर तारीफ की. वहीं जैसे-जैसे सूबे में मानसूनी बारिश तेज होती गई. वैसे-वैसे इस एक्सप्रेसवे का पोल खुलता गया. हजारों करोड़ों रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे आए दिन जगह-जगह से टूटता रहा, जिसको लेकर विपक्ष ने भी जमकर निशाना साधा. वहीं अब यह एक्सप्रेसवे तालाब बन गया है. क्योंकि इस 36 हजार करोड़ की सड़क पर लोग मछली मार रहे हैं.

गंगा एक्सप्रेसवे का वीडियो हो गया वायरल
दरअसल, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है. आलम यह है कि कई जिलों में लोगों के घुटनों तक पानी पहुंच गया है. लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. इस बीच गंगा एक्सप्रेसवे का भी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. वायरल हुए वीडियो में गंगा एक्सप्रेसवे के जल निकासी व्यवस्था की पोल उस वक्त खुल गई, जब पूरी सड़क पर कमर तक पानी भर गया. लोगों को इस आपदा में ऐसा अवसर दिखा कि लोग जाल लेकर मछली मारने पहुंच गए. बता दें कि यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक जाता है. महज 6 से 7 घंटे में कई सौ किलोमीटर की दूरी इस एक्सप्रेसवे के जरिए पूरी हो जाती है.

लोग बीच एक्सप्रेसवे पर मछली पकड़ने लगे लोग
जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह सोनिक टोल गेट के पास का है, जहां लोग मछली पकड़ रहे हैं. टोल गेट व औद्योगिक गलियारा सर्विस रोड में हुए जलभराव में ग्रामीण जाल लगाकर मछ्ली पकड़ रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारिश व जलभराव के कारण रविवार दोपहर इंटरचेंज और औद्योगिक गलियारे की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई.

अखिलेश यादव ने साधा निशाना
उन्होंने बताया कि जलभराव के बीच जाल डालकर मछली पकड़ते लोगों का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया. समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर कहा कि शहरों में जलभराव का मुख्य कारण अधिक बारिश नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कथित भ्रष्टाचार के कारण जल निकासी व्यवस्था का विफल होना है. यादव ने कहा कि विभिन्न प्रकार के प्रदूषण और नालों के नदियों में गिरने से गाद जमा होने के कारण जल प्रवाह बुरी तरह प्रभावित हुआ है.



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